संजय राउत का धमाका: मातोश्री में साईंबाबा और बाला साहेब की कसम खाने वाले सांसद 50 करोड़ में बिक गए शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसदों को 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर देकर खरीदा जा रहा है, जबकि इन्हीं नेताओं ने मातोश्री पर पार्टी के साथ रहने की कसमें खाई थीं। महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के दिल्ली में जमावड़े और अलग गुट खड़ा करने की चर्चाओं ने पार्टी के अंदर खलबली मचा दी है। इसी हलचल के बीच शिवसेना के तेजतर्रार नेता संजय राउत मैदान में उतरे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बागी सांसदों पर सीधा और सनसनीखेज हमला बोल दिया। उनका दावा है कि ये सांसद किसी विचारधारा की वजह से नहीं, बल्कि मोटी रकम के लालच में पार्टी से मुंह मोड़ रहे हैं। मातोश्री की कसमें और भरोसे का टूटना राउत ने भावुक होते हुए उन दिनों का जिक्र किया, जब यही सांसद मातोश्री पर एकजुट रहने के वादे कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एक सांसद ने तो सारी हदें पार कर दी थीं। राउत के मुताबिक उस नेता ने महज तीन मिनट में चार बार साईंबाबा की शपथ ली, अपनी बीमार पत्नी की कसम खाई, मां भवानी को गवाह बनाया और वंदनीय बाला साहेब ठाकरे के नाम पर यह प्रण लिया कि वह जीवन के आखिरी सांस तक ठाकरे परिवार के साथ खड़ा रहेगा। राउत का कहना है कि आज वही चेहरा इन तमाम कसमों को ताक पर रखकर पार्टी को धोखा देने पर आमादा है। 50 करोड़ की कीमत और बिकती जमीर राउत ने दावा किया कि उनके पास इस सौदेबाजी की पुख्ता जानकारी पहुंची है। उन्होंने कहा, “मुझे एक बहुत भरोसेमंद व्यक्ति ने बताया कि महाराष्ट्र के सांसदों को 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। सौदा तय होने के बाद ही ये लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। ये लोग उद्धव ठाकरे के नाम और ‘मशाल’ चुनाव चिह्न पर जीतकर आए थे, लेकिन अब इन्होंने अपनी जमीर बेच दी है।” राउत ने अफसोस जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि राजनीति इस कदर नीचे गिर जाएगी। महुआ मोइत्रा का तंज और राउत का पलटवार सांसदों की कथित खरीद-फरोख्त की इस खबर पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी चुटकी ली। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर व्यंग्य करते हुए लिखा, “केवल 15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों? हमारे समय में 4 करोड़ एडवांस और 36 महीने तक 1 करोड़ मासिक मिलता था।” इसके जवाब में राउत ने भी तीखा अंदाज अपनाया और लिखा, “अपना सपना मनी मनी! महुआ जी, न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 करोड़ प्रति सांसद तय है। 15 करोड़ तो सिर्फ अग्रिम (एडवांस) है। बिना शिवसेना-टीएमसी ब्रांड के ये लोग 50 हजार के भी लायक नहीं हैं।” राउत का यह जवाब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। उनका साफ इशारा था कि इन सांसदों की अपनी कोई निजी साख नहीं है और वे केवल पार्टी के नाम और ब्रांड के दम पर ही जीतते आए हैं। राउत ने यह भी जोड़ा कि शिवसेना और टीएमसी के लेबल की वजह से ही इन नेताओं की कीमत बढ़ी है, वरना असल में इनकी हैसियत न के बराबर है। राउत की खुली चुनौती: इस्तीफा दो और फिर लड़ो संजय राउत ने बागी सांसदों को खुलेआम ललकारा है। उन्होंने कहा कि अगर इन्हें पार्टी से सचमुच इतनी नाराजगी है या इनकी विचारधारा बदल गई है, तो पहले अपनी सांसदी की कुर्सी छोड़ें। राउत के शब्दों में, सांसद हमारी मेहनत, पार्टी के नाम और उद्धव ठाकरे के चेहरे के सहारे जीतकर संसद पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो इस्तीफा देकर दोबारा जनता के बीच जाएं और चुनाव लड़कर दिखाएं। पार्टी की ताकत पर चुनाव जीतने के बाद गद्दारी करना कायरता है। राउत ने चेतावनी भी दी कि अगर पुरानी पटकथा को दोहराने की कोशिश की गई, तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी किसी भी दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है और जो गद्दारी करेंगे, उन्हें इसका अंजाम भुगतना ही पड़ेगा। इसका आप पर असर • भारत में: यह विवाद दिखाता है कि चुनाव के बाद दल बदल और कथित खरीद-फरोख्त आपके वोट की कीमत पर सीधा असर डालती है, क्योंकि जिस उम्मीदवार और चिह्न पर आपने वोट दिया, वह सांसद पाला बदल सकता है। • महाराष्ट्र में: राज्य के मतदाताओं के लिए इसका मतलब है कि शिवसेना (UBT) के टूटने या दोबारा उपचुनाव की स्थिति बन सकती है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी अस्थिरता बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. संजय राउत ने बागी सांसदों पर क्या आरोप लगाया है? राउत का आरोप है कि उद्धव ठाकरे गुट के बागी सांसदों को 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर देकर खरीदा जा रहा है और सौदा तय होने के बाद ही वे दिल्ली पहुंच रहे हैं। 2. मातोश्री की कसम वाली बात क्या है? राउत के मुताबिक एक सांसद ने मातोश्री पर तीन मिनट में चार बार साईंबाबा की शपथ ली, अपनी बीमार पत्नी और मां भवानी की कसम खाई और बाला साहेब ठाकरे के नाम पर ठाकरे के साथ रहने का वादा किया था। 3. महुआ मोइत्रा ने इस पर क्या कहा? टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने X पर तंज कसते हुए लिखा कि केवल 15 करोड़ इतने सस्ते में क्यों, उनके समय में 4 करोड़ एडवांस और 36 महीने तक 1 करोड़ मासिक मिलता था। 4. राउत ने बागियों को क्या चुनौती दी है? राउत ने कहा कि अगर सांसद नाराज हैं या विचारधारा बदल गई है तो वे पहले इस्तीफा दें और दोबारा जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ें। https://trendkia.com/politics/snjaya-rauta-ka-dhamaka-matoshri-men-sainbaba-aura-bala-saheba-ki-kasama-khane-v-1457 TrendKia — Har trend, sabse pehle.