तमिलनाडु उपचुनाव: छह अक्टूबर को दो सीटों पर फैसला, सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व की बड़ी परीक्षा तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। इन दोनों सीटों पर सी. जोसेफ विजय की पार्टी के उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे इस चुनाव को सरकार के गठन के बाद पहली बड़ी राजनीतिक अग्निपरीक्षा माना जा रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में छह अक्टूबर का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है, क्योंकि इस तारीख को राज्य की दो अहम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। ये सीटें मदुरांतकम हैं जो चेन्नई से सटे चेंगलपट्टू जिले में आती है, और धारापुरम है जो पश्चिमी तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के अंतर्गत आती है। खास बात यह है कि कुछ महीने पहले ही इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी AIADMK के उम्मीदवार विजयी हुए थे। अब उन्हीं सीटों पर तमिलगा वेत्री कड़गम यानी TVK के प्रत्याशी के रूप में वही पुराने चेहरे दोबारा चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय खुद इन उपचुनावों में प्रचार की कमान संभालते हुए मैदान में उतर चुके हैं। इन उपचुनावों को महज दो विधानसभा सीटों की मामूली टक्कर के रूप में देखना गलत होगा। अप्रैल महीने में सरकार बनने के बाद से TVK के लिए यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला साबित होने जा रहा है। यही मुख्य वजह है कि छह अक्टूबर का यह मतदान सी. जोसेफ विजय के राजनीतिक भविष्य और उनके नेतृत्व के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि पार्टी इन दोनों सीटों पर अपना पिछला प्रदर्शन दोहराने में सफल रहती है, तो सरकार बनने के बाद जनता के बीच उसके समर्थन की वास्तविक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। सी. जोसेफ विजय भी इस मुकाबले को बिल्कुल हल्के में लेते हुए नजर नहीं आ रहे हैं और उन्होंने 25 सितंबर से ही मदुरांतकम से अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। चुनावी सभाओं के दौरान सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अथूर टोल प्लाजा के पास आयोजित होने वाली इस जनसभा में लगभग 5,000 लोगों को विशेष QR कोड वाले पास के माध्यम से ही प्रवेश दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने सुरक्षा व्यवस्था और अत्यधिक भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए ही यह विशेष प्रबंध किया है। इस पूरी राजनीतिक उठापटक की शुरुआत पिछले अप्रैल महीने के विधानसभा चुनावों से जुड़ी हुई है, जहां मदुरांतकम से के. मरगतम कुमारवेल और धारापुरम से पी. सत्यबामा ने AIADMK के आधिकारिक टिकट पर शानदार जीत हासिल की थी। ये दोनों ही विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत आती हैं। चुनाव जीतने के कुछ ही समय बाद इन दोनों नेताओं ने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और वे सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK में शामिल हो गए थे। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के कारण इन दोनों रिक्त हुई सीटों पर दोबारा से उपचुनाव कराने की नौबत आन पड़ी है। अब TVK ने इन दोनों ही सीटों पर अपने पुराने और भरोसेमंद चेहरों पर ही दोबारा दांव खेला है। के. मरगतम कुमारवेल मदुरांतकम से और पी. सत्यबामा धारापुरम विधानसभा क्षेत्र से TVK की आधिकारिक उम्मीदवार बनाई गई हैं। इस प्रकार दोनों नेता इस बार TVK के चुनाव चिह्न के साथ जनता के बीच वोट मांगने के लिए जा रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि यह मुकाबला केवल दो अलग-अलग उम्मीदवारों की सीधी जंग तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाताओं के सामने भी एक दिलचस्प स्थिति है जहां पार्टी बदलने के बाद वही नेता फिर से उसी सीट पर दोबारा खड़े हैं। विपक्षी दल AIADMK के लिए भी ये उपचुनाव किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं क्योंकि उसने अप्रैल के आम चुनावों में इन दोनों सीटों पर बाजी मारी थी। अब उसके सामने अपनी उन खोई हुई सीटों को हर हाल में वापस अपनी झोली में डालने की कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। AIADMK ने मदुरांतकम से एस. कनिथा संपत और धारापुरम सीट से के. बनुमति को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनावी समर में उतारा है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी भी इन दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में धुआंधार प्रचार करेंगे। यही कारण है कि इस चुनाव में दलबदल और पार्टी बदलने का मुद्दा सबसे बड़ा राजनीतिक विषय बन गया है। AIADMK अपने पूर्व विधायकों के TVK में शामिल होने को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रही है, जबकि TVK उन्हीं नेताओं को दोबारा चुनाव जिताकर अपनी बढ़ती हुई राजनीतिक पकड़ साबित करना चाहती है। इन उपचुनावों में मुकाबला केवल दो दलों के बीच नहीं बल्कि कई पार्टियों के बीच बहुकोणीय होता दिख रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी DMK ने भी अपने मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जिसके तहत मदुरांतकम से आई. परंथमन और धारापुरम से एस. सुगन्या चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं। इसके अलावा नाम तमिझर काची और विभिन्न वाम दलों के प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन वापसी की तय समयसीमा समाप्त होने के बाद अब कुल 49 उम्मीदवार मैदान में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। TVK इन चुनावों में अपने खास राजनीतिक गठबंधन के साथ उतरी है, जिसका नाम सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री फ्रंट रखा गया है। इस गठबंधन में कांग्रेस और मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी MDMK समेत कई अन्य सहयोगी दल भी शामिल हैं। दूसरी तरफ वाम दलों की स्वतंत्र चुनावी उपस्थिति भी इन सीटों पर मुकाबले को और अधिक रोचक और बहुकोणीय बना देती है। खुद सी. जोसेफ विजय ने 25 सितंबर से मोर्चा संभालते हुए तूफानी प्रचार शुरू कर दिया है और वे दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल तैयार कर रहे हैं। पार्टी ने दोनों ही सीटों पर बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा तैयार की है और सी. जोसेफ विजय के साथ गठबंधन के अन्य दिग्गज नेता भी प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस पूरे चुनावी माहौल के दौरान राज्य में बिजली कटौती की समस्या और मरीना बीच के पास एक नया सचिवालय तथा विधानसभा परिसर बनाने के सरकार के प्रस्ताव जैसे स्थानीय मुद्दे भी प्रमुखता से चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में इन उपचुनावों के दौरान मौजूदा सरकार के समग्र कामकाज और नीतियों पर भी खुलकर बात हो रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, छह अक्टूबर को मदुरांतकम और धारापुरम में मतदान संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद सभी डाले गए वोटों की गिनती नौ अक्टूबर को की जाएगी, जिससे परिणामों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल चुनाव प्रचार का दौर पूरे चरम पर है और सभी उम्मीदवारों के पास मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सीमित समय बचा हुआ है। इन दो सीटों के नतीजे राजनीतिक रूप से इसलिए भी बेहद दिलचस्प होंगे क्योंकि दोनों उम्मीदवार वही हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले ही AIADMK के टिकट पर जीत दर्ज की थी, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उम्मीदवार का साथ देती है, पुरानी पार्टी के साथ रहती है या नई TVK को चुनती है। इसका आप पर असर तमिलनाडु में होने वाले इन उपचुनावों का सीधा असर राज्य की राजनीतिक स्थिरता और स्थानीय शासन पर पड़ेगा। • तमिलनाडु में: मदुरांतकम और धारापुरम के मतदाताओं के सामने यह फैसला करने का मौका होगा कि वे दलबदल करने वाले नेताओं पर कितना भरोसा करते हैं। • शासन पर: इन सीटों के नतीजे यह तय करेंगे कि सरकार बनने के बाद सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK को जमीनी स्तर पर कितना जनसमर्थन मिल रहा है। • राजनीतिक दलों पर: AIADMK के लिए यह चुनाव अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने और पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को कड़ा संदेश देने का जरिया है। • स्थानीय मुद्दों पर: चुनाव प्रचार के दौरान बिजली कटौती और नए सचिवालय निर्माण जैसे मुद्दों पर जनता की राय सीधे तौर पर शासन की प्राथमिकताओं को प्रभावित करेगी। • गठबंधन समीकरण पर: चुनाव परिणाम राज्य में विपक्षी दलों और नए गठबंधनों के बीच भविष्य की राजनीतिक रणनीतिक दिशा तय करेंगे। ऐसा क्यों हुआ इन उपचुनावों के होने की मुख्य वजह कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनावों के बाद विधायकों का पाला बदलना है। • दलबदल की वजह से: अप्रैल में AIADMK के टिकट पर जीते दो विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा देकर TVK का दामन थाम लिया था, जिसके कारण ये सीटें खाली हुईं। • राजनीतिक मजबूरी: AIADMK अपनी जीती हुई सीटें वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि TVK अपनी नवनिर्मित राजनीतिक जमीन को मजबूत करना चाहती है। • गठबंधन की रणनीतियां: विभिन्न दलों के मैदान में उतरने और नए मोर्चों के गठन से मुकाबला बहुकोणीय बन गया है, जिससे सभी दल अपनी ताकत झोंक रहे हैं। सवाल-जवाब 1. तमिलनाडु में उपचुनाव कब और किन सीटों पर हैं? उपचुनाव छह अक्टूबर को मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होंगे। 2. इन सीटों पर वोटों की गिनती कब होगी? डाले गए वोटों की गिनती नौ अक्टूबर को की जाएगी। 3. TVK की तरफ से इन सीटों पर कौन उम्मीदवार हैं? मदुरांतकम से के. मरगतम कुमारवेल और धारापुरम से पी. सत्यबामा TVK के उम्मीदवार हैं। 4. AIADMK ने किन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है? AIADMK ने मदुरांतकम से एस. कनिथा संपत और धारापुरम से के. बनुमति को टिकट दिया है। 5. ये सीटें क्यों खाली हुई थीं? अप्रैल में AIADMK के टिकट पर जीते विधायकों ने इस्तीफा देकर TVK जॉइन कर लिया था, जिससे सीटें खाली हुईं। 6. DMK की तरफ से कौन चुनाव लड़ रहा है? मदुरांतकम से आई. परंथमन और धारापुरम से एस. सुगन्या DMK के उम्मीदवार हैं। https://trendkia.com/politics/tamil-nadu-bypolls-vijay-s-political-mettle-tested-in-high-stakes-october-6-battle-38490 TrendKia — Har trend, sabse pehle.