# डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस बॉलरूम प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

> अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के बहुचर्चित 40 करोड़ डॉलर के नए बॉलरूम निर्माण पर लगी रोक हटा दी है, जिससे परियोजना पर काम फिलहाल जारी रहेगा।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/us-supreme-court-allows-construction-of-donald-trump-white-house-ballroom-20100 · **Language:** Hindi
**Tags:** डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस, सुप्रीम कोर्ट, बॉलरूम प्रोजेक्ट, अमेरिका समाचार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना का काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ता रहेगा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रशासन को बड़ी राहत दी है और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने वाले निचली अदालतों के फैसलों को फिलहाल टाल दिया है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स द्वारा यह अस्थायी आदेश दिए जाने के बाद अब इस बात की संभावना बन गई है कि परियोजना का काम निर्धारित गति से जारी रह सकेगा। हालांकि, अदालत ने इस बात स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरे निर्माण कार्य की कानूनी वैधता को लेकर अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है और ट्रंप प्रशासन को केवल अंतरिम राहत प्रदान की गई है।

## तेजी से चल रहा है निर्माण और पूरी हो चुकी है बड़ी प्रगति
अदालती रिकॉर्ड में प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के अनुसार, इस 40 करोड़ डॉलर की निजी फंडिंग से बनने वाली परियोजना पर काम बहुत तेजी से चल रहा है। पिछले 14 अगस्त तक इस पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका था। इस विशाल निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगभग 250 श्रमिकों और इंजीनियरों की एक टीम दिन में 20 घंटे और सप्ताह के सातों दिन लगातार जुटी हुई है। इससे पहले वॉशिंगटन की एक फेडरल अपील्स कोर्ट ने सात अगस्त को अपने फैसले में इस निर्माण को गैरकानूनी करार दिया था, जिसके बाद अमेरिकी कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट ने प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए 14 दिनों की मोहलत दी थी।

## कानूनी विवाद और ऐतिहासिक संरक्षण का मुद्दा
इस पूरे कानूनी संघर्ष के केंद्र में नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन जैसी ऐतिहासिक विरासत संरक्षण संस्थाएं हैं, जिन्होंने इस निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालती कार्यवाही में यह सामने आया कि अक्टूबर 2025 में बहुत कम समय के भीतर ट्रंप प्रशासन ने बिना आवश्यक परामर्श प्रक्रियाओं को पूरा किए और कांग्रेस की सीधी अनुमति के बिना ही पूरे ईस्ट विंग को गिरा दिया था। इस स्थान पर 90,000 वर्ग फुट का एक भव्य निजी वित्तपोषित बॉलरूम तैयार किया जा रहा है, जिस पर कांग्रेस की कोई विशेष निगरानी नहीं है। इस परियोजना को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है, जहां एक तरफ कई सहयोगी इसका समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लॉमेकर्स ने इस पर चिंता भी जताई है।

## डोनाल्ड ट्रंप का विजन और चीन के साथ तुलना
बीते जुलाई महीने में डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के इस बड़े नवीनीकरण को अमेरिका के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया था। उनका मानना था कि देश की सबसे प्रतिष्ठित इमारत में अमेरिका की शक्ति और इतिहास की झलक मिलनी चाहिए। सात जुलाई को रोज गार्डन में दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि अमेरिका के पास दुनिया की अन्य महाशक्तियों के समकक्ष या उनसे बेहतर औपचारिक सुविधाएं होनी चाहिए। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने चीन के ग्रेट हॉल का जिक्र किया था और कहा था कि वहां मौजूद विशाल बॉलरूम की तर्ज पर ही अमेरिका भी दुनिया का सबसे बेहतरीन बॉलरूम बनाने जा रहा है।

## इसका आप पर असर
**अमेरिका में:** इस कानूनी फैसले से राष्ट्रपति के प्रशासनिक प्रोजेक्ट्स पर अदालती रोक और शक्तियों के संतुलन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।

**वॉशिंगटन में:** स्थानीय स्तर पर ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और निर्माण नियमों के पालन को लेकर प्रशासन और संरक्षणवादी संगठनों के बीच टकराव गहराता जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम की अनुमानित लागत कितनी है?
इस बॉलरूम प्रोजेक्ट की कुल लागत 40 करोड़ डॉलर आंकी गई है और इसे निजी फंडिंग से तैयार किया जा रहा है।

### 2. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने निचली अदालतों के रोक आदेशों पर अस्थायी रोक लगाते हुए निर्माण कार्य जारी रखने की अनुमति दी है।

### 3. बॉलरूम का निर्माण कितना पूरा हो चुका है?
14 अगस्त तक इस परियोजना का लगभग 65 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका था।

### 4. इस निर्माण कार्य को किस संस्था ने चुनौती दी थी?
नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन नामक संस्था ने इस प्रोजेक्ट को कानूनी रूप से चुनौती दी थी।

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