स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगातार दूसरे साल अनुपस्थित रहे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, बीजेपी और कांग्रेस में छिड़ा सियासी घमासान लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की गैरमौजूदगी को लेकर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है, जिस पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है. देश के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के दौरान राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है. लाल किले की प्राचीर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बीच विपक्ष की प्रमुख हस्तियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस वार्षिक समारोह में शामिल नहीं हुए. यह लगातार दूसरा मौका है जब दोनों शीर्ष विपक्षी नेता लाल किले के प्राचीर पर आयोजित इस राष्ट्रीय उत्सव से दूर रहे हैं, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है. संवैधानिक पदों की गरिमा और सत्ता पक्ष के आरोप भारतीय जनता पार्टी ने दोनों शीर्ष नेताओं के कार्यक्रम में शामिल न होने पर कड़ा ऐतराज जताया है. बीजेपी की ओर से कहा गया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय पर्व पर मुख्य विपक्षी नेताओं की गैरमौजूदगी देश का स्पष्ट अपमान है. बीजेपी नेताओं ने तर्क दिया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ही महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों की जिम्मेदारी संभालते हैं. ऐसे में इतने बड़े राष्ट्रीय उत्सव से लगातार दूसरे वर्ष दूरी बनाए रखना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता. सीट आवंटन का मुद्दा और कांग्रेस का पलटवार इस विवाद पर कांग्रेस की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी को हर चीज में अपमान नजर आता है. वहीं, पार्टी से जुड़ी जानकारियों के अनुसार मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए समारोह स्थल पर दूसरी या तीसरी पंक्ति में सीट आवंटित की गई थी, जहां तक पहुंचना उनके लिए सहज नहीं था. इसके अतिरिक्त उन्हें पार्टी के मुख्य कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी शामिल होना था. संसद का हवाला और तीखे सवाल कांग्रेस द्वारा दी गई इस दलील पर बीजेपी ने दोबारा सवाल खड़े किए हैं. सत्ता पक्ष के नेताओं ने पूछा कि जब मल्लिकार्जुन खड़गे संसद भवन की सीढ़ियां आसानी से चढ़ सकते हैं, तो लाल किले के प्राचीर तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल कैसे हो गया. स्वतंत्रता दिवस समारोह के समापन के तुरंत बाद शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है, जहां दोनों ही प्रमुख दल एक-दूसरे पर राष्ट्रीय परंपराओं के अनादर का आरोप लगा रहे हैं. इसका आप पर असर • भारत में: यह विवाद दर्शाता है कि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं. • संसदीय व्यवस्था पर प्रभाव: मुख्य संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं की राष्ट्रीय आयोजनों में उपस्थिति या अनुपस्थिति से जनता के बीच राजनीतिक संदेश जाता है. सवाल-जवाब 1. लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में कौन से प्रमुख नेता शामिल नहीं हुए? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए. 2. विपक्ष के नेताओं की अनुपस्थिति पर बीजेपी ने क्या कहा? बीजेपी ने दोनों कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी को देश और राष्ट्रीय पर्व का अपमान करार दिया है. 3. कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का क्या जवाब दिया? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि बीजेपी को हर चीज में केवल अपमान ही नजर आता है. 4. मल्लिकार्जुन खड़गे के लाल किले न पहुंचने का क्या कारण बताया गया? सूत्रों के अनुसार, खड़गे के लिए दूसरी या तीसरी पंक्ति में सीट आवंटित की गई थी जहां पहुंचना असुविधाजनक था, और उन्हें कांग्रेस मुख्यालय में भी ध्वजारोहण करना था. 5. क्या राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पहली बार इस समारोह से दूर रहे हैं? नहीं, यह लगातार दूसरा साल है जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए हैं. https://trendkia.com/politics/svatntrata-divasa-samaroha-men-lagatara-dusare-sala-anupasthita-rahe-rahul-gandhi-aura-mallikarjun-kharge-bjp-aura-congress-men-ch-16961 TrendKia — Har trend, sabse pehle.