संजय राउत की INDIA गठबंधन को दो टूक नसीहत: 'पीएम का चेहरा तय करो, वरना जनता के सवालों का जवाब नहीं दे पाओगे'; TMC के बागियों पर भी बरसे शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने ममता बनर्जी के गुट को असली टीएमसी करार दिया और पार्टी छोड़ने वाले बागी नेताओं पर निशाना साधा, साथ ही INDIA गठबंधन से प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा तय करने की अपील की। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ में सियासी मुद्दों पर खुलकर राय रखी है। सोमवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में पड़ी फूट से लेकर INDIA गठबंधन की रणनीति तक, कई मसलों पर अपनी बात रखी और बागी नेताओं को कड़े शब्दों में आगाह किया। टीएमसी की फूट पर राउत का दो टूक रुख राउत ने सबसे पहले यह साफ किया कि अब ममता बनर्जी की पार्टी में हुए बिखराव को बीते दिनों की बात मान लेना चाहिए। उनका तर्क था कि इस पूरे प्रकरण को एक महीने से ज़्यादा का वक्त बीत चुका है, ऐसे में अब इस पर चर्चा करना किसी भी लिहाज़ से प्रासंगिक नहीं रह गया है। उन्होंने ध्यान असली सवाल की ओर मोड़ते हुए कहा कि बात उन नेताओं की होनी चाहिए जिन्होंने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बगावत का झंडा उठाने की हिम्मत दिखाई। 'महज़ 800 वोट वाली पार्टी का दामन क्यों थामा' राउत ने बागी नेताओं के फैसले पर तीखा सवाल उठाया। उनके मुताबिक टीएमसी छोड़ने वालों ने त्रिपुरा की एक ऐसी पार्टी से हाथ मिला लिया है, जिसका अपना कोई ठोस वजूद ही नहीं बचा है और जो राजनीतिक मैदान में खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने आंकड़े का हवाला देते हुए बताया कि हाल के एक चुनाव में इस पार्टी को सिर्फ़ 800 वोट ही मिल पाए। राउत के शब्दों में, ऐसी डूबती पार्टी का दामन थामकर इन नेताओं ने आखिर किस तरह की समझदारी का परिचय दिया है, यह तो वही बता सकते हैं। उन्होंने इसके पीछे एक सोची-समझी चाल का आरोप भी लगाया। राउत का कहना था कि अमित शाह ने साजिशन इन नेताओं को जानबूझकर ऐसी पार्टी में धकेल दिया, जो खुद अपना वजूद बचाने के लिए जूझ रही है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला आगे कब तक चलेगा, इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा। 'ममता बनर्जी की टीएमसी ही असली टीएमसी' इन तमाम हालात के बीच राउत ने ममता बनर्जी को लेकर अपना रुख बिल्कुल स्पष्ट रखा। उन्होंने कहा कि यह कहने में उन्हें कोई हिचक नहीं है कि ममता बनर्जी वाली टीएमसी ही असली टीएमसी है और इस पर किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले दिनों में यही स्थिति महाराष्ट्र में भी दोहराई जाएगी। बागी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए राउत ने कहा कि जो भी लोग टीएमसी छोड़कर दूसरी पार्टी में गए हैं, उन्हें जल्द ही बीजेपी की असली सच्चाई का अंदाज़ा हो जाएगा — खासकर तब, जब उन्हें किनारे कर दिया जाएगा। INDIA गठबंधन को पीएम चेहरा तय करने की सलाह बातचीत के दौरान राउत ने INDIA गठबंधन की रणनीति पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गठबंधन को प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा तय करना ही होगा। उनका तर्क था कि अगर बिना पीएम चेहरे के नेता जनता के बीच जाएंगे, तो लोग सीधे सवाल करेंगे कि आखिर उनका प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है। ऐसी स्थिति में जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। इसीलिए राउत के मुताबिक यह बेहद ज़रूरी है कि गठबंधन पहले पीएम फेस को लेकर किसी एक चेहरे पर सहमति बनाए और उसके बाद ही आगे कदम बढ़ाए। इसका आप पर असर आपके लिए इसका क्या मतलब है: • विपक्ष के समर्थकों के लिए: राउत की मांग साफ करती है कि INDIA गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री चेहरे को लेकर अब भी असमंजस है, जिसका सीधा असर अगले चुनाव में विपक्ष की एकजुट तस्वीर पर पड़ सकता है। • राजनीति पर नज़र रखने वालों के लिए: टीएमसी की फूट और बागी नेताओं का दूसरी पार्टियों में जाना यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय दलों के भीतर खींचतान आने वाले महीनों में और तेज़ हो सकती है। सवाल-जवाब 1. संजय राउत ने असली टीएमसी किसे बताया? उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ही असली टीएमसी करार दिया और कहा कि इस पर किसी को शक नहीं होना चाहिए। 2. बागी टीएमसी नेताओं ने जिस पार्टी का दामन थामा, उसे कितने वोट मिले थे? राउत के मुताबिक त्रिपुरा की उस पार्टी को हाल के एक चुनाव में सिर्फ़ 800 वोट मिले थे। 3. राउत ने INDIA गठबंधन को क्या सलाह दी? उन्होंने कहा कि गठबंधन को प्रधानमंत्री पद के लिए एक चेहरा तय करना होगा, वरना जनता के बीच जाने पर पीएम चेहरे को लेकर सवालों का जवाब देना मुश्किल होगा। 4. राउत ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया? उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह ने साजिशन बागी नेताओं को एक ऐसी पार्टी में धकेल दिया जो खुद अपने वजूद को बचाने के लिए जूझ रही है। https://trendkia.com/politics/snjaya-rauta-ki-india-gathabndhana-ko-do-tuka-nasihata-piema-ka-chehara-taya-kar-1035 TrendKia — Har trend, sabse pehle.