{
  "type": "article",
  "title": "वंदे मातरम पर कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद का बड़ा बयान, कहा- चाहे जेल भेजें या फांसी पर चढ़ाएं, सिर्फ दो लाइन ही गाएंगे",
  "summary": "वंदे मातरम के अनिवार्य गायन और राजनीतिक विवाद के बीच कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने दो टूक कहा है कि वे केवल दो लाइन ही गाएंगे, चाहे इसके लिए उन्हें जेल भेजा जाए या फांसी दी जाए।",
  "content": "स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम के गायन को अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने के बाद देश की सियासत में घमासान छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत तो पूरा बजा, लेकिन कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व काफी असहज मुद्रा में नजर आया। इसके अलावा गोवा में भी कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम पूरा न गाने के आरोप लगे हैं, जिससे यह राजनीतिक विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।\n\nबीके हरिप्रसाद का तीखा तेवर और खुला चैलेंज\nइस पूरे घटनाक्रम के बीच कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए एक तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चुनौती दी है कि हम वंदे मातरम की केवल दो ही लाइन गाएंगे। बी.के. हरिप्रसाद ने आगे कहा कि अब चाहे इसके लिए भारतीय जनता पार्टी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह उन्हें जेल में डाल दें या फिर फांसी पर लटका दें, लेकिन वे अपने इस रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं और उनका स्टैंड इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट है।\n\nइंकलाब जिंदाबाद और राष्ट्रवाद पर सवाल\nअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सत्तारूढ़ दल पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में वंदे मातरम के साथ-साथ इंकलाब जिंदाबाद के नारे भी गूंजते थे। उन्होंने तीखा सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कि क्या भाजपा और आरएसएस ने कभी देश की आजादी की लड़ाई के दौरान इनमें से कोई भी नारा लगाया था। उन्होंने दो टूक अंदाज में यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी को किसी भी अन्य राजनीतिक दल से अपने राष्ट्रवाद या देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।\n\nकानूनी चर्चा और इमरान मसूद का बयान\nराष्ट्रीय गीत के सम्मान और केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित नए कानूनों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ चुके हैं। इस गर्मागरम बहस के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान भी चर्चा में आया था, जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि संविधान देश के हर नागरिक को अपने धर्म और विश्वास के अनुसार जीने की पूरी अनुमति देता है। इमरान मसूद ने स्पष्ट किया था कि वे सम्मान के खातिर राष्ट्र गीत के दौरान अपनी जगह पर खड़े तो जरूर हो जाएंगे, लेकिन वे इसे गाएंगे नहीं क्योंकि उनकी धार्मिक मान्यताएं इसकी इजाजत नहीं देती हैं।\n\nमल्लिकार्जुन खरगे का पलटवार और इतिहास का हवाला\nविपक्ष पर लग रहे आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी करारा पलटवार किया है। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वही तरीका अपनाया है और वही गाया है जो पिछले कई दशकों से देश में गाया जाता रहा है। मल्लिकार्जुन खरगे ने दलील दी कि यही वह वंदे मातरम था जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल तक सभी लोग गाया करते थे। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी यही गाते थे और जब विभिन्न राज्यों में इनकी खुद की सरकारें थीं, तब भी यही परिपाटी रही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस मामले में मुकदमे दर्ज करने हैं, तो फिर इतिहास के इन तमाम बड़े नेताओं पर मुकदमे चलाए जाने चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nयह राजनीतिक विवाद मुख्य रूप से नीतिगत बयानों और वैचारिक बहसों तक सीमित है, जिसका आम नागरिकों के दैनिक जीवन, कामकाज, कीमतों या व्यक्तिगत सुरक्षा पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, राष्ट्रीय प्रतीकों और अनिवार्य गायन से जुड़े इस तरह के घटनाक्रम देश के राजनीतिक माहौल और वैचारिक ध्रुवीकरण को जरूर प्रभावित करते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. वंदे मातरम विवाद की शुरुआत किस अवसर पर हुई?\nयह विवाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम के गायन को अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने के बाद शुरू हुआ।\n\n2. बी.के. हरिप्रसाद ने इस विवाद पर क्या बयान दिया?\nकर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि वे केवल दो लाइन ही गाएंगे, चाहे इसके लिए उन्हें जेल भेजा जाए या फांसी दी जाए।\n\n3. इमरान मसूद ने वंदे मातरम को लेकर क्या कहा था?\nकांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा था कि वे सम्मान में खड़े जरूर हो जाएंगे, लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता के तहत गीत गाएंगे नहीं।\n\n4. मल्लिकार्जुन खरगे ने आलोचकों को क्या जवाब दिया?\nमल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने वही गाया है जो महात्मा गांधी, नेहरू, पटेल और वाजपेयी के समय से गाया जाता रहा है।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/vande-mataram-par-congress-neta-bk-hariprasad-ka-bada-bayan-18116",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-18",
  "tags": [
    "वंदे मातरम विवाद",
    "बीके हरिप्रसाद",
    "मल्लिकार्जुन खरगे",
    "इमरान मसूद",
    "कांग्रेस राजनीति",
    "स्वतंत्रता दिवस"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}