सोनिया गांधी के 1980 वोटर लिस्ट मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट का फैसला 29 अगस्त तक टला 1983 में नागरिकता मिलने से पहले 1980 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से जुड़े मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट 29 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी। पुनर्विचार याचिका में 1980 में नाम शामिल करने और 1982 में हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। भारतीय नागरिकता मिलने की आधिकारिक तारीख से तीन साल पहले मतदाता सूची में नाम शामिल कराए जाने के आरोपों पर दायर पुनर्विचार याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अपना निर्णय स्थगित कर दिया है। अदालत अब इस पूरे कानूनी विवाद पर 29 अगस्त को अपना आदेश सुनाएगी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि नागरिकता हासिल करने से पहले ही नई दिल्ली की मतदाता सूची में सोनिया गांधी का नाम शामिल किया गया था, जो नियमों के अनुकूल नहीं है। 1980 की मतदाता सूची का विवाद और नागरिकता की समयसीमा पुनर्विचार याचिका में दिए गए ब्योरे के अनुसार, सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारत की नागरिकता प्राप्त की थी। हालांकि, नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम पहले से दर्ज पाया गया था। याचिका में मुख्य सवाल यही उठाया गया है कि जब किसी व्यक्ति के पास उस समय भारतीय नागरिकता ही उपलब्ध नहीं थी, तब उनका नाम निर्वाचक नामावली में किस वैधानिक आधार पर पंजीकृत किया जा सकता था। याचिकाकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि क्या उस दौरान नाम दर्ज कराने के लिए किसी अमान्य या फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था। 1982 में नाम हटाए जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल मामले में दाखिल याचिका का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू वर्ष 1982 से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता का दावा है कि 1982 में सोनिया गांधी का नाम अचानक मतदाता सूची से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने अदालत से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि नाम हटाने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और उस समय किस संस्थागत प्रक्रिया तथा दस्तावेजों का सहारा लिया गया था। नागरिकता मिलने से ठीक एक साल पहले सूची से नाम हटाए जाने और 1980 में इसे जोड़े जाने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई पूरी और फैसले का इंतजार राऊज एवेन्यू कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को सुनने के उपरांत इस विषय पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अदालत द्वारा फैसला सुनाने के लिए 29 अगस्त की नई तिथि तय किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं गरमा गई हैं। अब सभी पक्षों की नजरें 29 अगस्त को आने वाले न्यायिक आदेश पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की दोबारा जांच होगी या नहीं। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रियाओं और नागरिकता नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ाता है। नई दिल्ली में: राऊज एवेन्यू कोर्ट का यह फैसला पुरानी वोटर सूचियों के रिकॉर्ड और प्रशासनिक जांच की कानूनी दिशा तय कर सकता है। सवाल-जवाब 1. सोनिया गांधी से जुड़े वोटर लिस्ट मामले में कोर्ट का फैसला कब आएगा? राऊज एवेन्यू कोर्ट इस मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर 29 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी। 2. याचिका में सोनिया गांधी की नागरिकता को लेकर क्या दावा किया गया है? याचिका के अनुसार सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी। 3. 1980 की वोटर लिस्ट को लेकर याचिकाकर्ता ने क्या सवाल उठाया है? याचिकाकर्ता का सवाल है कि नागरिकता मिलने से तीन साल पहले ही 1980 की नई दिल्ली वोटर लिस्ट में उनका नाम किस आधार पर दर्ज किया गया था। 4. 1982 की मतदाता सूची के बारे में याचिका में क्या उल्लेख है? याचिका में कहा गया है कि वर्ष 1982 में उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था, जिसकी वजह और प्रक्रिया पर सवाल पूछे गए हैं। 5. यह मामला किस अदालत में चल रहा है? यह मामला दिल्ली स्थित राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के अधीन है, जहां बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है। https://trendkia.com/politics/sonia-gandhi-ke-1980-votara-lista-mamale-men-rouse-avenue-court-ka-phaisala-29-agasta-taka-tala-16323 TrendKia — Har trend, sabse pehle.