# विपक्ष के विरोध के जवाब में सड़कों पर भाजपा, अमित शाह और योगी संभालेंगे पदयात्रा की कमान

> विपक्षी दलों के हंगामे के खिलाफ भाजपा ने अपनी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मुहिम तेज कर दी है। इसके तहत करनाल, गाजियाबाद, नागपुर और जयपुर में शीर्ष नेता पदयात्रा निकालेंगे।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-11-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/vipaksha-ke-virodha-ke-javaba-men-sarakon-para-bjp-amit-shah-aura-yogi-snbhalenge-padayatra-ki-kamana-56853 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, भाजपा, कांग्रेस, करनाल, गाजियाबाद, नागपुर, पदयात्रा

कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने अपना देशव्यापी अभियान तेज कर दिया है। पार्टी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मुहिम के तहत गुरुवार को कई राज्यों में वरिष्ठ नेता सड़कों पर उतरकर पदयात्रा निकालेंगे। इस राजनीतिक अभियान का मकसद विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों और हंगामे का राजनीतिक जवाब देना है।

## हरियाणा में गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम
इस राष्ट्रव्यापी अभियान की कमान संभालते हुए गृहमंत्री अमित शाह हरियाणा के करनाल पहुंच रहे हैं। करनाल की पंजाबी बहुल पट्टी से कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला बोलने की रणनीति तैयार की गई है। गृहमंत्री सुबह 10 बजे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' पदयात्रा में शिरकत करेंगे। करनाल में पदयात्रा में शामिल होने के साथ-साथ उनके अन्य अहम कार्यक्रम भी तय हैं। वह अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे और इसके बाद गांधी मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।

## गाजियाबाद में सीएम योगी और नागपुर में फडणवीस-गडकरी
उत्तर प्रदेश में इस अभियान की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। वह गाजियाबाद में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकालेंगे और जनता के बीच विपक्षी दलों के रुख पर सवाल उठाएंगे। इससे एक दिन पहले गोरखपुर में भी ऐसी ही यात्रा आयोजित की गई थी, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ सीएम योगी शामिल हुए थे। गोरखपुर में पदयात्रा से पहले एक रैली भी हुई थी, जिसमें नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव पर सीधा तीखा हमला बोला था।

उधर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख केंद्र नागपुर में भी गुरुवार को व्यापक पदयात्रा का आयोजन किया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संयुक्त रूप से इस मार्च का नेतृत्व करेंगे और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा में हिस्सा लेंगे।

## जयपुर में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का मार्च
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी भाजपा के इस जनसंपर्क अभियान की जोरदार तैयारी की गई है। जयपुर में आयोजित होने वाली पदयात्रा का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे। वह पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ सड़क पर उतरकर विपक्ष के विरोध का मुकाबला करने और पार्टी का पक्ष रखने के लिए इस मार्च की अगुवाई करेंगे।

## इसका आप पर असर
इस राष्ट्रव्यापी अभियान और पदयात्राओं के कारण संबंधित शहरों में यातायात और राजनीतिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** संसद से लेकर सड़क तक सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज होने के संकेत हैं। इससे आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक रैलियों और प्रदर्शनों का दौर और बढ़ेगा।
- **करनाल, गाजियाबाद, नागपुर और जयपुर में:** इन शहरों के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और रूट डायवर्जन लागू रहेंगे। आम यात्रियों और दैनिक आने-जाने वाले लोगों को जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना चाहिए।
- **गोरखपुर और अंबाला में:** अंबाला कैंट और गांधी मैदान के आसपास जनसभा और उद्घाटन कार्यक्रम के चलते यातायात प्रभावित रह सकता है। स्थानीय लोगों को सुबह और दोपहर के समय इन इलाकों में जाने से पहले ट्रैफिक अपडेट जांचने की सलाह दी जाती है।
- **कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए:** पार्टी इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर लामबंदी की जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकलने वाले जुलूसों के कारण मुख्य बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हलचल रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह अभियान विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों और चुनाव आयोग से जुड़े विवादों का सार्वजनिक मंचों पर मुकाबला करने के लिए शुरू किया गया है।

- **सीधा कारण:** कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन और हंगामा कर रहे थे। इसके जवाब में भाजपा ने सड़क पर उतरकर अपनी बात रखने का फैसला किया।
- **पृष्ठभूमि और तैयारी:** विपक्षी दलों द्वारा बनाए जा रहे दबाव को बेअसर करने के लिए सत्तापक्ष ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' का नारा दिया। इससे पहले गोरखपुर में भी ऐसी ही रैली आयोजित कर विपक्षी नेताओं पर तीखे हमले बोले गए थे।
- **आगे की रणनीति:** विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों में केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को उतारकर पार्टी इस विमर्श को राष्ट्रीय स्तर पर जनता के बीच ले जाना चाहती है। आने वाले दिनों में अन्य शहरों में भी इसी तरह के मार्च देखने को मिल सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मुहिम का क्या उद्देश्य है?
यह मुहिम विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शनों के जवाब में शुरू की गई है।

### 2. गृहमंत्री अमित शाह किस शहर में पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं?
गृहमंत्री अमित शाह हरियाणा के करनाल में सुबह 10 बजे आयोजित पदयात्रा में भाग ले रहे हैं।

### 3. हरियाणा में अमित शाह के अन्य कौन से कार्यक्रम हैं?
वह अंबाला छावनी में शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे और गांधी मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

### 4. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पदयात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है?
गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पदयात्रा की अगुवाई कर रहे हैं।

### 5. नागपुर में होने वाले मार्च में कौन से प्रमुख नेता शामिल हैं?
नागपुर की पदयात्रा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल हो रहे हैं।

### 6. राजस्थान के जयपुर में पदयात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है?
जयपुर में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।

### 7. गोरखपुर में एक दिन पहले क्या हुआ था?
गोरखपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पदयात्रा और रैली की थी, जिसमें राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर हमले बोले गए थे।

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