सिवनी में खेत उतरे मोहन यादव, किसानों के साथ खाया खाना, 349.33 करोड़ की विकास सौगात दी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 जुलाई को सिवनी में खेत में उतरकर धान बोया और किसानों संग बैठकर खाना खाया, साथ ही 349.33 करोड़ रुपए के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और कोदो कुटकी बोनस सहित कई योजनाओं का लाभ बांटा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी जिले में एक अलग ही अंदाज में नजर आए। वे खुद खेत में उतरे, अपने हाथों से धान की रोपाई की, किसानों के साथ बैठकर हाथ से खाना खाया और उनसे खुलकर बातचीत की। मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार ने किसानों और आम लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने एक बार फिर यह जताने की कोशिश की कि वे भी उन्हीं के बीच के एक आम इंसान हैं और जनकल्याण की सोच लेकर लगातार काम कर रहे हैं। मौके पर मौजूद लोग मुख्यमंत्री से बातचीत कर उत्साहित नजर आए। सिवनी को मिली 349.33 करोड़ की सौगात दरअसल 1 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिवनी जिले के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने यहां आयोजित धान महोत्सव में शिरकत की, कोदो कुटकी बोनस का वितरण किया और विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में सीएम यादव ने 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और 144.8 करोड़ रुपए के 43 कार्यों का भूमि-पूजन भी संपन्न कराया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कन्या पूजन में हिस्सा लिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बालाघाट से सिवनी तक फोर लेन सड़क बनाने, सिवनी के चमारा विकासखंड में एक शासकीय महाविद्यालय और स्टेडियम बनाने सहित कई अन्य विकास कार्यों की घोषणा भी की। कोदो कुटकी किसानों के लिए बड़ी राहत मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धान की फसल को जीआई टैग मिल चुका है। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के 3941 किसानों को 1000 रुपए प्रति मान की दर से कोदो कुटकी बोनस के रूप में 282.99 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। राज्य सरकार श्रीअन्न उगाने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ अतिरिक्त बोनस भी दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि आज प्रदेश के 3941 किसानों को 2829 मीट्रिक टन कोदो कुटकी के एवज में 1000 रुपए प्रति मान की दर से 2 हजार 83 लाख रुपए बोनस राशि सौंपी गई है। राज्य में कोदो कुटकी की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को बेहतर बनाने पर भी काम चल रहा है। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैगनी अरहर को भी जीआई टैग मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा और मक्का को गरीबों की फसल कहकर नजरअंदाज किया जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना शुरू कर इन फसलों को देश-दुनिया में नई पहचान दी। उनके मुताबिक श्रीअन्न में मौजूद पोषक तत्व सबसे जल्दी पचते हैं। राज्य सरकार ने पिछले साल से ही श्रीअन्न की खरीद शुरू की है। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि इस साल मानसून पर अलनीनो का असर दिख रहा है, इसलिए अगर बारिश कम होती है तो किसानों को कोदो कुटकी सहित सभी फसलों के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। श्रमिक परिवारों को संबल 2.0 से बड़ी मदद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जनकल्याण यानी संबल 2.0 योजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जरिए प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से सीधे उनके खातों में भेजी गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष की सरकारों ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए कभी संबल जैसी योजना का नाम तक नहीं लिया। उन्होंने बताया कि संबल योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए और अपंगता की स्थिति में 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिल रही है। हर वर्ग के गरीब के लिए योजनाएं, धान किसानों को भी भावांतर का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के गरीब, वंचित और आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से अब तक वंचित रह गए सभी पात्र लोगों को घर देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि सिवनी जिले के समग्र विकास के लिए 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.8 करोड़ रुपए के 43 कार्यों का भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष के तहत अन्नदाताओं को कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना के जरिए फायदा दिया जा चुका है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब प्रदेश में धान की फसल के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के बीच का अंतर चुकाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेत से लेकर बाजार तक हर स्तर पर मूल्य संवर्धन पर लगातार काम कर रही है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सके। इसका आप पर असर • भारत में: केंद्र की श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना से कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाजों को मिल रहे जीआई टैग और सरकारी खरीद से देशभर के किसानों के लिए नए बाजार और बेहतर दाम की उम्मीद बढ़ी है। • सिवनी में: यहां के 3941 किसानों को कोदो कुटकी पर सीधा बोनस मिला है और 349.33 करोड़ रुपए के 586 विकास कार्य शुरू होने से सड़क, कॉलेज और स्टेडियम जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी। • श्रमिक परिवारों के लिए: संबल 2.0 योजना से जुड़े 16,754 परिवारों को सीधे बैंक खाते में 365 करोड़ रुपए मिलने से दुर्घटना, सामान्य मृत्यु और अपंगता पर तय आर्थिक मदद का भरोसा मजबूत हुआ है। सवाल-जवाब 1. मुख्यमंत्री मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी क्यों पहुंचे? वे धान महोत्सव में शामिल हुए, खुद खेत में उतरकर धान बोया, किसानों के साथ बैठकर खाना खाया और कोदो कुटकी बोनस बांटा। 2. सिवनी में कितने विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ? 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ और 144.8 करोड़ रुपए के 43 कार्यों का भूमि-पूजन किया गया। 3. कोदो कुटकी बोनस कितने किसानों को मिला? प्रदेश के 3941 किसानों को 1000 रुपए प्रति मान की दर से कुल 282.99 करोड़ रुपए का कोदो कुटकी बोनस दिया गया। 4. संबल 2.0 योजना के तहत क्या घोषणा हुई? 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई। 5. संबल योजना में दुर्घटना और सामान्य मृत्यु पर कितनी मदद मिलती है? दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपए, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए और अपंगता पर 1 लाख रुपए की सहायता दी जाती है। 6. धान की फसल के लिए आगे क्या योजना है? मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में धान किसानों के लिए भी भावांतर योजना लागू होगी, जिसमें एमएसपी और बाजार मूल्य का अंतर सरकार भरेगी। 7. किन उत्पादों को जीआई टैग मिला है? मध्यप्रदेश की धान फसल के साथ डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैगनी अरहर को भी जीआई टैग मिला है। https://trendkia.com/politics/sivani-men-kheta-utare-mohan-yadav-kisanon-ke-satha-khaya-khana-349-33-karora-ki-vikasa-saugata-di-3891 TrendKia — Har trend, sabse pehle.