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  "title": "विलय की अटकलों के बीच शरद पवार ने NCP-SP पर लिया बड़ा फैसला",
  "summary": "एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस में अपनी पार्टी के विलय की सभी अटकलों को खारिज कर दिया है और कहा है कि पार्टी में कोई टूट भी नहीं होगी।",
  "content": "महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़ी हलचल थम गई है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने अपनी पार्टी के कांग्रेस में विलय को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि न तो उनकी पार्टी में कोई फूट होने वाली है और न ही पार्टी का कांग्रेस में विलय होगा।\n\nवडेट्टीवार के दावे को पवार ने किया खारिज\nदरअसल यह पूरा विवाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के एक बयान से शुरू हुआ। वडेट्टीवार ने दावा किया था कि शरद पवार के गुट वाली एनसीपी जल्द ही कांग्रेस में मिल जाएगी। उनका कहना था कि इसके लिए दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ नेताओं की बैठकें भी चल रही हैं। लेकिन शरद पवार ने खुद सामने आकर इन तमाम दावों को सिरे से नकार दिया।\n\n1999 में कांग्रेस से अलग हुए थे पवार\nयह समझना जरूरी है कि शरद पवार और कांग्रेस का रिश्ता दशकों पुराना और उतार चढ़ाव भरा रहा है। साल 1999 में शरद पवार ने कांग्रेस का साथ छोड़कर अपनी अलग पार्टी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी की स्थापना की थी। तब से लेकर अब तक महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी एक अहम ताकत रही है।\n\n2023 में हुई थी पार्टी में बड़ी टूट\nसाल 2023 में शरद पवार की पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिली थी। उनके भतीजे अजित पवार ने बगावत कर दी थी, जिसके बाद असली एनसीपी और उसका चुनाव चिन्ह अजित पवार के हाथ में चला गया। इसके बाद शरद पवार ने नई पार्टी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) बनाई। अजित पवार की एनसीपी भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा बन गई, जबकि शरद पवार की एनसीपी ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का साथ दिया।\n\nअब भी बरकरार रहेगा गठबंधन का मौजूदा ढांचा\nपिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में यह सवाल जोर पकड़ रहा था कि क्या शरद पवार अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने जा रहे हैं। इसे लेकर पार्टी के भीतर भी अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही थीं। शरद पवार के इस स्पष्ट बयान के बाद अब यह तय हो गया है कि महाविकास अघाड़ी में शामिल दलों का मौजूदा ढांचा फिलहाल जस का तस बना रहेगा और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) अपनी अलग पहचान के साथ आगे बढ़ती रहेगी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह बयान बताता है कि फिलहाल विपक्षी खेमे में किसी बड़े दलगत विलय की संभावना नहीं है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता को लेकर चल रही चर्चाओं पर असर पड़ेगा।\n• महाराष्ट्र में: राज्य के मतदाताओं के लिए महाविकास अघाड़ी और महायुति के मौजूदा राजनीतिक समीकरण फिलहाल पहले जैसे ही बने रहेंगे, यानी आने वाले चुनावों में गठबंधन की तस्वीर नहीं बदलेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शरद पवार ने क्या कहा है?\nउन्होंने साफ कहा है कि न तो उनकी पार्टी में कोई टूट होगी और न ही उसका कांग्रेस में विलय होगा।\n\n2. कांग्रेस के किस नेता ने विलय का दावा किया था?\nकांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने यह दावा किया था।\n\n3. वडेट्टीवार ने विलय को लेकर क्या कहा था?\nउन्होंने कहा था कि इसके लिए दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ नेताओं की बैठकें चल रही हैं।\n\n4. एनसीपी में टूट कब हुई थी?\nसाल 2023 में शरद पवार के भतीजे अजित पवार की बगावत के बाद एनसीपी दो हिस्सों में बंट गई थी।\n\n5. शरद पवार ने एनसीपी की स्थापना कब की थी?\nशरद पवार ने साल 1999 में कांग्रेस छोड़कर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी की स्थापना की थी।\n\n6. अजित पवार और शरद पवार की एनसीपी किस-किस गठबंधन में हैं?\nअजित पवार की एनसीपी भाजपा नेतृत्व वाले महायुति में है, जबकि शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है।",
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  "category": "राजनीति",
  "publishedAt": "2026-07-02",
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    "शरद पवार",
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    "कांग्रेस विलय",
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