तमिलनाडु उपचुनाव: मदुरंतकम और धारापुरम सीटों के लिए टीवीके ने उतारे उम्मीदवार, डीएमके से कड़ा मुकाबला तमिलगा वेत्री कझगम ने दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जहां पार्टी का मुकाबला डीएमके से होगा। चेन्नई की राजनीति में सियासी सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है क्योंकि तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने आगामी दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगा दी है। पार्टी के संस्थापक और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय उर्फ थलापति विजय ने मदुरंतकम निर्वाचन क्षेत्र से के. मरागाथम कुमारवेल को मैदान में उतारा है, जबकि धारापुरम सुरक्षित सीट से पी. सत्यभामा को टिकट दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों ही नेता अपने पिछले कार्यकाल में इन्हीं क्षेत्रों से विधायक चुने जा चुके हैं, जिससे स्थानीय राजनीति में उनका प्रभाव एक बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। इन दोनों ही सीटों पर अब मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलने वाला है। इसके अलावा, मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के भी इस चुनावी दंगल में कूदने की पूरी संभावना है, क्योंकि पार्टी ने पहले ही अपने संभावित और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित कर लिए हैं। सीटों के खाली होने का कारण और नेताओं की पृष्ठभूमि ये दोनों ही विधानसभा सीटें हाल ही में तब खाली हुई थीं जब वहां के मौजूदा विधायकों ने अपने पाले में बदलाव कर लिया था। आपको बता दें कि के. मरागाथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा दोनों ने ही 23 अप्रैल को संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में AIADMK के चुनाव चिह्न और टिकट पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, चुनावी नतीजे सामने आने के बाद दोनों ही नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी का साथ छोड़ दिया और वे मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की नवनिर्वाचित पार्टी टीवीके में शामिल हो गए। दलबदल कानून के कड़े प्रावधानों के चलते इन दोनों को अपनी विधायकी से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके कारण इन सीटों पर नए सिरे से उपचुनाव कराना अनिवार्य हो गया था। अब एक बार फिर से उन्हीं दोनों नेताओं को टीवीके ने अपनी पार्टी के टिकट पर उन्हीं पुरानी सीटों से चुनावी रण में उतार दिया है। वर्तमान सांगठनिक ढांचे की बात करें तो कुमारवेल इस समय टीवीके के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि सत्यभामा पार्टी के भीतर तिरुपुर साउथ-ईस्ट जिला सचिव के रूप में अहम जिम्मेदारी संभाल रही हैं। विपक्ष की रणनीति और डीएमके के उम्मीदवार दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ दल को कड़ी टक्कर देने के लिए डीएमके ने भी इन दोनों सीटों पर अपने मजबूत उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। डीएमके ने मदुरंतकम सीट से पेशे से वकील और पूर्व विधायक आई. परंदमन को टिकट दिया है, जबकि धारापुरम सीट से एस. सुगन्या पार्टी की उम्मीदवार होंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव टीवीके के लिए अपनी सरकार बनने के बाद की पहली सबसे बड़ी चुनावी परीक्षा साबित होने वाला है, क्योंकि इससे जनता के बीच पार्टी की स्वीकार्यता और उसकी जमीनी पकड़ का वास्तविक आकलन हो सकेगा। चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, दोनों विधानसभा सीटों पर आगामी 6 अक्टूबर को मतदान संपन्न कराया जाएगा, जबकि डाले गए वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा 9 अक्टूबर को की जाएगी। जैसे-जैसे नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इन दोनों ही क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी और प्रचार प्रसार अपने चरम पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है। गठबंधन का समीकरण और सौ दिनों के कामकाज का मुद्दा मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आगामी उपचुनाव ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री फ्रंट’ नामक राजनीतिक गठबंधन के बैनर तले ही लड़ा जाएगा। इस खास गठबंधन में कांग्रेस और एमडीएमके जैसी अन्य पार्टियां भी शामिल हैं, जो मिलकर एनडीए या अन्य विपक्षी दलों का मुकाबला करेंगी। मदुरंतकम से टीवीके की टिकट पर चुनाव लड़ रहे कुमारवेल ने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है और प्रचार की रूपरेखा तैयार कर ली है। उन्होंने मीडिया और जनता के बीच यह संकेत दिया है कि पार्टी अपने शुरुआती सौ दिनों के दौरान किए गए विकास कार्यों और जनहित के फैसलों को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाएगी। कुमारवेल ने अपने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपनी पूरी ताकत झोंक दें ताकि उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताया जा सके। यह उपचुनाव केवल दो सीटों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी पैमाना होगा कि जनता नई सरकार के शुरुआती प्रदर्शन से कितनी संतुष्ट है। इसका आप पर असर तमिलनाडु में होने वाले इन दो विधानसभा उपचुनावों का असर राज्य की राजनीतिक स्थिरता और सत्ता समीकरण पर सीधा पड़ेगा। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर इस चुनाव को क्षेत्रीय दलों के गठजोड़ और तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक धुरी के एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है। • तमिलनाडु में: मदुरंतकम और धारापुरम के स्थानीय मतदाताओं के लिए यह चुनाव क्षेत्रीय विकास, प्रशासनिक गति और स्थानीय मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। ऐसा क्यों हुआ इन सीटों पर उपचुनाव इसलिए अनिवार्य हो गए क्योंकि पिछले चुनावों में जीतने वाले विधायकों ने पाला बदलकर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया था। • दलबदल कानून: के. मरागाथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा ने एआईएडीएमके के टिकट पर जीत दर्ज करने के बाद टीवीके का दामन थाम लिया था, जिसके चलते उन्हें दलबदल नियमों के तहत अपनी विधायकी गंवानी पड़ी। • चुनाव आयोग का शेड्यूल: संवैधानिक प्रावधानों के तहत खाली हुई सीटों को भरने के लिए चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना की तारीखें तय की हैं। सवाल-जवाब 1. तमिलनाडु की किन दो सीटों पर उपचुनाव हो रहा है? मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। 2. टीवीके ने मदुरंतकम से किसे अपना उम्मीदवार बनाया है? टीवीके ने मदुरंतकम से के. मरागाथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है। 3. धारापुरम सीट से टीवीके के उम्मीदवार कौन हैं? धारापुरम सीट से पी. सत्यभामा टीवीके की उम्मीदवार हैं। 4. इन दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग कब होगी? दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। https://trendkia.com/politics/tamil-nadu-by-elections-tvk-announces-candidates-for-madurantakam-and-dharapuram-direct-fight-against-dmk-30904 TrendKia — Har trend, sabse pehle.