# तमिलनाडु में गरमाई राजनीति, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर विवादित टिप्पणी के बाद डीएमके नेताओं पर एफआईआर दर्ज

> तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में डीएमके सांसद ए राजा और विधायक पीके सेकरबाबू के खिलाफ चेन्नई में पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। यह विवाद 12 सितंबर को हुए डीएमके के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों से जुड़ा है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-09-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/tamil-nadu-men-garamai-rajaniti-mukhyamntri-c-joseph-vijay-para-vivadita-tippani-ke-bada-dmk-netaon-para-fir-darja-32622 · **Language:** Hindi
**Tags:** तमिलनाडु राजनीति, सी जोसेफ विजय, डीएमके, ए राजा, पीके सेकरबाबू, चेन्नई पुलिस, राजनीतिक विवाद

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर भारी गरमागरम माहौल देखने को मिल रहा है, जहां मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के संबंध में दिए गए बयानों को लेकर द्रमुक नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ताजा घटनाक्रम के तहत चेन्नई में पुलिस ने दो बड़े नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं। यह पूरा विवाद 12 सितंबर को आयोजित किए गए एक विरोध प्रदर्शन से उपजा है, जिसमें मुख्यमंत्री और कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं थीं। इस कार्रवाई के बाद से राज्य की सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है।

## चेन्नई के थिसैपेट और नॉर्थ बीच थानों में मामले दर्ज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेन्नई के सैदापेट पुलिस स्टेशन में द्रमुक सांसद ए राजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की छह धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस प्रदर्शन के दौरान ए राजा ने कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार पर तीखा हमला बोला था और उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में सांसद कनिमोझी की सलाह पर उन्होंने अपना वह बयान वापस भी ले लिया था। इसके अलावा, राजा ने विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री विजय द्वारा किए गए एक इशारे पर भी कड़े सवाल खड़े किए थे, जिसे द्रमुक ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से जोड़कर देखा था।

## विधायक पीके सेकरबाबू पर भी शिकंजा
इसी सिलसिले में चेन्नई के नॉर्थ बीच पुलिस स्टेशन में हार्बर सीट से द्रमुक विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री रह चुके पीके सेकरबाबू के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि सेकरबाबू ने 12 सितंबर के उसी प्रदर्शन के मंच से मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा था। उन्होंने सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री के बयानों को केवल फिल्मी डायलॉग करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने साल 2025 की करूर भगदड़ की घटना का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के उस दौरान वहां से निकलने के तरीके पर भी कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।

## भ्रष्टाचार के मुद्दों और बयानों से भड़का टकराव
तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ पार्टी और मुख्यमंत्री विजय के बीच लंबे समय से तीखा वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष चल रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में विधानसभा के अंदर द्रमुक को पिछली सरकार की फाइलें सार्वजनिक करने और उनकी जांच कराने की कड़ी चेतावनी दी थी। इसी बहस के दौरान उन्होंने एमके स्टालिन के अतीत में जेल जाने की घटना की याद दिलाई थी और एक विशेष इशारा किया था। द्रमुक खेमे ने इस इशारे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि यह स्टालिन की पुरानी चोट और जेल के दिनों का उपहास उड़ाने के लिए किया गया था।

## मुख्यमंत्री की अपील और बढ़ता सियासी पारा
इस पूरे घटनाक्रम के जवाब में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी विजय से अपने पद की गरिमा और मर्यादा का हमेशा ख्याल रखने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद, द्रमुक ने इस मुद्दे को आक्रामक रूप देते हुए राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया था। अब इन्हीं प्रदर्शनों के दौरान नेताओं द्वारा की गई तीखी बयानबाजी और बयानों पर पुलिस द्वारा मुकदमे दर्ज किए जाने से राज्य का राजनीतिक तापमान और अधिक चढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनातनी और बढ़ने के पूरे आसार हैं।

## इसका आप पर असर
तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते इस टकराव और नेताओं पर दर्ज मुकदमों का सीधा असर राज्य की कानून व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** देश के अन्य राज्यों में भी क्षेत्रीय दलों और उभरते राजनीतिक चेहरों के बीच होने वाले जुबानी हमलों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
- **तमिलनाडु में:** चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक रैलियों, प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती काफी अधिक हो सकती है, जिससे आम नागरिकों को आवाजाही में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
तमिलनाडु की राजनीति में अचानक गरमाए इस माहौल और पुलिस कार्रवाई के पीछे लंबे समय से चल रहा वैचारिक संघर्ष और तीखे बयानों का सिलसिला है।

- **सीधा कारण:** 12 सितंबर को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान द्रमुक नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और कानून मंत्री के खिलाफ दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान इस एफआईआर का मुख्य आधार बने।
- **घटनाओं की श्रृंखला:** विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री द्वारा किए गए एक इशारे को द्रमुक द्वारा पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन के अपमान के रूप में देखे जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई थी।
- **जांच की स्थिति:** पुलिस ने सैदापेट और नॉर्थ बीच थानों में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है, और बयानों की सत्यता तथा वीडियो फुटेज की समीक्षा की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. तमिलनाडु में किन नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
चेन्नई में पुलिस ने द्रमुक सांसद ए राजा और विधायक पीके सेकरबाबू के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।

### 2. यह विवाद किस तारीख के प्रदर्शन से जुड़ा है?
यह पूरा विवाद 12 सितंबर को हुए द्रमुक के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों से जुड़ा हुआ है।

### 3. ए राजा के खिलाफ किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है?
ए राजा के खिलाफ चेन्नई के सैदापेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

### 4. पीके सेकरबाबू किस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं?
पीके सेकरबाबू हार्बर सीट से द्रमुक विधायक हैं और राज्य के पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं।

### 5. द्रमुक नेताओं ने मुख्य रूप से किस बात पर आपत्ति जताई थी?
द्रमुक नेताओं ने विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय द्वारा किए गए एक इशारे पर आपत्ति जताई थी, जिसे उन्होंने पार्टी प्रमुख से जोड़ा था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._