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  "title": "सावरकर की रिहाई की असली वजह क्या थी? राहुल गांधी मानहानि केस में गवाह ने कोर्ट में खोले तथ्य",
  "summary": "पुणे कोर्ट में सात्यकि सावरकर ने कहा कि वीडी सावरकर की रिहाई दया याचिकाओं से नहीं, बल्कि जनदबाव और कांग्रेस के 1923 काकीनाडा प्रस्ताव से हुई थी। यह बयान राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि केस की सुनवाई के दौरान दर्ज हुआ।",
  "content": "पुणे की एक अदालत में बुधवार को वीर सावरकर की रिहाई को लेकर एक अहम बयान दर्ज हुआ। सावरकर के भाई के प्रपौत्र सात्यकि सावरकर ने अदालत में कहा कि हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने उनकी दया याचिकाओं की वजह से नहीं, बल्कि बढ़ते जनदबाव के चलते रिहा किया था। यह पूरा मामला नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि केस से जुड़ा है, जो वीडी सावरकर पर की गई उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर दर्ज हुआ था।\n\nसात्यकि सावरकर ने कोर्ट में क्या कहा\nसात्यकि सावरकर ने कहा कि 1923 में कांग्रेस के काकीनाडा अधिवेशन में एक प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसमें सावरकर की रिहाई की मांग की गई थी, और यह प्रस्ताव भी उनकी रिहाई की एक बड़ी वजह बना। उन्होंने आगे एक तुलना करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की फांसी से पहले भी ऐसा ही कोई प्रस्ताव पारित किया होता, तो शायद उनकी फांसी टल सकती थी।\n\nजिरह के दौरान वकील मिलिंद पवार के सवाल\nराहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता मिलिंद पवार ने सात्यकि सावरकर से जिरह की। यह जिरह एमपी/एमएलए विशेष अदालत के न्यायाधीश अमोल शिंदे के सामने हुई। इस दौरान ब्रिटिश सरकार को कथित तौर पर सावरकर द्वारा दी गई दया याचिकाओं के कुछ अंश शिकायतकर्ता सात्यकि सावरकर के सामने रखे गए। इस पर सात्यकि ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उस याचिका की सामग्री खुद सावरकर ने लिखी थी या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे यह दावा नहीं कर सकते कि सावरकर ने अपनी दया याचिका में किसी शर्त पर रिहाई मांगी थी, और न ही यह कि सावरकर ने ब्रिटिश सरकार से इस शर्त पर रिहाई मांगी थी कि वे किसी राजनीतिक या क्रांतिकारी आंदोलन में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि, उन्होंने खुद ही यह जोड़ा कि सावरकर की रिहाई दया याचिकाओं का नतीजा नहीं थी।\n\nअगली सुनवाई में पेश होगा कांग्रेस का प्रस्ताव\nसात्यकि सावरकर ने बताया कि वे अगली सुनवाई में इंडियन नेशनल कांग्रेस के उस प्रस्ताव की एक कॉपी अदालत में जमा करेंगे, जिसमें सावरकर की रिहाई की मांग की गई थी। यह कदम उनके इस दावे को पुख्ता करने के लिए उठाया जा रहा है कि जनदबाव और राजनीतिक मांग ने रिहाई में बड़ी भूमिका निभाई थी।\n\nप्रस्ताव में दर्ज है बीजापुर जेल का जिक्र\nउस प्रस्ताव में लिखा है कि मिस्टर सावरकर को इस प्रशासन ने उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी, और उनके भाई को भी यही सज़ा मिली थी। इसमें आगे कहा गया है कि खुद एक कैदी के तौर पर, प्रस्ताव में बात करने वाले व्यक्ति ने बीजापुर जेल के उसी कमरे में समय बिताया था, जहां विनायक दामोदर सावरकर के भाई गणेश सावरकर रहते थे, और गणेश सावरकर को तब तक रिहा किया जा चुका था। प्रस्ताव में इसके बाद लिखा गया है कि विनायक दामोदर सावरकर को अभी तक रिहा नहीं किया गया है, और यही कारण है कि सिर्फ इसी एक कैदी के मामले में सरकार की कार्रवाई की निंदा करने के लिए अपवाद बनाया जा रहा है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि इस व्यक्ति को बहुत बदले की भावना के चलते जेल में रखा जा रहा है, जबकि वह रिहाई का हकदार है। सात्यकि सावरकर की गवाही और यह ऐतिहासिक दस्तावेज़ अब अदालत में इस मानहानि मामले की सुनवाई का अहम हिस्सा बन गए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सात्यकि सावरकर कौन हैं?\nवे वीडी सावरकर के भाई के प्रपौत्र हैं और राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में शिकायतकर्ता हैं।\n\n2. यह मामला किससे जुड़ा है?\nयह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ वीडी सावरकर पर की गई टिप्पणियों को लेकर दायर आपराधिक मानहानि केस से जुड़ा है।\n\n3. सात्यकि सावरकर के मुताबिक वीडी सावरकर की रिहाई किस वजह से हुई थी?\nउनके मुताबिक रिहाई बढ़ते जनदबाव और कांग्रेस के 1923 के काकीनाडा अधिवेशन में पारित प्रस्ताव की वजह से हुई थी, न कि दया याचिकाओं की वजह से।\n\n4. जिरह किसने और कहां की?\nराहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता मिलिंद पवार ने एमपी/एमएलए विशेष अदालत के न्यायाधीश अमोल शिंदे के सामने सात्यकि सावरकर से जिरह की।\n\n5. कांग्रेस का प्रस्ताव कब अदालत में पेश होगा?\nसात्यकि सावरकर ने कहा कि वे अगली सुनवाई में इंडियन नेशनल कांग्रेस के उस प्रस्ताव की कॉपी अदालत में जमा करेंगे।\n\n6. सात्यकि ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को लेकर क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने उनकी फांसी से पहले भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया होता, तो उनकी फांसी टल सकती थी।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-02",
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    "राहुल गांधी",
    "मानहानि केस",
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