संसद गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई चिंता, एनडीए सांसदों को दिए बेहतर स्वास्थ्य और विकास के मंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानसून सत्र के दौरान एनडीए के नए सांसदों के साथ नाश्ते पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने संसद में हंगामे पर चिंता जताई और सांसदों को अच्छे स्वास्थ्य तथा विकास कार्यों के लिए जरूरी टिप्स दिए। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए गठबंधन में शामिल नए सांसदों के साथ नाश्ते पर विशेष चर्चा की। इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने एनसीपीआई समूह और शिवसेना के उद्धव गुट से आए बागी सांसद शामिल हुए। बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों का स्वागत किया और उनके साथ नाश्ता किया। हालांकि, बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्षी हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही लगातार स्थगित होने पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। उनका मानना था कि लोकतंत्र में सदन के कामकाज का इस तरह बार-बार बाधित होना उचित नहीं है। संसद की कार्यवाही और लोकतंत्र पर प्रधानमंत्री का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि संसदीय कार्यवाही का सुचारू संचालन देश के विकास के लिए बेहद आवश्यक है। विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही ठप होने पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित के मुद्दों पर चर्चा होना जरूरी है। एनसीपीआई के सांसदों के साथ चर्चा में उन्होंने जोर दिया कि लगातार व्यवधान से जनता के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। इसलिए सभी सांसदों को संसदीय गरिमा बनाए रखते हुए जनसेवा के कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सांसदों को मिले बेहतर दिनचर्या और योग के हेल्थ टिप्स संसदीय मामलों के अलावा प्रधानमंत्री ने सांसदों की व्यक्तिगत सेहत और जीवनशैली पर भी विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने सांसदों को अपनी दैनिक दिनचर्या में सुधार लाने, नियमित रूप से योग करने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि जब शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहेगा, तभी वह जनता के अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए ज्यादा बेहतर तथा प्रभावी ढंग से काम कर पाएगा। सांसदों ने प्रधानमंत्री के इन व्यावहारिक सुझावों का स्वागत किया। एनसीपीआई सांसदों की प्रतिक्रिया और विकसित भारत का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस नाश्ते की बैठक में एनसीपीआई के 19 सांसद मौजूद रहे। बैठक के बाद एनसीपीआई सांसद जगदीश बसुनिया ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन्हें विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य में प्रभावी योगदान देने का मार्ग दिखाया है। जगदीश बसुनिया ने कहा कि उनका मुख्य प्रयास केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ पश्चिम बंगाल के आम लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका पूरा समूह पूरी तरह एकजुट है और यूसुफ पठान भी उनके साथ खड़े हैं। वहीं दूसरी ओर, एनसीपीआई सांसद रचना बनर्जी ने इस मुलाकात को एक बड़ा सौभाग्य बताया। रचना बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि संसद में अब स्थिति सामान्य हो और जनहित के कार्य सुचारू रूप से चलें। उन्होंने कहा कि उनका समूह देशहित में काम कर रहा है और अपने साथियों के साथ मजबूती से खड़ा है। शिवसेना सांसदों से अलग वार्ता और सीधे पीएमओ से संपर्क की सुविधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए शिवसेना सांसदों के साथ अलग से गहन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सांसदों से उनके संबंधित लोकसभा क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने सांसदों को सलाह दी कि वे अपने क्षेत्रों में तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकारी संसाधनों का अधिकतम और बेहतर उपयोग करें। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सांसदों को एक बड़ी सुविधा देते हुए कहा कि अगर विकास कार्यों या किसी प्रोजेक्ट में कोई प्रशासनिक अड़चन आती है, तो वे बिना किसी झिझक के सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क साध सकते हैं। इसका आप पर असर भारत में: संसद की कार्यवाही सुचारू रहने से देश हित की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर त्वरित फैसले संभव हो सकेंगे। पश्चिम बंगाल में: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के एनडीए में शामिल होने से राज्य में केंद्रीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. नाश्ते की इस बैठक में कौन-कौन से सांसद शामिल हुए थे? इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने एनसीपीआई के 19 सांसद और उद्धव ठाकरे गुट से आए शिवसेना के नए एनडीए सांसद शामिल हुए थे। 2. प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के हंगामे पर क्या चिंता जताई? प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के कारण संसद का बार-बार स्थगित होना लोकतंत्र के हित में नहीं है और इससे कामकाज प्रभावित होता है। 3. प्रधानमंत्री ने सांसदों को स्वास्थ्य से जुड़े क्या सुझाव दिए? प्रधानमंत्री ने सांसदों को अपनी दैनिक दिनचर्या सुधारने, नियमित योग करने और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने की सलाह दी ताकि वे बेहतर काम कर सकें। 4. विकास परियोजनाओं में रुकावट आने पर सांसदों को क्या निर्देश दिया गया है? प्रधानमंत्री ने सांसदों को निर्देश दिया कि यदि उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों में कोई बाधा आती है, तो वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क कर सकते हैं। https://trendkia.com/politics/snsada-gatirodha-para-pradhanamntri-narendra-modi-ne-jatai-chinta-nda-sansadon-ko-die-behatara-svasthya-aura-vikasa-ke-mntra-14657 TrendKia — Har trend, sabse pehle.