विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कोझिकोड में सीपीआई(एम) का तीन दिवसीय महामंथन, 307 प्रतिनिधि जुटे विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद सीपीआई(एम) की केरल राज्य समिति ने कोझिकोड के एकेजी ऑडिटोरियम में 3-दिवसीय समीक्षा बैठक शुरू की है, जिसमें 307 वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधि जमीनी स्तर की रिपोर्ट के आधार पर संगठन के पुनर्गठन की रणनीति तय कर रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार के बाद सीपीआई(एम) की केरल राज्य समिति ने कोझिकोड में अपनी तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत की है। इस बैठक में पार्टी के राजनीतिक, वैचारिक और सांगठनिक ढांचे का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। कोझिकोड स्थित जिला कमेटी कार्यालय से संलग्न एकेजी ऑडिटोरियम में इस समीक्षा सत्र का आधिकारिक उद्घाटन पोलित ब्यूरो सदस्य और पार्टी के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी ने किया। इस तीन दिवसीय मंथन का मुख्य उद्देश्य उन कारणों को स्पष्ट रूप से पहचानना है जिनकी वजह से चुनावी मैदान में पार्टी को असफलता का सामना करना पड़ा, और साथ ही जमीनी स्तर पर कैडर को पुनः सक्रिय करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। संगठनात्मक खामियों और चुनावी विफलता का गहन विश्लेषण यह बैठक केरल में वामपंथी राजनीति के भावी स्वरूप और दिशा को तय करने के लिहाज से बेहद निर्णायक मोड़ पर आयोजित हो रही है। चुनाव के नतीजों ने पार्टी नेतृत्व को अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार करने, संगठन की संरचनात्मक कमियों को दूर करने और आम मतदाताओं के साथ टूटते संवाद को बहाल करने के लिए मजबूर किया है। समीक्षा के दौरान केवल हार के तात्कालिक कारणों पर ही चर्चा नहीं हो रही, बल्कि बीते कुछ वर्षों में संगठन के भीतर पनपी गहरी कमजोरियों का भी निष्पक्ष और आत्म-आलोचनात्मक मूल्यांकन किया जा रहा है। बैठक की कार्यसूची में पार्टी के राजनीतिक संदेशों की प्रभावकारिता, चुनाव प्रचार की रणनीति, विभिन्न सांगठनिक इकाइयों के बीच आपसी तालमेल और आम जनता की बदलती अपेक्षाओं को समय रहते समझने में पार्टी की विफलता जैसे प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, शीर्ष नेतृत्व, स्थानीय पार्टी इकाइयों और आम नागरिकों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी विस्तार से मंथन हो रहा है। शीर्ष नेतृत्व और 307 प्रतिनिधियों की भागीदारी कोझिकोड में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कुल 307 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में केरल से आने वाले पोलित ब्यूरो के प्रमुख नेताओं में एम.ए. बेबी, पिनराई विजयन, एम.वी. गोविंदन और ए. विजयराघवन प्रमुख रूप से मौजूद हैं। इसके अलावा, अन्य राज्यों और केंद्रीय स्तर के पांच वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्यों के. बालकृष्णन, बी.वी. राघवलु, अशोक धवले, विजू कृष्णन और यू. वासुकी को पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में तैनात किया गया है ताकि वे पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर सकें। इन दिग्गज नेताओं के साथ-साथ केरल से आने वाले केंद्रीय कमेटी के सदस्य, राज्य सचिवालय और राज्य कमेटी के पदाधिकारी, जिला सचिवालय के प्रतिनिधि और पार्टी से जुड़े विभिन्न सहयोगी संगठनों के प्रमुख नेता भी इस विस्तृत विचार-विमर्श में शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर नेताओं का जुटना इस बात का संकेत है कि पार्टी चुनावी झटके को कितनी गंभीरता से ले रही है। निचले स्तर से डेटा जुटाने की नई प्रक्रिया इस बार सीपीआई(एम) ने अपनी पारंपरिक समीक्षा पद्धति से हटकर एक नई शुरुआत की है। आमतौर पर पार्टी की राज्य कमेटी सबसे पहले चुनाव परिणामों की एक प्रारंभिक समीक्षा रिपोर्ट तैयार करती थी और फिर उस रिपोर्ट को नीचे की कमेटियों में चर्चा के लिए भेजा जाता था। लेकिन इस बार प्रक्रिया को बिल्कुल उलट दिया गया और संगठन के सबसे निचले स्तर की इकाइयों से पहले राय मांगी गई। पार्टी ने हार के कारणों और अपने कामकाज की शैली पर आम जनता से भी सीधे विचार और फीडबैक प्राप्त किए। जमीनी स्तर से मिले इन जवाबों, अंदरूनी बैठकों के निष्कर्षों और केंद्रीय कमेटी के दिशानिर्देशों को एक व्यापक रिव्यू रिपोर्ट में संकलित किया गया। इसके बाद राज्य कमेटी ने इस दस्तावेज का सूक्ष्म परीक्षण कर इसे मंजूरी दी और चर्चा के लिए विभिन्न इकाइयों को भेजा। निचले स्तर से प्राप्त इसी अंतिम फीडबैक और विस्तृत रिपोर्ट को कोझिकोड की तीन दिवसीय बैठक की मुख्य सामग्री बनाया गया है। इसका आप पर असर सीपीआई(एम) की इस तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद केरल की राजनीति में कई दूरगामी सांगठनिक और नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर वामपंथी दलों के मुख्य आधार राज्य केरल में पार्टी के फैसलों का देश भर के वामपंथी गठबंधन और विपक्षी राजनीति पर असर पड़ेगा। इससे आगामी राष्ट्रीय चुनावों में वाम मोर्चे की रणनीति और चुनावी तालमेल स्पष्ट हो सकेगा। • केरल में: राज्य के आम नागरिकों और मतदाताओं को आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ अथवा प्रमुख विपक्षी कैडर के अधिक सक्रिय जमीनी संवाद का अनुभव होगा। पार्टी अपनी जन-कल्याणकारी योजनाओं और घोषणाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी। • कैडर और कार्यकर्ताओं पर: पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को अपनी आवाज शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे सांगठनिक स्तर पर नए और युवा चेहरों को आगे आने का मौका मिल सकता है। • सार्वजनिक नीति पर: जनमत के आधार पर नीतियों में बदलाव किए जाने से प्रशासनिक प्राथमिकताओं और जन-समस्याओं के समाधान में तेजी आ सकती है। ऐसा क्यों हुआ विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सीपीआई(एम) ने पार्टी की कमियों को स्वीकार करते हुए यह व्यापक आत्ममंथन सत्र आयोजित किया है। • चुनावी असफलता: हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार के बाद शीर्ष नेतृत्व पर हार के राजनीतिक और सांगठनिक कारणों का विश्लेषण करने का दबाव था। • जनता से बढ़ता फासला: शीर्ष नेतृत्व, स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच संवाद की कमी और जनता की अपेक्षाओं को न समझ पाने के कारण पार्टी का जनाधार खिसका है। • सांगठनिक कमजोरियां: चुनाव प्रचार की रणनीति, राजनीतिक संदेश और सांगठनिक तालमेल में आई गहरी खामियों को दूर करने के लिए बदलाव की जरूरत महसूस की गई। • निचले स्तर की मांग: पारंपरिक ऊपरी स्तर से थोपे गए आकलनों के बजाय कैडर ने निचले स्तर से मिले वास्तविक फीडबैक के आधार पर रणनीति तय करने का आग्रह किया। सवाल-जवाब 1. यह बैठक कहाँ और कितने समय के लिए आयोजित की जा रही है? यह बैठक कोझिकोड स्थित जिला कमेटी कार्यालय से जुड़े एकेजी ऑडिटोरियम में रविवार से तीन दिनों तक आयोजित की जा रही है। 2. इस समीक्षा बैठक का आधिकारिक उद्घाटन किसने किया? सीपीआई(एम) के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी ने इस तीन दिवसीय समीक्षा बैठक का आधिकारिक उद्घाटन किया। 3. कोझिकोड बैठक में कुल कितने प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं? इस बैठक में केरल के पोलित ब्यूरो सदस्यों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों सहित कुल 307 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। 4. इस बार सीपीआई(एम) की समीक्षा प्रक्रिया में क्या बदलाव किया गया है? इस बार पारंपरिक ऊपर-से-नीचे की समीक्षा के बजाय, पार्टी ने सबसे पहले निचले स्तर की सांगठनिक इकाइयों और आम जनता से प्रत्यक्ष फीडबैक लेकर अपनी समीक्षा रिपोर्ट तैयार की है। https://trendkia.com/politics/vidhanasabha-chunava-men-karari-shikasta-ke-bada-kozhikode-men-cpim-ka-tina-divasiya-mahamnthana-307-pratinidhi-jute-31854 TrendKia — Har trend, sabse pehle.