# उत्तराखंड के आगामी चुनाव में युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति, मगर विधानसभा से गायब हैं जेन जी विधायक

> उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियां जेन जी मतदाताओं को साधने में जुटी हैं, लेकिन राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा में एक भी जेन जी विधायक मौजूद नहीं है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/uttarakhand-ke-agami-chunava-men-yuva-matadataon-ko-sadhane-ki-rananiti-magara-vidhanasabha-se-gayaba-hain-jena-ji-vidhayaka-23033 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तराखंड राजनीति, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, जेन जी वोटर, मिलेनियल्स विधायक, उत्तराखंड चुनाव, युवा मतदाता, देहरादून

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर तमाम राजनीतिक दलों ने हर वर्ग के मतदाताओं को रिझाने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार राजनीतिक रणनीतिकारों का सबसे खास ध्यान जेन जी मतदाताओं पर है। जेन जी श्रेणी में उन युवाओं और बच्चों को शामिल किया जाता है जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है, जिनकी मौजूदा उम्र 14 साल से लेकर 29 साल के बीच है। राजनीतिक पार्टियां इस आयु वर्ग को अपने भविष्य के मुख्य वोट बैंक के रूप में देख रही हैं और इसी कारण सभी दल चुनावी मोड में काम कर रहे हैं। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भी नेताओं को जेन जी वर्ग पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।

## उत्तराखंड में जेन जी की आबादी और चुनावी गणित
उत्तराखंड के जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल आबादी में जेन जी वर्ग का हिस्सा लगभग 21 से 25 फीसदी के बीच है। वहीं अगर मतदाता के रूप में इनकी संख्या का आकलन किया जाए, तो अनुमानित आंकड़ों के अनुसार यह कुल वोटरों के 21 से 22 फीसदी के आसपास बैठते हैं। संख्यात्मक आधार पर राज्य में जेन जी आबादी लगभग 40 लाख से 50 लाख के बीच आंकी गई है। हालांकि, आबादी और मतदान में इतनी बड़ी हिस्सेदारी होने के बावजूद राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा में इनका प्रतिनिधित्व पूरी तरह शून्य है। यानी वर्तमान विधानसभा में जेन जी श्रेणी का एक भी विधायक मौजूद नहीं है।

## मिलेनियल्स विधायकों का आंकड़ा और बुजुर्ग होती विधानसभा
जेन जी का कोई प्रतिनिधि न होने के मुकाबले मिलेनियल्स श्रेणी के विधायकों की संख्या सदन में ठीक-ठाक है। उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में से करीब 12 से 15 विधायक मिलेनियल्स वर्ग से आते हैं। मिलेनियल्स उन लोगों को कहा जाता है जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच हुआ हो, जिनकी मौजूदा न्यूनतम उम्र 30 साल और अधिकतम उम्र 45 साल है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक, 70 सदस्यीय सदन में 55 वर्ष या उससे कम आयु के विधायकों का अनुपात घटकर 51 फीसदी रह गया है, जबकि वर्ष 2017 के चुनावों में यह आंकड़ा 61 फीसदी था। इससे साफ होता है कि 40 वर्ष या उससे कम उम्र के युवा विधायकों की संख्या सदन में काफी सीमित रह गई है।

## वर्तमान विधानसभा में मौजूद युवा जनप्रतिनिधि
सदन में युवा विधायकों की सीमित संख्या के बीच भी कुछ चेहरे 40 वर्ष या उससे कम आयु के हैं जो विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मौजूदा विधानसभा में हरिद्वार ग्रामीण सीट से अनुपमा रावत, जसपुर सीट से आदेश सिंह चौहान और ज्वालापुर सीट से रवि बहादुर युवा विधायकों में शामिल हैं। अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों से पहले, एक तरफ जहां राजनीतिक दल युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए अभियानों में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ सदन में युवाओं के सीधे प्रतिनिधित्व की मांग भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

## इसका आप पर असर
उत्तराखंड की राजनीति में युवा प्रतिनिधित्व की कमी सीधे तौर पर युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा और आधुनिक नीतियों पर असर डालती है।

- **भारत में:** देश भर में राजनीतिक दल अब युवा मतदाताओं को रिझाने के लिए नई नीतियां बना रहे हैं। इससे अन्य राज्यों में भी युवाओं को चुनावी घोषणापत्रों में प्राथमिकता मिल सकती है।
- **उत्तराखंड में:** राज्य के 40 से 50 लाख जेन जी युवाओं की समस्याएं विधानसभा में सीधे तौर पर उठाने वाले समकक्ष प्रतिनिधि मौजूद नहीं हैं। इससे युवाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों और नीतिगत फैसलों में उनकी सीधी भागीदारी प्रभावित होती है।
- **नीति निर्माण पर असर:** विधानसभा में युवा विधायकों का कम अनुपात तकनीकी और आधुनिक रोजगार के अवसरों से जुड़े कानूनों पर चर्चा को धीमा कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप युवाओं की प्राथमिकताएं राज्य के बजट में पीछे छूट सकती हैं।
- **चुनावी प्राथमिकताओं में बदलाव:** आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल युवा उम्मीदवारों को अधिक टिकट देने के दबाव में होंगे। इससे नए राजनीतिक चेहरों के सामने आने की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तराखंड की कुल आबादी में जेन जी का कितना हिस्सा है?
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड की कुल जनसंख्या में जेन जी की हिस्सेदारी लगभग 21 से 25 प्रतिशत है।

### 2. उत्तराखंड विधानसभा में कितने जेन जी विधायक हैं?
उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा में इस समय एक भी जेन जी विधायक मौजूद नहीं है।

### 3. वर्तमान विधानसभा में मिलेनियल्स विधायकों की संख्या कितनी है?
उत्तराखंड की मौजूदा विधानसभा में 70 में से लगभग 12 से 15 विधायक मिलेनियल्स श्रेणी के हैं।

### 4. 2022 के चुनाव में 55 वर्ष या उससे कम उम्र के विधायकों का अनुपात कितना था?
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव आंकड़ों के अनुसार 55 वर्ष या उससे कम आयु के विधायकों का अनुपात घटकर 51 प्रतिशत रह गया, जो 2017 में 61 प्रतिशत था।

### 5. उत्तराखंड में 40 वर्ष या उससे कम उम्र के प्रमुख युवा विधायक कौन हैं?
वर्तमान विधानसभा में हरिद्वार ग्रामीण से अनुपमा रावत, जसपुर से आदेश सिंह चौहान और ज्वालापुर से रवि बहादुर 40 वर्ष या उससे कम आयु के युवा विधायकों में शामिल हैं।

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