# सूती-1 पंचायत समिति में अविश्वास प्रस्ताव के बाद बीजेपी की बड़ी जीत, बुल्टी घोष बनीं नई अध्यक्ष

> पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की सूती-1 पंचायत समिति में अविश्वास प्रस्ताव के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं, जहां 12 सीटों वाली तृणमूल कांग्रेस को पछाड़कर 3 सीटों वाली बीजेपी की बुल्टी घोष नई अध्यक्ष चुनी गईं।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/suti-1-pnchayata-samiti-men-avishvasa-prastava-ke-bada-bjp-ki-bari-jita-bulti-ghosh-banin-nai-adhyaksha-19658 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल राजनीति, सूती 1 पंचायत समिति, बीजेपी, बुल्टी घोष, तृणमूल कांग्रेस

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जहां बीजेपी ने सूती-1 पंचायत समिति पर कब्जा जमाकर पहली बार इतिहास रचा है। हाल ही में आए अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुए चुनाव प्रक्रिया में बीजेपी की नेता बुल्टी घोष को नई अध्यक्ष चुना गया है। 18 सदस्यों की कुल क्षमता वाली इस पंचायत समिति में तृणमूल कांग्रेस का लंबे समय से दबदबा माना जाता था, लेकिन बदला हुआ राजनीतिक समीकरण अब बीजेपी के पक्ष में झुक गया है, जिससे क्षेत्र की स्थानीय प्रशासनिक कमान पहली बार बीजेपी के हाथों में आ गई है।

## सदन का गणित और अविश्वास प्रस्ताव के बाद का मतदान
सूती-1 पंचायत समिति के सीटों का ढांचा देखा जाए तो साल 2023 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने कुल 18 सीटों में से 12 सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। उस समय बीजेपी के खाते में सिर्फ 3 सीटें ही आई थीं। हालांकि, हालिया अविश्वास प्रस्ताव के बाद अध्यक्ष पद के लिए आयोजित बैठक में समीकरण पूरी तरह बदल गए। इस विशेष चुनाव बैठक में कुल 13 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित हुए थे। चुनाव प्रक्रिया के दौरान बुल्टी घोष को बीजेपी के 3 सदस्यों के साथ-साथ 7 निर्दलीय सदस्यों का मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ। इसके अलावा, बैठक में मौजूद रहने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस के 3 सदस्यों ने चुनाव के दौरान कोई विरोध दर्ज नहीं कराया, जिसके चलते बीजेपी आसानी से बहुमत साबित कर अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने में सफल रही।

## बुल्टी घोष का परिचय और विकास का रोडमैप
सूती-1 पंचायत समिति की नई कमान संभालने वाली बुल्टी घोष राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई हैं। वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व जंगीपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष धनंजय घोष की पत्नी हैं। पदभार संभालने और जीत की घोषणा के तुरंत बाद बुल्टी घोष ने अपने भावी विजन को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान जो भी जनहित और विकास कार्य अधूरे रह गए थे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई प्रशासनिक टीम पूरे इलाके के समग्र विकास के लिए काम करेगी और हर सुख-दुख में आम जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

## आवास योजना में अनियमितता के आरोप और नई सरकार की प्राथमिकता
इसी दौरान बीजेपी के पंचायत समिति सदस्य नारायण चंद्र दास ने स्थानीय मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सरकारी आवास योजना के क्रियान्वयन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां और धांधली की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई पात्र गरीब ग्रामीण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए थे। नारायण चंद्र दास के अनुसार, नई पंचायत समिति के समक्ष सबसे पहला और महत्वपूर्ण कार्य उन परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाना होगा, जो आज भी कच्चे घरों, झोपड़ियों या असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं।

## इसका आप पर असर
- **पश्चिम बंगाल (मुर्शिदाबाद) में:** सूती-1 पंचायत समिति में प्रशासनिक बदलाव से कच्चे मकानों में रह रहे वंचित ग्रामीणों तक सरकारी आवास योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचने की उम्मीद है।
- **भारत में:** यह घटनाक्रम दिखाता है कि स्थानीय निकायों में अविश्वास प्रस्ताव और निर्दलीय सदस्यों का समर्थन किस प्रकार सीट गणित को पलटकर जमीनी सत्ता का संतुलन बदल सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सूती-1 पंचायत समिति की नई अध्यक्ष कौन चुनी गई हैं?
सूती-1 पंचायत समिति की नई अध्यक्ष बीजेपी नेता बुल्टी घोष चुनी गई हैं, जो पूर्व जंगीपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष धनंजय घोष की पत्नी हैं।

### 2. 2023 के पंचायत चुनाव में टीएमसी और बीजेपी के पास कितनी सीटें थीं?
2023 के पंचायत चुनाव में 18 सदस्यों वाली इस पंचायत समिति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 12 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी के पास केवल 3 सीटें थीं।

### 3. अध्यक्ष पद के चुनाव में बुल्टी घोष को किन सदस्यों का समर्थन मिला?
अध्यक्ष के चुनाव में उपस्थित 13 सदस्यों में से बुल्टी घोष को 3 बीजेपी सदस्यों और 7 निर्दलीय सदस्यों का समर्थन मिला, जबकि उपस्थित 3 टीएमसी सदस्यों ने कोई विरोध नहीं किया।

### 4. नई पंचायत समिति की मुख्य प्रशासनिक प्राथमिकता क्या है?
नई अध्यक्ष बुल्टी घोष और सदस्य नारायण चंद्र दास के अनुसार, मुख्य प्राथमिकता पूर्ववर्ती शासन के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करना और कच्चे घरों में रहने वाले पात्र लोगों को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाना है।

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