# सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने छोड़ा 10 महीने का वेतन, पढ़ाई के लिए उठाया बड़ा कदम

> मध्य प्रदेश के सैलाना से विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अगले 10 महीनों के लिए अपना वेतन और भत्ता छोड़ने का निर्णय लिया है। वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-07-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/sailana-mla-kamleshwar-dodiyar-salary-10-mahine-7410 · **Language:** Hindi
**Tags:** कमलेश्वर डोडियार, सैलाना, मध्य प्रदेश राजनीति, उच्च शिक्षा, विधायक

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक अनूठी और चर्चा का विषय बनी पहल सामने आई है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपने दायित्वों और शिक्षा के प्रति एक मिसाल पेश की है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि अगले 10 महीनों की अवधि के लिए उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाली कोई भी वेतन राशि या अन्य भत्तों का भुगतान न किया जाए।

## शिक्षा के लिए लिया बड़ा फैसला
कमलेश्वर डोडियार ने भोपाल स्थित नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) में दाखिला लिया है। वे वहां LLM पाठ्यक्रम के एक नियमित छात्र के तौर पर अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे। कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के निर्णय के बाद उन्होंने महसूस किया कि अध्ययन की अवधि के दौरान उन्हें सरकारी वेतन नहीं लेना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के साथ-साथ वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, मुख्य सचिव और विधानसभा के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर वेतन भुगतान को अस्थायी रूप से रोकने की मांग की है।

## वेतन रोकने की स्पष्ट समय सीमा
विधायक डोडियार ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से तिथियों का उल्लेख किया है। उन्होंने 20 जुलाई 2026 से लेकर 15 मई 2027 तक की अवधि के लिए वेतन और भत्तों के भुगतान को रोकने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि कानून का गहन अध्ययन भविष्य में उन्हें जनता की समस्याओं को कानूनी दृष्टिकोण से अधिक प्रभावी ढंग से सुलझाने में मदद करेगा।

## जन सेवा और पढ़ाई में सामंजस्य
अपने क्षेत्र की जनता के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए विधायक ने कहा है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाना है। हालांकि, वे इस दौरान पढ़ाई को अपने संवैधानिक कर्तव्यों के आड़े नहीं आने देंगे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया और विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करते हुए वे विधानसभा के सत्रों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।

## निजी खर्च पर करेंगे क्षेत्र का दौरा
सरकारी सुविधाओं को त्यागने की कड़ी में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा अब पूरी तरह से अपने निजी खर्च पर करेंगे। उनका कहना है कि शिक्षा और जनता की सेवा के बीच संतुलन बनाना उनकी प्राथमिकता है और वे इस दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद जारी रखेंगे। उनके इस फैसले ने प्रदेश की राजनीति में काफी हलचल पैदा कर दी है और इसे जनप्रतिनिधियों के लिए एक साहसी उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह निर्णय जन प्रतिनिधियों के बीच सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग और शिक्षा के प्रति गंभीरता को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है।

**सैलाना में:** स्थानीय निवासियों को अपनी समस्याओं के प्रति विधायक की इस नई कानूनी दक्षता का सीधा लाभ भविष्य में मिलने की संभावना है।

## सवाल-जवाब

### 1. कमलेश्वर डोडियार ने कितने समय के लिए अपना वेतन छोड़ा है?
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने 20 जुलाई 2026 से 15 मई 2027 तक, यानी कुल 10 महीने के लिए अपना वेतन और भत्ता छोड़ने का अनुरोध किया है।

### 2. वेतन छोड़ने का मुख्य कारण क्या है?
वे भोपाल स्थित नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) में LLM की पढ़ाई कर रहे हैं, जिसके कारण उन्होंने यह निर्णय लिया है।

### 3. क्या पढ़ाई के दौरान वे अपने क्षेत्र का दौरा करेंगे?
जी हां, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपने निजी खर्च पर सैलाना विधानसभा क्षेत्र का दौरा करना जारी रखेंगे।

### 4. क्या पढ़ाई का असर उनके काम पर पड़ेगा?
नहीं, उन्होंने कहा है कि वे अपनी पढ़ाई और संवैधानिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखेंगे और विधानसभा सत्रों में भाग लेंगे।

## प्रेरणा और सबक
- **सतत सीखना:** व्यस्त सार्वजनिक जीवन के बावजूद उच्च शिक्षा का लक्ष्य रखना यह दर्शाता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
- **आर्थिक जवाबदेही:** पढ़ाई की अवधि के लिए सरकारी वेतन छोड़ना नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी का पालन करने की इच्छा को दर्शाता है।
- **संतुलन का महत्व:** जनप्रतिनिधि होने के नाते अपने कर्तव्यों और व्यक्तिगत विकास के बीच सही संतुलन बनाना ही कुशल नेतृत्व की पहचान है।

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