उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027: रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर गरमाई राजनीति, आमने-सामने राहुल गांधी और योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रोजगार और शिक्षा को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। प्रयागराज में राहुल गांधी के छात्र संवाद के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थनगर में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की सुगबुगाहट तेज होने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी परवान चढ़ने लगी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में नेता अपनी जमीन मजबूत करने और युवाओं के मुद्दों को भुनाने में जुटे हैं। इसी क्रम में प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल के सिद्धार्थनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के इन ताबड़तोड़ दौरों ने यह साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाला चुनाव रोजगार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य के इर्द-गिर्द घूमेगा। सिद्धार्थनगर में योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस पर करारा हमला सिद्धार्थनगर जिले में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पार्टी के लंबे शासनकाल की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और उद्यमिता जैसे अहम क्षेत्रों में कांग्रेस ने देश की युवा पीढ़ी के साथ हमेशा छल किया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि करीब 55 से 60 वर्षों तक देश की सत्ता संभालने के बावजूद कांग्रेस ने कभी इन बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई ठोस दृष्टि विकसित नहीं की। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 12 वर्षों के भीतर देश भर के 17 करोड़ लोगों को रोजगार और नौकरियां मिलने का दावा किया गया। आंकड़ों की जुबानी विकास का दावा विकास के दावों को पुख्ता करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई आंकड़े भी जनता के सामने रखे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पहले देश में कौशल विकास का कोई सुनियोजित तंत्र मौजूद नहीं था। आज उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में 17,000 से अधिक कौशल विकास केंद्र और 15,000 से ज्यादा आईटीआई सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसके अलावा, देश में आईआईटी संस्थानों की संख्या 16 से बढ़कर 23 हो गई है और आईआईएम की संख्या 13 से बढ़कर 22 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए यह भी बताया गया कि 2014 में पूरे देश में केवल 431 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 818 से अधिक हो चुकी है। देश में एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है और एमबीबीएस की कुल सीटें 51,348 से बढ़कर 1,28,926 तक पहुंच गई हैं। प्रयागराज में राहुल गांधी का 3-D फॉर्मूला और युवाओं का आक्रोश एक तरफ जहां सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रयागराज के केपी ग्राउंड का दौरा किया और ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के तहत हजारों प्रतियोगी छात्रों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सामने 3D यानी दर्द, डेटा और दौलत का नया फॉर्मूला रखा। राहुल गांधी ने मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि आज का युवा सरकारी तंत्र के चक्रव्यूह और पेपर लीक के जाल में बुरी तरह फंस चुका है। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में देश में 150 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों की फीस में लगातार वृद्धि हो रही है, सीटों में कटौती की जा रही है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया न होने के कारण युवाओं का हक चुनिंदा उद्योगपतियों के पास जा रहा है। अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर निशाना इस सियासी सरगर्मी के बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की एक तस्वीर साझा करते हुए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। मरम्मत के दौरान सड़क को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किए जाने पर तंज कसते हुए उन्होंने सरकार की तैयारियों और निर्माण की गुणवत्ता को कटघरे में खड़ा किया। युवा मतदाता तय करेंगे चुनावी दिशा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रयागराज का छात्र संवाद और सिद्धार्थनगर की जनसभाएं आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक बिसात बिछा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी जहां अपने 12 वर्षों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी और पारदर्शी नौकरियों के आंकड़ों को लेकर जनता के बीच जा रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के असंतोष को अपना मुख्य हथियार बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश में करोड़ों युवा मतदाता किसी भी दल की नैया पार लगाने या डुबाने की ताकत रखते हैं, यही वजह है कि दोनों ही प्रमुख राजनीतिक खेमे युवा वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: यह राजनीतिक मुकाबला देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार नीतियों पर राष्ट्रीय स्तर की बहस को तेज करता है। उत्तर प्रदेश में: आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले युवा मतदाताओं को रिझाने के लिए शिक्षा, फीस वृद्धि और सरकारी नौकरियों के मौकों पर सियासी दबाव बढ़ेगा। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कब होने वाले हैं? उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में प्रस्तावित हैं, जिसकी राजनीतिक तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं। 2. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थनगर में क्या मुख्य दावा किया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश भर के 17 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। 3. राहुल गांधी ने प्रयागराज में कौन सा नया फॉर्मूला पेश किया? राहुल गांधी ने प्रयागराज के कार्यक्रम में युवाओं के सामने 3D यानी दर्द, डेटा और दौलत का फॉर्मूला रखा। 4. विपक्ष द्वारा किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है? विपक्ष द्वारा मुख्य रूप से पेपर लीक की घटनाओं, बेरोजगारी, बढ़ती फीस और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के अभाव को मुद्दा बनाया जा रहा है। https://trendkia.com/politics/up-assembly-elections-2027-rahul-gandhi-and-yogi-adityanath-clash-over-youth-employment-and-education-issues-15420 TrendKia — Har trend, sabse pehle.