{
  "type": "article",
  "title": "वंदे मातरम पर हंगामे के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा 19 मिनट में ही दिनभर के लिए स्थगित",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन भाजपा विधायकों ने वंदे मातरम गाने को लेकर हंगामा किया, जिसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को 19 मिनट में कल तक के लिए स्थगित कर दिया।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित विधानसभा में मॉनसून सत्र का पहला ही दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। शुक्रवार सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष में बैठे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने वंदे मातरम गाने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इस वजह से सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज 19 मिनट के भीतर ही स्पीकर कुलदीप पठानिया को बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब सदन की अगली कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी।\n\nवंदे मातरम गाने की मांग को लेकर सदन में बढ़ा विवाद\nसदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी दल भाजपा के विधायक अपनी-अपनी सीटों पर खड़े हो गए और बोलने के लिए समय मांगने लगे। इसके साथ ही विपक्षी विधायकों ने सदन की शुरुआत में ही वंदे मातरम गाने की मांग रखी और नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा विधायकों का कहना था कि विधानसभा में स्थापित नियमों और कानून की पूरी तरह से पालना की जानी चाहिए। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे बुलंद किए और सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।\n\nस्पीकर की नसीहत और परंपरा का हवाला\nसदन में बढ़ते हंगामे के बीच विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया ने विपक्षी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा की स्थापित परंपरा के अनुसार सत्र के पहले दिन की शुरुआत राष्ट्रगान से की जाती है, जबकि वंदे मातरम का गायन सत्र के समापन अवसर पर होता है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि सदन हमेशा तय परंपराओं के आधार पर संचालित होता है, इसलिए किसी भी सदस्य को नई परंपरा शुरू करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। स्पीकर ने यह भी कहा कि पहले शोकोद्गार की प्रक्रिया पूरी होने दी जाए और बाद में सदस्यों के पास अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय रहेगा।\n\nदोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी और सदन स्थगित\nस्पीकर की अपीलों का हंगामा कर रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़ा और दोनों पक्षों की ओर से जोरदार नारेबाजी जारी रही। जवाब में सत्ता पक्ष के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने भी मोर्चा संभाल लिया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री खुद भी सत्ता पक्ष की ओर से प्रदर्शन में शामिल होकर नारेबाजी करते दिखे। सदन के भीतर दोनों ओर से लगातार बढ़ती नारेबाजी और अव्यवस्था को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित करने का फैसला सुनाया। इसके बाद विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के बाहर निकल आए और अपना विरोध जारी रखा।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: लोकतांत्रिक संस्थाओं में विधायी परंपराओं और नियमों के पालन को लेकर जारी राजनीतिक बहस पर देश भर के नागरिकों का ध्यान केंद्रित होगा।\n\nहिमाचल प्रदेश में: विधानसभा स्थगित होने से राज्य के लोक कल्याणकारी मुद्दों, बजट और नए विधेयकों पर होने वाली चर्चाओं में देरी हो सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही कितने समय बाद स्थगित कर दी गई?\nमॉनसून सत्र के पहले ही दिन हंगामा होने के कारण स्पीकर कुलदीप पठानिया ने विधानसभा की कार्यवाही को महज 19 मिनट के भीतर कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।\n\n2. सदन में किस बात को लेकर विवाद और हंगामा शुरू हुआ?\nविपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने सत्र की शुरुआत में ही वंदे मातरम गाने और अपनी बात रखने की मांग की, जिसको लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया।\n\n3. स्पीकर कुलदीप पठानिया ने वंदे मातरम गाने की मांग पर क्या सफाई दी?\nस्पीकर ने कहा कि सदन की स्थापित परंपरा के अनुसार सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और समापन वंदे मातरम से होता है, इसलिए नई परंपरा शुरू न की जाए।\n\n4. हंगामे के दौरान सत्ता पक्ष का क्या रुख रहा?\nसत्ता पक्ष की तरफ से मुख्यमंत्री, मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने भी भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया।",
  "url": "https://trendkia.com/politics/vande-mataram-para-hngame-ke-bada-himachal-pradesh-vidhanasabha-19-minata-men-hi-dinabhara-ke-lie-sthagita-19526",
  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-08-21",
  "tags": [
    "हिमाचल प्रदेश विधानसभा",
    "मॉनसून सत्र",
    "वंदे मातरम",
    "कुलदीप पठानिया",
    "भाजपा",
    "कांग्रेस",
    "शिमला"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}