थूथुकुडी में डीएमके विधायक मार्कंडेयन गिरफ्तार, सीएम विजय पर टिप्पणी बनी वजह, इसी महीने दूसरा मामला थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम से डीएमके विधायक जीवी मार्कंडेयन को सीएम सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया, महीनेभर में जिले से यह दूसरी ऐसी गिरफ्तारी है। तमिलनाडु में एक महीने के भीतर दूसरी बार किसी डीएमके विधायक को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। सोमवार सुबह पुलिस ने विलाथिकुलम से डीएमके विधायक जीवी मार्कंडेयन को उनके घर से हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पूरा घटनाक्रम क्या है पूर्व सीएम और डीएमके प्रमुख करुणानिधि की जयंती के मौके पर थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम निर्वाचन क्षेत्र में विधायक मार्कंडेयन की अगुवाई में एक जनसभा आयोजित की गई थी। इसी जनसभा के दौरान मार्कंडेयन ने सीएम विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम यानी टीवीके के सदस्यों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ विलाथिकुलम इलाके में विधायक मार्कंडेयन के घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और मामले में आगे की कार्रवाई अभी जारी है। गिरफ्तारी के वक्त घर के बाहर नारेबाजी पुलिस अधिकारी के मुताबिक विधायक मार्कंडेयन को उनके आवास से ही हिरासत में लिया गया था। इस दौरान उनके समर्थक पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में घर के बाहर जमा होकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच पुलिस ने बाद में औपचारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी दर्ज की। अधिकारी ने साफ किया कि यह कार्रवाई सत्तारूढ़ टीवीके के एक पदाधिकारी की शिकायत पर की गई है, जिससे साफ है कि पूरा मामला सीधे तौर पर उसी जनसभा से जुड़ा है जिसमें मार्कंडेयन ने विवादित बयान दिया था। पी काशीराम की शिकायत और दर्ज हुई धाराएं टीवीके पदाधिकारी पी काशीराम ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि 18 जुलाई को थूथुकुडी जिले के कोविलपट्टी में हुई एक जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक मार्कंडेयन ने मुख्यमंत्री के खिलाफ धमकी भरी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धाराओं के तहत मार्कंडेयन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें आपराधिक धमकी देना, सार्वजनिक शांति भंग करने की नीयत से जानबूझकर अपमान करना और झूठी सूचना फैलाना शामिल है। यानी विधायक पर सिर्फ अपमानजनक टिप्पणी ही नहीं बल्कि धमकी देने और गलत सूचना फैलाने का भी आरोप है। विधायक बोले, बिना अनुमति गिरफ्तारी नहीं हो सकती सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में मार्कंडेयन यह दलील देते सुनाई दिए कि वे एक विधायक हैं, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। हालांकि पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर थाने ले जाना जारी रखा, जबकि उनके समर्थक आवास के बाहर प्रदर्शन करते रहे और पुलिस कार्रवाई का विरोध जताते रहे। इसी महीने दूसरी बार हुई कार्रवाई यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री विजय की आलोचना करने पर थूथुकुडी जिले से किसी डीएमके विधायक पर गाज गिरी हो। इससे पहले 6 जुलाई को भी डीएमके विधायक अनिता राधाकृष्णन को इसी जिले में गिरफ्तार किया गया था। इसी घटनाक्रम में जिले की तिरुचेंदूर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वालीं पूर्व राज्य मंत्री अनिता आर राधाकृष्णन को भी 3 जुलाई को मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस तरह थूथुकुडी जिले से यह लगातार दूसरी गिरफ्तारी है, जिसने राज्य की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। डीएमके ने बताया प्रतिशोध की कार्रवाई विधायक मार्कंडेयन की गिरफ्तारी पर डीएमके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सत्तारूढ़ सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रतिशोध की भावना से विपक्षी विधायकों को निशाना बना रही है। पार्टी का कहना है कि एक ही महीने में दो-दो विधायकों की गिरफ्तारी दिखाती है कि सरकार असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। इसका आप पर असर • भारत में: तमिलनाडु में सत्ताधारी टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच बढ़ती तनातनी से चुनावी माहौल गरमाना शुरू हो गया है, जिस पर देशभर की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी। • थूथुकुडी में: जिले में एक महीने के भीतर दूसरे विधायक की गिरफ्तारी और भारी पुलिस तैनाती से स्थानीय स्तर पर तनाव और प्रदर्शनों का माहौल बना हुआ है, जिससे आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। सवाल-जवाब 1. डीएमके विधायक जीवी मार्कंडेयन को क्यों गिरफ्तार किया गया? मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने के आरोप में उन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया गया। 2. शिकायत किसने दर्ज कराई थी? सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम यानी टीवीके के पदाधिकारी पी काशीराम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। 3. मार्कंडेयन पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं? भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस के तहत आपराधिक धमकी देने, सार्वजनिक शांति भंग करने की नीयत से जानबूझकर अपमान करने और झूठी सूचना फैलाने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। 4. यह विवाद कहां और कब शुरू हुआ? 18 जुलाई को थूथुकुडी जिले के कोविलपट्टी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मार्कंडेयन ने कथित तौर पर सीएम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। 5. क्या यह इस महीने की पहली ऐसी गिरफ्तारी है? नहीं, इससे पहले 6 जुलाई को भी डीएमके विधायक अनिता राधाकृष्णन को थूथुकुडी में इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 6. गिरफ्तारी के वक्त क्या हुआ था? वायरल वीडियो में मार्कंडेयन ने विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना गिरफ्तारी न होने की दलील दी, लेकिन पुलिस उन्हें समझाकर थाने ले गई जबकि उनके समर्थकों ने घर के बाहर नारेबाजी की। 7. डीएमके ने इस गिरफ्तारी पर क्या प्रतिक्रिया दी? डीएमके ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए सत्तारूढ़ सरकार पर प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। https://trendkia.com/politics/thoothukudi-men-dmk-vidhayaka-markandeyan-giraphtara-siema-vijay-para-tippani-bani-vajaha-isi-mahine-dusara-mamala-9113 TrendKia — Har trend, sabse pehle.