# तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के इंजीनियरिंग छात्रों पर दिए बयान पर मचा बवाल, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कसा तंज

> हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इंजीनियरिंग पास युवाओं की स्किल पर सवाल उठाए, जिस पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-07-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/telangana-ke-mukhyamntri-revanth-reddy-ke-injiniyaringa-chhatron-para-die-bayana-para-macha-bavala-bjp-sansada-nishikant-dubey-ne--12526 · **Language:** Hindi
**Tags:** रेवंत रेड्डी, निशिकांत दुबे, तेलंगाना राजनीति, इंजीनियरिंग ग्रेजुएट, राहुल गांधी, बीजेपी, बीआरएस

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा इंजीनियरिंग स्नातकों की कार्यकुशलता और नौकरी पाने की योग्यता को लेकर दिए गए एक बयान के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। हैदराबाद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में हर साल निकलने वाले लाखों इंजीनियरिंग पास आउट छात्रों की स्किल पर गंभीर चिंता जताई। हालांकि, इस दौरान उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को लेकर विपक्षी दलों बीआरएस और BJP ने कड़ा एतराज जताया है और उन पर विद्यार्थियों का अनादर करने का आरोप लगाया है। वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए उनके बयान के लिए कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है।

## इंजीनियरिंग स्नातकों की काबिलियत पर उठे सवाल
हैदराबाद के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शिक्षा और कौशल विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये दोनों विषय सरकार के लिए दो आंखों की तरह महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने राज्य में उच्च शिक्षा के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि तेलंगाना में हर वर्ष लगभग 1.10 लाख छात्र इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करके निकलते हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उनमें से एक बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है जो नौकरी के लिए आवश्यक सामान्य आवेदन पत्र भी सही तरीके से नहीं भर पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और शिक्षाविदों से आग्रह किया कि वे इस जमीनी स्थिति का स्वयं परीक्षण करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी पढ़ाई कराने वाले गांवों के बच्चों को उनकी इंजीनियरिंग डिग्री के साथ बुलाएं और एक सादा कागज देकर उनसे नौकरी का आवेदन भरवाकर देखें। उनका मानना था कि ऐसा करने पर शिक्षा के वास्तविक स्तर की पोल खुल जाएगी और अभिभावकों को भी अपने बच्चों की असली काबिलियत का अंदाजा हो सकेगा।

## 'क्रिमिनल वेस्ट' टिप्पणी और रोजगार का जमीनी संकट
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्थिति की गंभीरता को समझाने के लिए कहा कि यह पूरी तरह से क्रिमिनल वेस्ट की श्रेणी में आता है। उनके अनुसार, इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर लेने के कारण कई युवा छोटी-मोटी नौकरियां करने से कतराते हैं और नए व्यावहारिक कौशल सीखने में रुचि नहीं दिखाते।

> "यह पूरी तरह क्रिमिनल वेस्ट है, क्योंकि उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, इसलिए वह छोटी-मोटी नौकरी नहीं करेगा।"
उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र के अभिभावक लगातार उनसे अपने बेटों को नौकरी दिलवाने की सिफारिश करने आते हैं। उनका कहना था कि माता-पिता को लगता है कि उनके बच्चे ने बड़ी डिग्री हासिल कर ली है, जबकि वे बाजार की वास्तविक मांग और बच्चे के वास्तविक कौशल से पूरी तरह अनजान रहते हैं।

## निशिकांत दुबे का तंज और राहुल गांधी पर निशाना
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बेहद दिलचस्प अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने रेवंत रेड्डी को अपना पुराना मित्र और एक अच्छा इंसान बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने अपने शुरुआती दिनों में संघ परिवार और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन विस्तार में एक साथ काम किया है।

> "उनकी सोच सही है, लेकिन उन्हें राहुल गांधी की हर बात को मानना पड़ता है।"
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि से आने के कारण रेवंत रेड्डी की मूल सोच और समझ बिल्कुल सही है। हालांकि, वर्तमान में कांग्रेस पार्टी में होने के कारण उन्हें राहुल गांधी के निर्देशों के अनुसार ही बोलना पड़ता है। निशिकांत दुबे का दावा था कि मुख्यमंत्री वही बातें कहते हैं जो राहुल गांधी उन्हें कहने के लिए कहते हैं, इसलिए इसमें रेवंत रेड्डी की अपनी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है।

## रेवंत रेड्डी के पुराने चर्चित राजनीतिक बयान
यह पहली बार नहीं है जब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के किसी बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी वे कई मौकों पर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान भी उनका एक बयान काफी चर्चित रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम पहले से ही घायल हैं, हमें घातक मत बनाओ।

इसके अलावा, तेलंगाना की राजनीति में 2028 के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी बीजेपी नेता नितिन नवीन के बयानों पर रेवंत रेड्डी की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। उनके इन बयानों ने राज्य के राजनीतिक हलकों में लगातार बहस को जन्म दिया है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** तकनीकी डिग्री और व्यावहारिक कौशल के बीच बढ़ता अंतर युवाओं के लिए रोजगार पाने में एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है।

**तेलंगाना में:** राज्य सरकार इंजीनियरिंग कॉलेजों में व्यावहारिक स्किल डेवलपमेंट पर अधिक ध्यान देने की योजना बना रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इंजीनियरिंग छात्रों के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में हर साल 1.10 लाख इंजीनियरिंग छात्र पास होते हैं, लेकिन उनमें से कई एक सादे कागज पर नौकरी का आवेदन फॉर्म भी ठीक से नहीं भर पाते।

### 2. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने रेवंत रेड्डी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
निशिकांत दुबे ने कहा कि रेवंत रेड्डी एक अच्छे इंसान हैं और विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं, लेकिन वे राहुल गांधी के निर्देशों के तहत ऐसा बोल रहे हैं।

### 3. विपक्षी दलों बीआरएस और बीजेपी ने इस बयान पर क्या आरोप लगाया?
विपक्षी दलों बीआरएस और बीजेपी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों का अपमान करता है।

### 4. रेवंत रेड्डी ने 'क्रिमिनल वेस्ट' किसे बताया?
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की डिग्री होने के कारण युवा छोटी नौकरियां करने से बचते हैं और नए कौशल नहीं सीखते, जो एक तरह से क्रिमिनल वेस्ट है।

### 5. निशिकांत दुबे और रेवंत रेड्डी के बीच क्या पुराना संबंध बताया गया?
निशिकांत दुबे ने बताया कि वे दोनों पुराने मित्र हैं और दोनों ने संघ परिवार तथा विद्यार्थी परिषद के विस्तार में एक साथ काम किया है।

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