राम मंदिर के दान में कथित घोटाले पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा कदम, दोषियों को फांसी की मांग के लिए देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान का एलान दिल्ली के रोहिणी में सुंदरकांड पाठ के बाद अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए एक बड़े अभियान की घोषणा की। दिल्ली के एक धार्मिक मंच से AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर के दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार और मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ तीखा मोर्चा खोल दिया है। रोहिणी के जापानी पार्क में आयोजित सुंदरकांड पाठ के समापन पर अरविंद केजरीवाल ने एक बड़े देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की घोषणा की। इस अभियान के तहत देशभर के नागरिकों से हस्ताक्षर कराकर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा जाएगा, जिसमें मंदिर के दान में हुई कथित हेराफेरी की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में मंदिर के कोष प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए और इसे आस्था पर एक बड़ा आघात बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के लिए अत्यंत सस्ती जमीनों को बहुत ऊंचे दामों पर खरीदा गया, जिससे दान के पैसे का दुरुपयोग हुआ। इसके अलावा, उन्होंने निर्माण कार्यों में चालीस प्रतिशत कमीशनखोरी का सीधा आरोप लगाया और कहा कि मंदिर परिसर के भीतर चोरी की कई वारदातें भी सामने आ चुकी हैं। AAP नेता के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया उन करोड़ों रामभक्तों के साथ विश्वासघात है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के चरणों में अर्पित किया था। दोषियों को फांसी की सजा और दैवीय आदेश का हवाला आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि संबंधित तंत्र दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल मामले को कमजोर करने के उद्देश्य से कुछ फर्जी प्राथमिकियां भी दर्ज कराई गईं। उन्होंने कहा कि जब शासन-प्रशासन अपने ही सहयोगी संगठनों के लोगों पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है, तो ऐसी स्थिति में आम भक्तों को आगे आना होगा। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हर भक्त को यह संकल्प लेना चाहिए कि जब तक इस पवित्र कार्य में डकैती डालने वालों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने इसे भगवान श्रीराम चंद्रजी का आदेश बताते हुए आध्यात्मिक रूप से पेश किया, हालांकि मंच से आरोपों की पुष्टि के लिए कोई नया साक्ष्य या दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया। राजनीति से परे आस्था का साझा अभियान मंच से अपनी बात रखते हुए अरविंद केजरीवाल ने लोगों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक सच्चे रामभक्त के रूप में इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक दल का आयोजन नहीं है बल्कि करोड़ों लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने उपस्थित लोगों से प्रधानमंत्री के नाम लिखे गए पत्र पर हस्ताक्षर करने का आग्रह करते हुए कहा कि भगवान के घर में चोरी करना एक महापाप है, जिसकी सजा बेहद सख्त होनी चाहिए। उनके अनुसार, इस देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान का एकमात्र उद्देश्य उन लोगों की आवाज को एकजुट करना है जो इस कथित भ्रष्टाचार से आहत महसूस कर रहे हैं। बीजेपी का पलटवार और राजनीतिक मंशा का आरोप दूसरी तरफ, इस पूरे आयोजन को लेकर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल के इस कार्यक्रम को पूरी तरह से राजनीतिक पैंतरेबाजी करार दिया है। दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि सुंदरकांड पाठ का आयोजन धार्मिक भावना से प्रेरित न होकर पूरी तरह से आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी खिसकती हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने के लिए इस तरह के धार्मिक मंचों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही बीजेपी ने सवाल उठाया कि साल 2024 में दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी के सभी सत्तर विधानसभा क्षेत्रों में नियमित रूप से सुंदरकांड पाठ कराने का जो भव्य एलान किया गया था, उसे बाद में क्यों बंद कर दिया गया। बीजेपी का आरोप है कि AAP केवल चुनावी फायदे के लिए ही धार्मिक आयोजनों का सहारा लेती है और काम निकल जाने के बाद उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देती है। इसका आप पर असर • पूरे भारत में: मंदिर कोष को लेकर चल रहे इस राजनीतिक विवाद से धार्मिक दान और ट्रस्टों की पारदर्शिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो सकती है। • दिल्ली में: आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को लामबंद करने के प्रयास तेज होने से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है। सवाल-जवाब 1. अरविंद केजरीवाल हस्ताक्षर अभियान क्यों शुरू कर रहे हैं? वह राम मंदिर के दान में हुई कथित हेराफेरी की सख्त जांच और दोषियों को फांसी जैसी कड़ी सजा की मांग के लिए यह अभियान चला रहे हैं। 2. अरविंद केजरीवाल ने ये घोषणाएं कहां कीं? उन्होंने यह घोषणाएं दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में आयोजित सुंदरकांड पाठ के बाद कीं। 3. मंदिर के कोष को लेकर क्या विशिष्ट आरोप लगाए गए हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि बेहद सस्ती जमीनें ऊंचे दामों पर खरीदी गईं, निर्माण में चालीस प्रतिशत कमीशन लिया गया और मंदिर परिसर में चोरी की घटनाएं हुईं। 4. इन आरोपों पर बीजेपी ने क्या प्रतिक्रिया दी? दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसे आगामी चुनावों के लिए एक राजनीतिक हथकंडा बताया और सवाल उठाया कि दिल्ली सरकार ने 2024 में शुरू किए गए अपने साप्ताहिक सुंदरकांड पाठ को क्यों बंद कर दिया। https://trendkia.com/politics/ram-mandir-ke-dana-men-kathita-ghotale-para-arvind-kejriwal-ka-bara-kadama-doshiyon-ko-phansi-ki-manga-ke-lie-deshavyapi-hastaksha-7122 TrendKia — Har trend, sabse pehle.