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  "title": "स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोलीं- राहुल गांधी और सहयोगियों का असली एजेंडा रिजिम चेंज",
  "summary": "बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि विपक्ष का असली मकसद चुनाव आयोग पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि देश में रिजिम चेंज करना है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का बचाव करते हुए राहुल गांधी से वोटों की चोरी के सबूत सार्वजनिक करने की मांग की।",
  "content": "भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शनों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक साक्षात्कार में स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके राजनीतिक सहयोगियों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र छिपा हुआ है। उनके अनुसार विपक्ष का असली और छिपा हुआ एजेंडा लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को सत्ता से बेदखल करना यानी रिजिम चेंज करना है। उन्होंने कांग्रेस के इस पूरे आचरण को पूरी तरह से अनैतिक करार दिया है और पूछा है कि यदि उनके पास वास्तव में वोटों की कथित चोरी से जुड़े कोई ठोस सबूत मौजूद हैं, तो उन्होंने अब तक उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष पेश क्यों नहीं किया है। इस तीखे बयान के बाद देश की सियासत में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहा विवाद और अधिक गहरा गया है।\n\n \n\nमतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का पुरजोर बचाव\n स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन करते हुए बताया कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान के चलते देश भर में लगभग 90 फीसदी मतदाताओं का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। उन्होंने विपक्ष से सीधा सवाल किया कि क्या देश की मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम हमेशा के लिए बने रहने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या एक ही व्यक्ति के नाम की कई प्रविष्टियां बार-बार दर्ज रहना उचित है। उनके दावों के मुताबिक इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान करोड़ों ऐसे नाम सामने आए हैं जिनका भौतिक और कागजी सत्यापन करना बेहद जरूरी था। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से यह भी जवाब मांगा कि जब विपक्ष के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA भी इस पूरी SIR प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा रहे हैं, तो क्या राहुल गांधी यह कहना चाहते हैं कि उनके अपने दल से जुड़े लोग भी गलत जानकारियां दे रहे हैं।\n\n \n\nसत्ता परिवर्तन की लालसा और विपक्ष की रणनीति\n अपने बयानों को आगे बढ़ाते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी और उनके तमाम समर्थक केवल किसी भी कीमत पर सत्ता में परिवर्तन देखना चाहते हैं। वे जनता द्वारा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चुनी गई सरकार को जबरन हटाना चाहते हैं, जिसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष की ओर से लगातार किए जा रहे हमले भी इसी सोची-समझी राजनीतिक मंशा का एक हिस्सा हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी और पूरे विपक्षी गठबंधन का एकमात्र लक्ष्य किसी तरह वर्तमान सरकार को गिराने की कोशिश करना है। उन्होंने एक बार फिर राहुल गांधी के उन दावों पर सवाल उठाया जिनमें वोटों की चोरी की बात कही जाती है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि क्या आज तक राहुल गांधी ने अपनी बात के समर्थन में कोई पुख्ता दस्तावेज या सबूत दिखाया है, जबकि वे लगातार सार्वजनिक मंचों से यह दावा करते रहते हैं कि उनके पास पुख्ता सबूत मौजूद हैं।\n\n \n\nSIR प्रक्रिया में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े\n विशेष गहन पुनरीक्षण के आंकड़ों पर रोशनी डालते हुए ईरानी ने बताया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची की गंभीर कमियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई भी जिम्मेदार नागरिक यह चाहेगा कि मतदाता सूची में उन लोगों के नाम भी जिंदा लोगों की तरह दर्ज रहें जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने पूछा कि क्या सूचियों में एक ही नाम की डुप्लीकेट प्रविष्टियां भरी रहनी चाहिए, क्योंकि SIR जैसे कदम ही यह सुनिश्चित करते हैं कि देश की चुनावी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। उन्होंने दावा किया कि इस विशेष जांच अभियान के दौरान लगभग तीन करोड़ ऐसे नाम मिले जो मृत हो चुके थे, जबकि करीब एक करोड़ नाम डुप्लीकेट पाए गए। इसके अलावा लगभग छह करोड़ ऐसे लोग सामने आए जो अपने पुराने पतों से दूसरी जगहों पर जा चुके थे और लगभग तीन करोड़ लोगों का अब तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे तमाम संदिग्ध नाम मतदाता सूची का हिस्सा बने रहने चाहिए।\n\n \n\nविपक्ष के बूथ एजेंटों और चुनाव आयोग पर बात\n कांग्रेस के बूथ एजेंटों की भूमिका पर बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि इस पूरी SIR प्रक्रिया में केवल अकेला चुनाव आयोग ही काम नहीं कर रहा है, बल्कि इसमें कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के कार्यकर्ता भी पूरी तरह से शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस के कार्यकर्ता बूथ लेवल एजेंट के रूप में मैदानी स्तर पर काम कर रहे हैं, तो क्या वे कोई गैरकानूनी काम कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इस पूरी SIR प्रक्रिया में हर साधारण नागरिक के लिए अपील करने का पूरा प्रावधान मौजूद है। मतदाता सूची तैयार करने की शुरुआती चरण से लेकर मतदान और अंततः मतगणना तक कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के तमाम कार्यकर्ता इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हिस्से रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या राहुल गांधी का मतलब यह है कि विपक्ष का पूरा का पूरा तंत्र ही झूठ बोल रहा है। उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी आपत्ति के समाधान के लिए एक स्थापित कानूनी प्रक्रिया मौजूद है, और विपक्ष को सिर्फ बेबुनियाद आरोप लगाने की बजाय यह बताना चाहिए कि वे किन конкре गड़बड़ियों का दावा कर रहे हैं।\n\n \n\nचुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों पर प्रतिक्रिया\n मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच कथित रूप से चल रहे मतभेदों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए ईरानी ने कहा कि अलग-अलग व्यक्तियों की अपनी स्वतंत्र राय हो सकती है, जो स्वाभाविक है। लेकिन उनके अनुसार विचारों के किसी भी मतभेद का यह अर्थ कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि सार्वजनिक रूप से किसी को चोर करार दे दिया जाए। उन्होंने साफ किया कि देश के तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर संयुक्त रूप से एक लिखित बयान जारी कर दिया है, और ऐसे स्पष्टीकरण के बाद किसी अन्य संशय की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।\n\nइसका आप पर असर\nराजनीतिक बयानों और चुनावी प्रक्रियाओं में चल रहे इस SIR विवाद का सीधा असर प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और चुनावी प्रणाली पर पड़ता है।\n\n• भारत में: देश भर के मतदाताओं के लिए मतदाता सूचियों का सत्यापन और शुद्धिकरण तेजी से हो रहा है, जिससे फर्जी या दोहरे नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।\n\n• राजनीतिक स्तर पर: इस तीखे राजनीतिक टकराव के कारण सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर बहस और अधिक तेज हो गई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह राजनीतिक टकराव चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे कथित वोटों की चोरी के आरोपों के बाद पैदा हुआ है।\n\n• मतदाता सूची का पुनरीक्षण: चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए चलाए गए SIR अभियान के दौरान भारी संख्या में मृत और डुप्लीकेट नाम सामने आए हैं।\n\n• विपक्ष के आरोप: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर लगातार गंभीर सवाल उठा रहे हैं, जिसके जवाब में बीजेपी ने कड़ा रुख अपनाया है।\n\n• राजनीतिक रणनीति: सत्ता पक्ष का मानना है कि विपक्ष के इन विरोध प्रदर्शनों का असली उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर क्या मुख्य आरोप लगाया है?\nस्मृति ईरानी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों का असली मकसद चुनाव आयोग पर सवाल उठाना नहीं बल्कि देश में रिजिम चेंज करना है।\n\n2. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अब तक कितने प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन हुआ है?\nइस प्रक्रिया के चलते देश में करीब 90 फीसदी मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है।\n\n3. SIR प्रक्रिया के दौरान कितने मृत और डुप्लीकेट नाम सामने आने का दावा किया गया है?\nदावे के अनुसार जांच में लगभग तीन करोड़ मृत लोगों के नाम और करीब एक करोड़ डुप्लीकेट नाम मिले हैं।\n\n4. मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों के मतभेदों पर स्मृति ईरानी ने क्या कहा?\nउन्होंने कहा कि अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को चोर कह दिया जाए और तीनों आयुक्तों ने संयुक्त लिखित बयान दे दिया है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-10-16",
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