# विधानसभा सत्र के दौरान अचानक बदला बैठने का क्रम, मुख्यमंत्री विजय मंत्रियों के साथ अगली कतार में बैठे

> तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय अपनी तय सीट छोड़कर सदन में मंत्रियों के साथ अगली पंक्ति में बैठ गए, जिससे पारंपरिक प्रोटोकॉल में एक दुर्लभ बदलाव देखने को मिला।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/vidhanasabha-satra-ke-daurana-achanaka-badala-baithane-ka-krama-mukhyamntri-vijay-mntriyon-ke-satha-agali-katara-men-baithe-23659 · **Language:** Hindi
**Tags:** तमिलनाडु विधानसभा, थलापति विजय, मुख्यमंत्री विजय, विधानसभा सत्र, जेसीडी प्रभाकर, केए सेंगोट्टैयन, आधव अर्जुन

तमिलनाडु विधानसभा के दोपहर कालीन सत्र के दौरान उस समय एक अप्रत्याशित दृश्य देखने को मिला, जब राज्य के मुख्यमंत्री विजय अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर मंत्रियों के लिए तय की गई अगली कतार में जाकर बैठ गए। आमतौर पर विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री के बैठने की एक विशिष्ट और अलग जगह तय होती है, जो स्पीकर की कुर्सी के ठीक पास स्थित होती है। हालांकि, गुरुवार को मुख्यमंत्री विजय ने इस स्थापित परंपरा से अलग हटकर अपना स्थान बदला, जिसने सदन में मौजूद सभी सदस्यों का ध्यान आकर्षित किया।

## विधानसभा की पारंपरिक बैठक व्यवस्था और बदलाव
234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बैठने के सख्त नियम और परंपराएं लागू रहती हैं। स्पीकर की कुर्सी के दाईं ओर मुख्यमंत्री के लिए विशेष स्थान निर्धारित रहता है, जबकि उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी वरिष्ठता के क्रम में अगली कतारों में बैठते हैं। विपक्ष के नेता और अन्य विधायी दलों के प्रतिनिधि अपनी दलीय ताकत के आधार पर स्पीकर के सामने वाली बेंचों पर बैठते हैं। गुरुवार की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने स्पीकर जेसीडी प्रभाकर के दाईं ओर स्थित अपनी तय कुर्सी को छोड़ दिया। इसके बाद वे सदन के नेता व मंत्री केए सेंगोट्टैयन तथा आधव अर्जुन के बीच वाली सीट पर जाकर बैठ गए।

> 

## विपक्ष के सवालों पर वॉर रूम का उल्लेख
सदन की कार्यवाही के दौरान मंत्रियों और विधायकों का एक-दूसरे से चर्चा के लिए कुछ देर के लिए अपनी सीट से उठकर जाना आम बात मानी जाती है, लेकिन किसी मुख्यमंत्री का मंत्रियों की कतार में स्थायी रूप से जाकर बैठ जाना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। इसी दौरान जब विपक्ष के नेता ने कुछ मुद्दे उठाए, तो मंत्री आधव अर्जुन ने उनका जवाब दिया। आधव अर्जुन ने सदन को अवगत कराया कि विभिन्न विभागों के सचिव विधानसभा परिसर के पास बने एक विशेष वॉर रूम में मौजूद हैं। ये प्रशासनिक अधिकारी वॉर रूम से ही विधायकों के भाषणों, प्रश्नों और उठाए जा रहे महत्वपूर्ण मुद्दों को लगातार नोट कर रहे हैं ताकि उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

## सदन के इतिहास में दर्ज हुआ अनूठा पल
गुरुवार की दोपहर में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह बदलाव दिन भर की विधायी कार्यवाही का सबसे चर्चित विषय बना रहा। तमिलनाडु विधानसभा के इतिहास में इस तरह से मुख्यमंत्री का मंत्रियों के बीच जाकर बैठना एक अनोखा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले के मुख्यमंत्रियों ने हमेशा निर्धारित प्रोटोकॉल और अपनी तय सीट का ही पालन किया था। इस घटनाक्रम ने सदन के भीतर पारंपरिक प्रोटोकॉल और बैठने के नियमों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

>

## इसका आप पर असर
तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री के बैठने के स्थान में हुए इस बदलाव का सीधा असर राज्य की विधायी व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर पड़ता है।

- **भारत में:** यह घटनाक्रम देश की अन्य राज्य विधानसभाओं के लिए एक नया उदाहरण पेश करता है कि कैसे शीर्ष नेतृत्व पारंपरिक प्रोटोकॉल से हटकर मंत्रियों के साथ सीधे संवाद कर सकता है। इससे विधायी प्रक्रियाओं में लचीलेपन और अनौपचारिक समन्वय की चर्चा को बढ़ावा मिलता है।
- **तमिलनाडु में:** राज्य के नागरिकों और विधायकों के लिए मुख्यमंत्री का मंत्रियों के बीच बैठना यह संकेत देता है कि सरकार सदन की कार्यवाही के दौरान त्वरित फैसले लेने के मूड में है। पास में बने वॉर रूम से अधिकारियों द्वारा विधायकों की समस्याओं को दर्ज करने से जनता के स्थानीय मुद्दों का तेजी से समाधान होने की उम्मीद है।
- **प्रशासनिक अधिकारियों के लिए:** वॉर रूम में तैनात सचिवों के जरिए विधायकों के भाषणों की निगरानी होने से तमिलनाडु के प्रशासनिक विभागों में जवाबदेही और कार्यकुशलता में सुधार देखने को मिल सकता है।
- **विधानसभा सदस्यों के लिए:** सदन में सीधे संवाद का माहौल बनने से विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को मंत्रियों और मुख्यमंत्री के समक्ष अधिक प्रभावी ढंग से रख सकेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. तमिलनाडु विधानसभा में सीएम विजय किस जगह जाकर बैठे?
मुख्यमंत्री विजय अपनी तय कुर्सी छोड़कर मंत्री केए सेंगोट्टैयन और आधव अर्जुन के बीच मंत्रियों की अगली कतार में बैठ गए।

### 2. विधानसभा में मुख्यमंत्री के बैठने की सामान्य परंपरा क्या है?
सामान्य परंपरा के तहत मुख्यमंत्री स्पीकर की कुर्सी के पास एक अलग तय सीट पर बैठते हैं, जबकि मंत्री वरिष्ठता के आधार पर अलग कतार में बैठते हैं।

### 3. विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए आधव अर्जुन ने वॉर रूम के बारे में क्या बताया?
आधव अर्जुन ने बताया कि पास के वॉर रूम में विभिन्न विभागों के सेक्रेटरी मौजूद थे, जो विधायकों के भाषणों और उठाए गए मुद्दों को नोट कर रहे थे।

### 4. तमिलनाडु विधानसभा में कुल कितने सदस्य हैं?
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._