ममता बनर्जी के काफिले पर हमले के बाद सुदीप्त दास का विवादित बयान, कहा- अब फूल नहीं कीचड़ ही उछाला जाएगा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। बीजेपी विधायक सुदीप्त दास ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि उन पर अब फूल नहीं बल्कि कीचड़ ही उछाला जाएगा। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर भीषण उबाल पर है। उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर इलाके में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के काफिले को निशाना बनाए जाने की घटना ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद सत्ताधारी दल और प्रमुख विपक्षी पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हालात तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए जब बीजापुर के बीजेपी विधायक सुदीप्त दास ने एक तीखा और विवादित बयान जारी किया। इस बयान ने सुलगती हुई राजनीतिक आग में घी डालने का काम किया है और टीएमसी खेमे में भारी आक्रोश फैल गया है। बैरकपुर में सुदीप्त दास का तीखा पलटवार बैरकपुर क्षेत्र में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान बीजेपी विधायक सुदीप्त दास ने ममता बनर्जी के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें इस पूरी घटना को एक सोची-समझी जानलेवा साजिश करार दिया गया था। सुदीप्त दास ने तीखे शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी वहां केवल अपनी राजनीति चमकाने के उद्देश्य से आई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी ने वाहन पर कीचड़ उछाल दिया, तो क्या उसे किसी की जान लेने का प्रयास मान लिया जाएगा। अपनी बात को मजबूती देने के लिए उन्होंने अतीत की घटनाओं का हवाला दिया और कहा कि असली जानलेवा हमले तब हुए थे जब जेपी नड्डा के काफिले को निशाना बनाया गया था या जब खगेन मुर्मू पर हमला किया गया था। विधायक का कहना था कि जब विरोधी दल उनके अपने कार्यकर्ताओं पर हमला करते हैं तो वह असली हिंसा होती है, और यदि किसी की मंशा सचमुच हत्या करने की होती तो प्रदर्शनकारियों के हाथ में केवल कीचड़ या जूते-चप्पल नहीं होते। ममता बनर्जी की राजनीति पर गंभीर आरोप सुदीप्त दास ने ममता बनर्जी के राजनीतिक तौर-तरीकों पर सीधा और करारा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद ममता बनर्जी ने ही बंगाल के पूरे राजनीतिक माहौल को दूषित करने का काम किया है। उनके मुताबिक जिस प्रकार की राजनीति लंबे समय से की जाती रही है, उससे लोकतांत्रिक राजनीति का स्तर काफी गिर चुका है। इसी संदर्भ में विधायक ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे हालातों में अब उन पर फूलों की वर्षा नहीं की जाएगी, बल्कि उन पर कीचड़ ही उछाला जाएगा। इस बयान ने राज्य में राजनीतिक बहस को एक बेहद आक्रामक और निचले स्तर पर ला दिया है, जिससे दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर और अधिक तेज हो गया है। हलिशहर की घटना और जनता का आक्रोश यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब उत्तर 24 परगना के हलिशहर में पुलिस हिरासत के दौरान एक स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसी मृतक कार्यकर्ता के पीड़ित परिवार से मिलने के लिए ममता बनर्जी जा रही थीं। उनके रास्ते में ही एक उग्र भीड़ ने उनकी कार को चारों तरफ से घेर लिया। गुस्से से भरी जनता ने पूर्व मुख्यमंत्री के वाहन पर कीचड़, जूते, चप्पल और पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। घटना के वक्त मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे, क्योंकि भीड़ ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वाहन को घेर लिया था। टीएमसी का कड़ा रुख और बीजेपी का बचाव घटना के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इसे बीजेपी और अन्य विपक्षी ताकतों द्वारा प्रायोजित हमला बताया। टीएमसी का सीधा आरोप है कि राज्य में शांति व्यवस्था को अस्थिर करने और पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालने के लिए विपक्षी दलों ने यह सुनियोजित उकसावा किया था। सुदीप्त दास का बयान सामने आने के बाद टीएमसी प्रवक्ताओं ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इन बयनों से यह साफ साबित होता है कि भाजपा नेता हिंसा और उग्र प्रदर्शनों का खुला समर्थन करते हैं। पार्टी ने मांग की है कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई पूर्व शीर्ष नेता और एक महिला राजनेता के प्रति इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों तथा हमलों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह घटना किसी पार्टी की तरफ से प्रायोजित नहीं थी, बल्कि यह पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद आम जनता के भीतर सुलग रहा स्वाभाविक और बेकाबू जनआक्रोश था। पार्टी का तर्क है कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा चुकी है और आम नागरिकों का प्रशासनिक मशीनरी तथा सत्तारूढ़ दल से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है। इस घटनाक्रम और तीखी बयानबाजी के बाद बैरकपुर, हलिशहर और उत्तर 24 परगना के तमाम संवेदनशील इलाकों में भारी तनाव बना हुआ है। किसी भी प्रकार की हिंसक झड़प या राजनीतिक टकराव को टालने के लिए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया है। इसका आप पर असर भारत में: राजनीतिक दलों के बीच इस तरह की आक्रामक बयानबाजी और झड़पें देश के अन्य राज्यों में भी चुनावी तनाव और वैचारिक ध्रुवीकरण को बढ़ा सकती हैं। पश्चिम बंगाल में: उत्तर 24 परगना, बैरकपुर और हलिशहर के स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण आवाजाही में बाधाओं और पुलिस पहरे का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. ममता बनर्जी के काफिले पर हमला कहाँ हुआ था? ममता बनर्जी के काफिले पर हमला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर इलाके में हुआ। 2. हलिशहर जाने का कारण क्या था? ममता बनर्जी पुलिस हिरासत में मारे गए एक स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता के पीड़ित परिवार से मिलने जा रही थीं। 3. सुदीप्त दास कौन हैं और उन्होंने क्या बयान दिया? सुदीप्त दास बीजापुर के बीजेपी विधायक हैं, जिन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पर अब फूल नहीं बल्कि कीचड़ ही उछाला जाएगा। 4. घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने क्या फेंका? आक्रोशित भीड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री के वाहन पर कीचड़, जूते-चप्पल और पानी की बोतलें फेंकीं। 5. टीएमसी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी? टीएमसी ने इसे बीजेपी और विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित हमला बताया और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। 6. प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं? संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। https://trendkia.com/politics/sudipta-das-defends-mud-slinging-incident-on-mamata-banerjee-sparks-major-political-row-in-bengal-15429 TrendKia — Har trend, sabse pehle.