तेलंगाना विधानसभा में भावुक होकर रो पड़े स्पीकर गड्डम प्रसाद, बीआरएस नेताओं पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप तेलंगाना विधानसभा में स्पीकर गड्डम प्रसाद एक नेता द्वारा कथित रूप से अपमानजनक भाषा इस्तेमाल किए जाने के बाद सदन में रो पड़े। इस सिलसिले में दो बीआरएस एमएलसी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इसे राज्य के लिए काला दिन करार दिया है। हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गड्डम प्रसाद सदन की कार्यवाही के दौरान भावुक हो गए और रो पड़े। बताया जा रहा है कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) के एक नेता की तरफ से उनके खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसके बाद वह सदन में ही अपने आंसू नहीं रोक पाए। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो बीआरएस एमएलसी को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को बीआरएस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नारायणगुडा पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। वे पार्टी के गिरफ्तार किए गए एमएलसी टाटा मधु और नवीन कुमार रेड्डी की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े हुए थे। गेट पर हंगामा और नेताओं की हिरासत इससे पहले सोमवार को विधानसभा परिसर के मुख्य द्वार पर उस वक्त भारी तनाव देखने को मिला जब काले कपड़े पहनकर पहुंचे बीआरएस विधायकों को अंदर जाने से रोक दिया गया। इस दौरान विधायकों की वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी बहस भी हुई। हालात को बिगड़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और के टी रामराव, हरीश राव समेत कई प्रमुख बीआरएस नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस इन सभी नेताओं को तुरंत वहां से हटाकर अलग-अलग स्थानीय पुलिस स्टेशनों में ले गई, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव और ज्यादा बढ़ गया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बताया काला दिन सदन के भीतर स्पीकर के साथ हुए इस कथित बर्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इसे तेलंगाना के इतिहास का काला दिन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना की योजना एक फार्महाउस पर हुई बीआरएस लेजिस्लेटिव पार्टी की बैठक में बनाई गई थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने सदन में जाने से पहले अपने सदस्यों को उकसाया और सुनियोजित तरीके से इस तरह का माहौल तैयार किया। रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह सिर्फ स्पीकर का नहीं बल्कि राज्य के चार करोड़ नागरिकों का सीधा अपमान है। उन्होंने पुलिस बल पर हुए हमले और स्पीकर के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा की कड़े शब्दों में निंदा की। दलित और आदिवासी समाज का अपमान मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था, राजशाही या सामंती दौर में भी स्पीकर पद की गरिमा के खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा और उनके परिवार के सदस्यों पर व्यक्तिगत टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जा सकती हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर और नाकाबिले-माफ अपराध बताया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विधानसभा के दलित और आदिवासी विधायकों को विशेष तौर पर इसे अपने समाज का अपमान मानना चाहिए क्योंकि स्पीकर इस सदन में सभी जनप्रतिनिधियों के लिए पूरी तरह बराबर और सर्वोच्च पद पर होते हैं। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति किसी भी वर्ग या जाति से ताल्लुक रख सकता है, लेकिन एक बार जब कोई स्पीकर की कुर्सी पर बैठ जाता है, तो वह हर सदस्य के लिए समान रूप से आदरणीय हो जाता है। इसका आप पर असर यह राजनीतिक विवाद सीधे तौर पर राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। • भारत में: राजनीतिक दलों के बीच इस तरह के टकराव से राज्यों में विधानसभा सत्रों की गरिमा और विधायी कामकाज पर असर पड़ता है, जिससे जनता के मुद्दों पर चर्चा बाधित होती है। • हैदराबाद में: स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शनों और नेताओं की गिरफ्तारी के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिससे शहर में यातायात और आम आवाजाही में रुकावट आ सकती है। • कानून-व्यवस्था: पुलिस और विपक्षी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों से सुरक्षा बल व्यस्त रहते हैं, जिसका असर शहर के अन्य नागरिक कार्यों पर पड़ सकता है। • राजनीतिक माहौल: इस घटना के बाद राज्यभर में राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा राजनीतिक संकट विधानसभा परिसर के बाहर और भीतर हुए गतिरोध के बाद पैदा हुआ है। • सदन में अपमानजनक भाषा: स्पीकर गड्डम प्रसाद के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने से यह पूरा विवाद तूल पकड़ गया। • फार्महाउस बैठक: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का दावा है कि बीआरएस नेताओं ने विधानसभा जाने से पहले एक फार्महाउस पर बैठक कर अपने सदस्यों को आक्रामक रुख अपनाने के लिए उकसाया था। • गेट पर रोक और प्रदर्शन: सोमवार को काले कपड़े पहनकर आए बीआरएस विधायकों को गेट पर रोके जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी बहस हुई, जिसके बाद नेताओं को हिरासत में लिया गया। • गिरफ्तारियां: पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो बीआरएस एमएलसी को गिरफ्तार किया, जिसके जवाब में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सवाल-जवाब 1. तेलंगाना विधानसभा में स्पीकर क्यों रो पड़े? बीआरएस के एक नेता द्वारा उनके खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद स्पीकर गड्डम प्रसाद भावुक होकर रो पड़े। 2. इस मामले में किन नेताओं को गिरफ्तार किया गया है? पुलिस ने इस मामले में दो बीआरएस एमएलसी टाटा मधु और नवीन कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया है। 3. बीआरएस कार्यकर्ताओं ने कहाँ विरोध प्रदर्शन किया? बीआरएस कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तार किए गए एमएलसी की रिहाई की मांग को लेकर नारायणगुडा पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। 4. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस घटना को क्या कहा है? मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस घटना को तेलंगाना के लिए एक काला दिन और राज्य के चार करोड़ लोगों का अपमान बताया है। 5. सोमवार को विधानसभा गेट पर क्या हुआ था? काले कपड़े पहनकर पहुंचे बीआरएस विधायकों को विधानसभा के अंदर जाने से रोक दिया गया था, जिसके बाद उनकी सुरक्षाकर्मियों से बहस हुई। 6. पुलिस ने किन प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया था? तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस ने के टी राव और हरीश राव समेत कई अन्य बीआरएस नेताओं को हिरासत में लिया था। https://trendkia.com/politics/telangana-assembly-speaker-gaddam-prasad-breaks-down-in-tears-over-alleged-brs-abuse-cm-revanth-reddy-calls-it-a-dark-day-29437 TrendKia — Har trend, sabse pehle.