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  "title": "उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सपा के दो उम्मीदवार तय, तीसरे प्रत्याशी के नाम पर सस्पेंस गहराया",
  "summary": "समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव के लिए दो प्रत्याशियों का पर्चा दाखिल करा दिया है। अब तीसरे उम्मीदवार को उतारने और संभावित नामों को लेकर लखनऊ के गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।",
  "content": "उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों प्रो. रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी का पर्चा दाखिल कराकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में 30 सितंबर को दोनों नेताओं ने अपना नामांकन दाखिल किया। उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी की उम्मीदवारी सामने आते ही राजनीतिक जानकार चौंक गए, क्योंकि उनके नाम की पहले से दूर-दूर तक कोई सुगबुगाहट नहीं थी। नथवानी के अप्रत्याशित चयन के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा हलचल इस बात को लेकर है कि क्या समाजवादी पार्टी तीसरे उम्मीदवार को भी चुनावी मैदान में उतारेगी।\n\n विधानसभा के मौजूदा गणित के लिहाज से समाजवादी पार्टी के पास अपने दम पर दो प्रत्याशियों को संसद के उच्च सदन में पहुंचाने लायक संख्या बल मौजूद है। तीसरे उम्मीदवार को संसद भेजने के लिए पार्टी को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन और रणनीतिक जुगत की सख्त दरकार होगी। इसी वजह से तीसरे चेहरे की तलाश में केवल सामाजिक और जातीय समीकरण ही नहीं देखे जा रहे हैं, बल्कि यह भी परखा जा रहा है कि संबंधित नेता के पास अतिरिक्त वोट जुटाने और क्रास वोटिंग के संभावित समीकरण साधने की कितनी क्षमता है। इस बीच राजनीतिक हलकों में चार प्रमुख चेहरों सलीम शेरवानी, बृजभूषण शरण सिंह, आलोक रंजन और अरविंद सिंह गोप के नामों को लेकर खासी चर्चा छिड़ी हुई है।\n\n \n\nबृजभूषण शरण सिंह के नाम से गरमाया सियासी माहौल\n तीसरे उम्मीदवार के संभावित नामों में सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर देखने को मिल रही है। गोंडा और आसपास के तराई इलाके में खासा सियासी दबदबा रखने वाले बृजभूषण शरण सिंह को वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। पार्टी ने उनके स्थान पर उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। अब समाजवादी पार्टी के संभावित तीसरे उम्मीदवार के रूप में उनका नाम सामने आने से राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं।\n\n इस चर्चा को तब और ज्यादा मजबूती मिली जब 30 सितंबर को बृजभूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव को लेकर एक बयान दिया और इसके तुरंत बाद अखिलेश यादव ने भी उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि जो भी व्यक्ति पार्टी में शामिल होना चाहेगा, उसका स्वागत किया जाएगा। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह के नाम पर पार्टी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दोनों नेताओं के बयानों ने तीसरे उम्मीदवार के सस्पेंस को शीर्ष पर पहुंचा दिया है।\n\n \n\nसलीम शेरवानी के जरिए मुस्लिम समीकरण साधने की चर्चा\n समाजवादी पार्टी के संभावित दावेदारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। बदायूं संसदीय क्षेत्र से पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके सलीम शेरवानी केंद्र में गुजराल सरकार के दौरान मंत्री पद संभाल चुके हैं और लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के साथ सक्रिय रहे हैं। उनका राजनीतिक अनुभव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज में उनकी पकड़ किसी से छिपी नहीं है।\n\n सलीम शेरवानी ने वर्ष 2024 में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान उन्होंने राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन और पार्टी के भीतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व की उपेक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। इस मनमुटाव और इस्तीफे के बावजूद, मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में उनका नाम एक बार फिर पार्टी के संभावित उम्मीदवारों की सूची में तैर रहा है। माना जा रहा है कि मुस्लिम मतों और प्रतिनिधित्व के संतुलन को ध्यान में रखते हुए पार्टी उनके नाम पर विचार कर सकती है।\n\n \n\nआलोक रंजन का प्रशासनिक अनुभव और अरविंद सिंह गोप का नाम\n संभावित चेहरों में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का नाम भी शामिल है। वर्ष 1978 बैच के आईएएस अधिकारी रहे आलोक रंजन प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक पद पर सेवाएं दे चुके हैं और अखिलेश यादव सरकार के दौरान उनके महत्वपूर्ण सलाहकार की भूमिका भी निभा चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी आलोक रंजन पर दांव लगाते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया था, यद्यपि वह उस समय जीत दर्ज नहीं कर सके थे। अब 2026 के इस चुनाव में एक बार फिर उनके नाम की चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी के नीतिगत मसलों और प्रशासनिक छवि को मजबूती देने वाले चेहरे के तौर पर उनके नाम को देखा जा रहा है।\n\n इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके अरविंद सिंह गोप का नाम भी चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। बाराबंकी और आसपास के जिलों में जमीनी पकड़ रखने वाले अरविंद सिंह गोप पार्टी के पुराने और वफादार नेताओं में गिने जाते हैं। पार्टी संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है। हालांकि पार्टी आलाकमान ने इन चारों नामों में से किसी भी चेहरे पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।\n\n \n\nनामांकन का पूरा कार्यक्रम और 16 अक्टूबर को मतदान\n उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है। इसके अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर तय की गई है।\n\n फिलहाल समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारने अथवा न उतारने का अंतिम निर्णय अभी बाकी है। संभावित नामों को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच अब सभी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें अखिलेश यादव के अगले आधिकारिक कदम पर टिकी हुई हैं।\n\nइसका आप पर असर\nउत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों का यह चुनाव संसद के उच्च सदन में विधायी संतुलन और राज्य की क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करेगा।\n\n• उत्तर प्रदेश में: इस चुनाव से स्पष्ट होगा कि विपक्षी गठबंधन में शामिल दल एकजुट होकर अतिरिक्त वोट जुटा पाते हैं या क्रॉस वोटिंग से सियासी झटका लगता है। स्थानीय विधायकों की वफादारी और दलीय एकजुटता की परीक्षा 16 अक्टूबर के मतदान में सीधे तौर पर होगी।\n• भारत में: संसद के उच्च सदन में इन 10 सीटों के नतीजे केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों के संख्या बल को प्रभावित करेंगे। राज्यसभा में आने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में प्रत्येक सांसद का मत निर्णायक साबित होगा।\n• मतदाताओं के लिए: राजनीतिक दलों की प्रत्याशी चयन प्रक्रिया यह दर्शाती है कि वे विभिन्न सामाजिक वर्गों को संसद में कितना प्रतिनिधित्व दे रहे हैं। आम नागरिक यह देख पाएंगे कि उनके क्षेत्र के निर्वाचित विधायक दल की नीतियों के अनुरूप मतदान करते हैं या नहीं।\n• पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए: वरिष्ठ नेताओं के स्थान पर उद्योगपतियों या बाहरी नेताओं के चयन से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। आने वाले चुनावों में जमीनी स्तर पर कैडर की सक्रियता इस फैसले से प्रभावित हो सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nउत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटें रिक्त होने के चलते चुनाव आयोग ने मतदान कार्यक्रम घोषित किया है, जिससे सभी राजनीतिक दलों में अपने संख्या बल के हिसाब से सीटें जीतने की होड़ लग गई है।\n\n• रिक्त सीटों की पूर्ति: मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण निर्वाचन आयोग ने 10 सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और मतदान 16 अक्टूबर को निर्धारित है।\n• विधानसभा संख्या बल का गणित: विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर समाजवादी पार्टी दो सीटें आसानी से जीत सकती है। तीसरे उम्मीदवार को संसद भेजने के लिए पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, जिससे अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पैदा हुई है।\n• अप्रत्याशित उम्मीदवारी: धनराज परिमल नथवानी का नाम अचानक सामने आने से पार्टी कार्यकर्ताओं और विश्लेषकों में यह जिज्ञासा बढ़ी कि तीसरे पद के लिए पार्टी क्या दांव चलेगी। इस अप्रत्याशित कदम ने संभावित नामों की दौड़ को तेज कर दिया है।\n• राजनीतिक ध्रुवीकरण: 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से बदले राजनीतिक समीकरणों के चलते असंतुष्ट नेताओं और अन्य दलों के संपर्कों को भुनाने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में बृजभूषण शरण सिंह और सलीम शेरवानी जैसे नेताओं के नाम चर्चा में आए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तर प्रदेश में कितनी राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है?\nउत्तर प्रदेश में कुल 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कराया जा रहा है।\n\n2. समाजवादी पार्टी ने किन दो उम्मीदवारों का नामांकन कराया है?\nसमाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी का नामांकन दाखिल कराया है।\n\n3. राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान कब होगा?\nउत्तर प्रदेश की इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना तय है।\n\n4. नामांकन दाखिल करने और नाम वापस लेने की अंतिम तिथियां क्या हैं?\nनामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापसी 9 अक्टूबर तक की जा सकती है।\n\n5. सपा के तीसरे उम्मीदवार के तौर पर किन नामों की चर्चा चल रही है?\nतीसरे उम्मीदवार के रूप में बृजभूषण शरण सिंह, सलीम शेरवानी, आलोक रंजन और अरविंद सिंह गोप के नामों की चर्चा है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-09-30",
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