# तमिलनाडु विधानसभा में विजय का जवाब सुनने की होड़, विजिटर पास के लिए मारामारी

> तमिलनाडु विधानसभा में 7 सितंबर को गृह विभाग की बहस पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के जवाब को देखने के लिए विजिटर पास की भारी मांग है, स्कूल-कॉलेज के लिए ऑनलाइन रिजर्वेशन शनिवार शाम तक ही लगभग फुल हो गया।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/tamil-nadu-vidhanasabha-men-vijay-ka-javaba-sunane-ki-hora-vijitara-pasa-ke-lie-maramari-28417 · **Language:** Hindi
**Tags:** तमिलनाडु विधानसभा, सीएम विजय, गृह विभाग बहस, विजिटर पास, टीवीके सरकार, चेन्नई

चेन्नई से खबर है कि तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार, 7 सितंबर को होने वाली कार्यवाही देखने के लिए आम लोगों और छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। दरअसल गृह विभाग को लेकर अनुदान मांगों पर होने वाली बहस का जवाब खुद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय देंगे, और यही वजह है कि विजिटर गैलरी की सीटें हाथों-हाथ बुक हो गई हैं।

## शनिवार शाम तक ही ज्यादातर सीटें फुल
विधानसभा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक स्कूल-कॉलेज के विज़िटर्स के लिए तय ऑनलाइन रिजर्वेशन प्रक्रिया शनिवार शाम तक लगभग पूरी तरह भर चुकी थी। सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच का स्लॉट सबसे पहले पूरी तरह बुक हो गया, वहीं शाम करीब 7:30 बजे तक सुबह 10:30 से 11 बजे वाले स्लॉट में भी गिनी-चुनी सीटें ही बाकी बची थीं। अधिकारियों का कहना है कि इतनी तेजी से सीटें भरना खुद बताता है कि विजय के 7 सितंबर वाले तय जवाब को लेकर लोगों में उत्सुकता कितनी ज्यादा है।

## गृह विभाग की बहस को इतनी अहमियत क्यों दी जा रही है
अधिकारियों के मुताबिक इस भारी भीड़ के पीछे दो बड़ी वजहें हैं, सदन में खुद मुख्यमंत्री की मौजूदगी और गृह विभाग से जुड़ी बहस की गंभीरता। यह विभाग कानून-व्यवस्था, पुलिस बंदोबस्त, जनता की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों को संभालता है। यही वजह है कि इस बार सरकार की तरफ से आने वाला जवाब मौजूदा सत्र के सबसे अहम पलों में गिना जा रहा है, और लोग इसे लाइव देखने से चूकना नहीं चाहते।

## छात्रों को कैसे मिलेगा विजिटर पास
सदन की कार्यवाही देखने के इच्छुक छात्रों को विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध खास सुविधा के जरिए पहले से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। इस सुविधा से स्कूल-कॉलेज समूह में आवेदन कर सकते हैं और अकेले आवेदन करने वाले छात्र भी उपलब्धता और तय प्रवेश नियमों के आधार पर अपनी सीट पहले से बुक कर सकते हैं। सदन के अंदर बैठने के दो तरीके हैं, आठ बॉक्स-नुमा गैलरी बनी हैं जिनमें हर एक में सिर्फ पांच सीटें हैं, जबकि हॉल के दोनों तरफ की लंबी बेंचों पर एक ही समय में तकरीबन 100 से 150 विज़िटर्स समा सकते हैं। यानी बेंच वाली सीटें भले ज्यादा हों, लेकिन बॉक्स गैलरी की सीमित सीटें बहुत जल्दी भर जाती हैं।

## नई सरकार बनने के बाद से बढ़ी विज़िटर्स की तादाद
विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि टीवीके की अगुआई वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से सदन में आने वाले विज़िटर्स की संख्या पहले से ही तेजी से बढ़ी हुई है। जिस भी दिन विजय खुद सत्र में मौजूद रहते हैं, गैलरी और बेंचों की मांग और बढ़ जाती है, क्योंकि बहुत सारे लोग मुख्यमंत्री को अपनी आंखों के सामने देखना चाहते हैं और यह भी समझना चाहते हैं कि सदन के अंदर कामकाज कैसे चलता है। अधिकारी के मुताबिक विधानसभा की कार्यवाही देखने अब हर दिन औसतन 2,000 से 3,000 लोग पहुंच रहे हैं। हालांकि यह आंकड़ा पूरे दिन में अलग-अलग स्लॉट में आने वाले कुल विज़िटर्स का है, न कि किसी एक समय पर गैलरी और बेंचों पर एक साथ बैठे लोगों की गिनती का। बहरहाल, रिजर्वेशन का इस तरह से भर जाना यही दिखाता है कि युवाओं के बीच विधायी बहसों और नई सरकार के अब तक के कामकाज को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटनाक्रम सीधे तौर पर तमिलनाडु के उन छात्रों और आम नागरिकों को छूता है जो विधानसभा की कार्यवाही अपनी आंखों से देखना चाहते हैं।

- **भारत में:** यह दिखाता है कि नई सरकारों के दौर में आम लोगों की विधायी कामकाज में दिलचस्पी बढ़ रही है। दूसरे राज्यों की विधानसभाएं भी अपनी विजिटर सुविधाओं और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को इसी तरह मजबूत करने पर विचार कर सकती हैं।
- **तमिलनाडु में:** चेन्नई और आसपास के जिन छात्रों व लोगों को 7 सितंबर की कार्यवाही देखनी है, उनके लिए सीटें लगभग फुल हो चुकी हैं, इसलिए आने वाले सत्रों के लिए वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन जल्दी कराना जरूरी होगा। स्कूल-कॉलेज प्रशासन को भी समूह में आवेदन के लिए पहले से योजना बनानी होगी क्योंकि स्लॉट कुछ ही घंटों में भर रहे हैं।
- **छात्रों के लिए:** सदन की कार्यवाही समझने का यह मौका सीमित सीटों की वजह से मुश्किल हो गया है, इसलिए बुकिंग खुलते ही तुरंत रजिस्ट्रेशन करना फायदेमंद रहेगा।
- **आम विज़िटर्स के लिए:** बेंच वाली सीटें ज्यादा होने के बावजूद पांच-पांच सीटों वाली बॉक्स गैलरी बहुत जल्दी भर जाती है, इसलिए पास चुनते समय विकल्प का ध्यान रखना जरूरी है।

## सवाल-जवाब

### 1. विजिटर पास की मांग इतनी क्यों बढ़ी है?
क्योंकि 7 सितंबर को गृह विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब खुद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय देंगे, इसलिए लोग उन्हें सदन में देखना चाहते हैं।

### 2. विजिटर पास के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?
छात्रों और आम लोगों को विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई सुविधा से पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

### 3. विधानसभा में बैठने की कितनी जगह है?
आठ बॉक्स-स्टाइल गैलरी में हर एक में पांच सीटें हैं, जबकि हॉल के दोनों ओर की बेंचों पर एक साथ करीब 100 से 150 लोग बैठ सकते हैं।

### 4. अब हर दिन कितने लोग कार्यवाही देखने पहुंच रहे हैं?
अधिकारियों के मुताबिक अब औसतन हर दिन 2,000 से 3,000 लोग अलग-अलग स्लॉट में विधानसभा की कार्यवाही देखने आ रहे हैं।

### 5. कौन-सा स्लॉट सबसे पहले फुल हुआ?
सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच का स्लॉट सबसे पहले पूरी तरह बुक हो गया था।

### 6. टीवीके सरकार बनने से विज़िटर्स की संख्या पर क्या असर पड़ा है?
अधिकारियों के मुताबिक टीवीके की अगुआई वाली सरकार बनने के बाद से सदन में आने वाले विज़िटर्स की तादाद तेजी से बढ़ी है।

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