# एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को सुनाई खरी-खोटी, मनीष तिवारी ने की विदेश मंत्री के सख्त रुख की तारीफ

> संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक पाकिस्तानी पत्रकार के बेतुके सवाल का करारा जवाब दिया। इस कड़े रुख पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी समर्थन जताते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताया।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/s-jaishankar-slams-pakistan-at-un-congress-leader-manish-tiwari-praises-strong-stance-39047 · **Language:** Hindi
**Tags:** एस जयशंकर, संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्तान आतंकवाद, मनीष तिवारी, सिंधु जल समझौता, शहबाज शरीफ, भारत कूटनीति

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को उसी के अंदाज में बेबाक जवाब दिया। न्यूयॉर्क में आयोजित इस वैश्विक मंच पर एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर झूठे और निराधार आरोप लगाए, लेकिन एस. जयशंकर ने अपने एक ही वाक्य से उसका मुंह पूरी तरह बंद कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से दो टूक शब्दों में कहा कि एक आतंकवादी देश इस तरह का सवाल पूछ रहा है। इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल तुरंत सभाकक्ष से बाहर निकल गया। देश के भीतर भी विदेश मंत्री के इस आक्रामक और कड़े तेवर की जमकर सराहना हो रही है। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने भी एस. जयशंकर के इस कूटनीतिक रुख की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। मनीष तिवारी ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की पुरानी और कुटिल फितरत पूरे दक्षिण एशिया में आतंकवाद को पोषित करने की रही है। इस राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पूरा देश बिना किसी मतभेद के एक स्वर में खड़ा नजर आ रहा है।

## संयुक्त राष्ट्र में क्या हुआ था पूरा घटनाक्रम
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जब कूटनीतिक बैठकों का दौर चल रहा था, तब माहौल सामान्य था। इसी दौरान एक पाकिस्तानी मीडियाकर्मी ने एस. जयशंकर के सामने एक बेहद हास्यास्पद और बेतुका सवाल उछाल दिया। उसने पूछा कि भारत आखिरकार पड़ोसी मुल्क में अशांति फैलाना कब बंद करेगा। इस पर एस. जयशंकर ने एक पल की भी देर किए बिना बेहद तीखा पलटवार किया। विदेश मंत्री ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। इस तीखे और कड़े जवाब के मिलते ही पूरी सभा में सन्नाटा छा गया। इसके तुरंत बाद एस. जयशंकर और अन्य भारतीय प्रतिनिधि अपनी कुर्सियों से उठे और कक्ष से बाहर चले गए। वह पाकिस्तानी पत्रकार भौचक्का रह गया और पीछे से अपने बेतुके सवाल को दोहराता ही रह गया। विदेश मंत्री का यह बेखौफ अंदाज इस समय पूरी दुनिया में प्रमुखता से चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

## मनीष तिवारी ने पाकिस्तान पर खोले बड़े राज
एस. जयशंकर के इस साहसी बयान के ठीक बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का भी एक कड़ा बयान सामने आया। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार वर्ष 1971 में बांग्लादेश के अभ्युदय के बाद से पाकिस्तान मानसिक रूप से बौखलाया हुआ है। उसके बाद से ही उस देश ने भारत को लगातार हजार घाव देकर कमजोर करने की सुनियोजित नीति अपनाई है। मनीष तिवारी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा आतंकवादी मुल्क है जहाँ सेना देश की नहीं है, बल्कि पूरा देश ही उस सेना के अधीन और नियंत्रण में चलता है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को यह भी याद दिलाया कि दुनिया का सबसे कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के ही एबटाबाद शहर में सुरक्षित छिपा बैठा था। अमेरिकी कमांडो दस्ते ने उसी के घर के अंदर घुसकर उस खूंखार आतंकी को मौत के घाट उतार दिया था। इन अकाट्य ऐतिहासिक तथ्यों के मद्देनजर पाकिस्तान के पास आतंकवाद के मुद्दे पर भारत से सवाल पूछने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचता है।

## सिंधु जल समझौते पर शहबाज शरीफ की धमकी का भारत का जवाब
संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर भी जमकर जहर उगला था। शहबाज शरीफ ने भारत को खुली धमकी देते हुए कहा था कि देश का पानी रोकने के किसी भी प्रयास को युद्ध की घोषणा मान लिया जाएगा। इस बचकानी और गीदड़भभकी पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भारत सरकार के उठाए गए कूटनीतिक कदमों को पूरी तरह से सही और सटीक ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंधु जल समझौते को फिलहाल रोककर रखना भारत का एक बेहद बेहतरीन और नपा-तुला कूटनीतिक कदम है। इसके माध्यम से पाकिस्तान को बहुत स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यदि वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, तो उसे भारी आर्थिक और सामरिक नुकसान उठाना पड़ेगा। खून और पानी कभी भी एक साथ नहीं बह सकते हैं। भारत ने अपनी शानदार कूटनीति के बल पर वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान की चतरफ से पूरी तरह घेराबंदी कर दी है जिससे वह हर मोर्चे पर घिर चुका है।

## इसका आप पर असर
भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक हालात पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारत में:** देश के आम नागरिकों के लिए यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक दृढ़ता के एक कड़े संदेश को दर्शाती है। इससे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति को जनता का व्यापक समर्थन मिलता है।
- **अंतरराष्ट्रीय स्तर पर:** वैश्विक मंचों पर भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति और अधिक कमजोर होती है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और भू-राजनीतिक विश्लेषकों को यह संदेश जाता है कि भारत अपनी सुरक्षा के मुद्दों पर किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर इस कड़े टकराव का मुख्य कारण लंबे समय से चला आ रहा सीमा पार आतंकवाद और सिंधु जल समझौते जैसे मुद्दों पर गहराता भू-राजनीतिक विवाद है।

- **आतंकवाद का मुद्दा:** पाकिस्तान द्वारा लगातार भारत में अशांति फैलाने के प्रयासों और झूठे आरोपों ने इस तीखी प्रतिक्रिया को अनिवार्य बना दिया।
- **ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:** वर्ष 1971 के बाद से पाकिस्तान की स्थापित नीति भारत को कमजोर करने की रही है, जिसे ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद प्रकरण जैसे वाकयों ने बार-बार उजागर किया है।
- **संधि विवाद:** सिंधु जल समझौते को होल्ड पर रखने जैसे कड़े कूटनीतिक फैसलों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. संयुक्त राष्ट्र के किस सत्र में एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को जवाब दिया?
एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया।

### 2. पाकिस्तानी रिपोर्टर ने क्या सवाल पूछा था?
पाकिस्तानी रिपोर्टर ने सवाल पूछा था कि भारत पाकिस्तान में अशांति फैलाना कब बंद करेगा।

### 3. एस. जयशंकर ने क्या प्रतिक्रिया दी?
एस. जयशंकर ने कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।

### 4. किस कांग्रेस नेता ने विदेश मंत्री के बयान का समर्थन किया?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने विदेश मंत्री के इस रुख की जमकर तारीफ की।

### 5. शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में किस समझौते का जिक्र किया था?
शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में सिंधु जल समझौते को लेकर धमकी दी थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._