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  "title": "दशरथ मांझी की श्रद्धांजलि सभा में तेजस्वी से हुई बड़ी चूक, जीतनराम मांझी ने कसा करारा तंज",
  "summary": "पटना में एक कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी की बजाय जीतनराम मांझी को श्रद्धांजलि दे दी। इस गलती पर जीतनराम मांझी ने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा पलटवार करते हुए तीखा तंज कसा है।",
  "content": "बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को एक ऐसा राजनीतिक वाकया सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय में पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की पुण्यतिथि के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में पार्टी के बड़े नेता तेजस्वी यादव भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे थे। जब उन्हें मंच पर अपनी बात रखने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बुलाया गया, तो भाषण की शुरुआत में उनसे एक बड़ी जुबान फिसलने वाली गलती हो गई। उन्होंने दशरथ मांझी को याद करने की बजाय सीधे तौर पर जीतनराम मांझी के श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित होने की बात कह दी। हालांकि, जैसे ही वहां मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें इस भूल के बारे में टोका, उन्होंने अपनी गलती का अहसास करते हुए तुरंत अपनी बात में सुधार कर लिया था।\n\n \n\nजीतनराम मांझी का सोशल मीडिया पर तीखा हमला\n राजनीति में इस तरह की चूक विरोधी दलों के लिए बड़ा मौका बन जाती है। जैसे ही तेजस्वी यादव की यह जुबान फिसलने वाली बात जीतनराम मांझी तक पहुंची, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा पोस्ट लिख डाला। उन्होंने अपने अंदाज में लिखा कि नशा शराब में होता तो बोतल नाचती, और यह नशा कुछ भी करवा सकता है। उन्होंने आगे यह भी कटाक्ष किया कि लगता है बाबू साहब का पिछली रात का नशा उतरा नहीं था, जिसके कारण वे उन्हें ही श्रद्धांजलि अर्पित कर बैठे। बात को और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में यह नेता जीते-जी अपने पिता लालू यादव और माता राबड़ी देवी को भी श्रद्धांजलि दे देंगे क्योंकि ऐसा नशा इंसान से कुछ भी करवा सकता है।\n\n \n\nझारखंड के छात्र आंदोलन और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा\n इससे ठीक दो हफ्ते पहले यानी 6 अगस्त को भी तेजस्वी यादव एक अलग वजह से चर्चा में आए थे जब झारखंड में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन चल रहा था। उस दौरान जब मीडिया ने उनसे झारखंड के छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया मांगी थी, तो उन्होंने किसी प्रकार की विस्तृत बात करने से बचते हुए केवल यह कहकर बात टाल दी थी कि इस पर कल बात करेंगे... कल बात करेंगे। यह वह दौर था जब झारखंड में छात्र आंदोलन अपने चरम पर था और वहां सत्ता में काबिज महागठबंधन सरकार का राष्ट्रीय जनता दल एक अहम घटक दल था। इसके बावजूद उन्होंने झारखंड के मुद्दों पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुप्पी साधे रखी और पूरा ध्यान बिहार की कानून व्यवस्था तथा बंटी यादव हत्याकांड जैसे स्थानीय मामलों पर केंद्रित किया। हालांकि, बाद में हेमंत सोरेन की सरकार ने रात के समय ही छात्रों की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया था जिसके बाद वह आंदोलन समाप्त हो गया था।\n\nइसका आप पर असर\nबिहार में: यह घटना राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है, जिससे विपक्षी नेताओं को तीखे कटाक्ष करने का मौका मिल गया है। आम जनता के दैनिक जीवन पर इसका कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है, लेकिन यह राजनीतिक बयानों और जुबान फिसलने के मामलों में नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी को जरूर रेखांकित करता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. तेजस्वी यादव ने किस कार्यक्रम के दौरान गलती की थी?\nतेजस्वी यादव ने पटना में राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय में आयोजित पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की पुण्यतिथि के कार्यक्रम के दौरान यह गलती की थी।\n\n2. तेजस्वी यादव से भाषण के दौरान क्या गलती हुई थी?\nउन्होंने भाषण की शुरुआत में दशरथ मांझी की जगह जीतनराम मांझी को श्रद्धांजलि देने की बात कह दी थी।\n\n3. जीतनराम मांझी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?\nजीतनराम मांझी ने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसते हुए लिखा कि नशा शराब में होता तो बोतल नाचती और यह नशा कुछ भी करवा सकता है।\n\n4. झारखंड छात्र आंदोलन के समय तेजस्वी यादव ने क्या कहा था?\nझारखंड के छात्र आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह कहकर बात टाल दी थी कि इस पर कल बात करेंगे।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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    "तेजस्वी यादव",
    "जीतनराम मांझी",
    "दशरथ मांझी",
    "पटना समाचार",
    "बिहार राजनीति",
    "लालू यादव"
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  "site": "TrendKia"
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