# विशेष सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल लाने की तैयारी, नरेंद्र मोदी की एनडीए बैठक में 366 सांसदों के समर्थन का दावा

> संसद के आगामी विशेष सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने की तैयारी तेज हो गई है। एनडीए सांसदों के साथ नाश्ते पर हुई बैठक में 366 सांसदों का समर्थन होने का संकेत दिया गया है।

**Type:** article · **Category:** राजनीति · **Published:** 2026-08-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/politics/vishesha-satra-men-parisimana-aura-mahila-arakshana-bila-lane-ki-taiyari-narendra-modi-ki-nda-baithaka-men-366-sansadon-ke-samarth-14680 · **Language:** Hindi
**Tags:** परिसीमन विधेयक, महिला आरक्षण बिल, नरेंद्र मोदी, एनडीए बैठक, विशेष सत्र, संसद कार्यवाही

संसदीय कार्यप्रणाली को गति देने और आगामी विधायी एजेंडे को सुचारु बनाने के उद्देश्य से आयोजित एनडीए सांसदों की नाश्ता बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम संकेत दिए हैं। इस संवाद के दौरान लगभग 45 सांसदों की मौजूदगी में यह जानकारी सामने आई कि सरकार के पास परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक को संसद में पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। गठबंधन के पास वर्तमान में 366 सांसदों का मजबूत समर्थन जुट चुका है। यदि मौजूदा सत्र में यह संभव नहीं हो पाता है, तो चालू माह के दौरान ही संसद का एक विशेष सत्र आयोजित किया जा सकता है। इस परिसीमन प्रक्रिया के दौरान सभी सांसदों को आश्वस्त किया गया है कि उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के जनहितों और स्थानीय प्राथमिकताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा, परिसीमन के मुद्दे पर डीएमके की ओर से एनडीए को समर्थन देने के लिए तीन विशिष्ट शर्तें रखी गई हैं।

## युवाओं से संवाद और Gen-Z के बीच सक्रियता का निर्देश
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं और Gen-Z आबादी के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। सांसदों से कहा गया कि वे अपने क्षेत्रों में युवा पीढ़ी के बीच लगातार सक्रिय रहें और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं के भीतर किसी भी प्रकार की नाराजगी या प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति पनपने वाली नकारात्मकता को केवल निरंतर संवाद, सकारात्मक चर्चा और सही तथ्यों की जानकारी देकर ही दूर किया जा सकता है। सांसदों को सलाह दी गई कि वे सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर ऐसे मंच तैयार करें जहां युवाओं की बात सुनी जा सके।

## शिवसेना शिंदे गुट की संवैधानिक स्थिति और गठबंधन का तालमेल
शिवसेना (शिंदे) गुट से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी से संबंधित सभी निर्णय पूर्णतः संवैधानिक दायरे में रहकर लिए गए हैं। उच्चतम न्यायालय में मामला विचारधीन होने के बावजूद शिंदे गुट के सांसदों की सदस्यता पर किसी भी प्रकार का संकट या खतरा नहीं है। इस नाश्ता बैठक में शिवसेना (शिंदे) के 7 सांसद, एनसीपीआई के 20 सांसद तथा एनसीपी (अजित पवार) के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उपेंद्र कुशवाहा सहित करीब 45 सांसदों ने इस महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने सहयोगियों को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों या केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़ी किसी भी बाधा को दूर करने के लिए सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या उनसे संपर्क साध सकते हैं।

## क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं में तेजी और स्वास्थ्य पर मार्गदर्शन
जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शासकीय शक्ति का प्रभावी उपयोग करने का सुझाव दिया गया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी विकास योजना के क्रियान्वयन में प्रशासनिक अड़चन आती है, तो बिना किसी संकोच के सीधे PMO से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनके हालचाल जाने। इस क्रम में उन्होंने धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबाळकर के दैनिक योगाभ्यास और स्वास्थ्य दिनचर्या की विशेष जानकारी ली। उन्होंने सांसदों को नियमित योग, शारीरिक व्यायाम और उत्तम स्वास्थ्य बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि एक स्वस्थ जनप्रतिनिधि ही राष्ट्र और समाज की बेहतर सेवा कर सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने सांसदों को जमीनी स्तर पर रहकर गरीब, मजदूर और किसान वर्ग से लगातार मिलने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया।

## पूर्वोत्तर राज्यों का विकास और छोटे दलों का सम्मान
बदलते राजनीतिक और सामाजिक परिवेश के प्रति सांसदों को हमेशा अपडेट रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि अतीत में पूर्वोत्तर के राज्यों को अपेक्षित विकास से वंचित रखा गया था। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के अन्य विकसित हिस्सों के साथ जोड़कर प्रगति की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाए। गठबंधन की अवधारणा पर बात करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि एनडीए के भीतर किसी भी राजनीतिक दल का महत्व उसकी संसदीय सीटों या सांसदों की संख्या से तय नहीं होता है। एक सीट वाले छोटे सहयोगी दल को भी वही सम्मान, स्थान और महत्व दिया जाता है जो किसी बड़े दल को प्राप्त है। उन्होंने सभी घटक दलों से एकजुट होकर एनडीए को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।

## संसद के सुचारु संचालन पर चिंता और नए सांसदों के अधिकार
संसदीय परंपराओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने संसद को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर बताया और इसके सुचारु संचालन की आवश्यकता पर बल दिया। सदन में लगातार होने वाले हंगामे और नारेबाजी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के गतिरोध के कारण विशेष रूप से नए निर्वाचित सांसदों को अपनी बात रखने और जनमुद्दे उठाने का अवसर नहीं मिल पाता, जो उनके संसदीय अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि सरकार ने संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए विपक्ष के नेताओं से भी सकारात्मक बातचीत की थी। हालांकि, सदन में लगातार जारी रहने वाले व्यवधान के कारण न तो सत्ता पक्ष के सांसद अपनी बात रख पा रहे हैं और न ही विपक्ष के सदस्यों को अपनी बात कहने का मौका मिल रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पास होने से देश की राजनीतिक संरचना और महिलाओं के प्रतिनिधित्व में दूरगामी बदलाव आएंगे।

**विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में:** परिसीमन प्रक्रिया के लागू होने से स्थानीय स्तर पर संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं और जनसंख्या समीकरण बदल सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. एनडीए के पास परिसीमन बिल पारित कराने के लिए कितना समर्थन है?
बैठक में जानकारी दी गई कि परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने के लिए सरकार के पास 366 सांसदों का पर्याप्त समर्थन मौजूद है।

### 2. क्या संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है?
यदि मौजूदा प्रक्रिया में संभव नहीं हुआ, तो इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाकर दोनों विधेयकों पर कदम आगे बढ़ाया जा सकता है।

### 3. परिसीमन पर डीएमके का क्या रुख है?
परिसीमन के मुद्दे पर एनडीए का साथ देने के लिए डीएमके ने तीन विशिष्ट शर्तें रखी हैं।

### 4. शिवसेना शिंदे गुट के सांसदों के बारे में क्या स्पष्टीकरण दिया गया?
यह स्पष्ट किया गया कि पार्टी से जुड़े फैसले संविधान के तहत लिए गए हैं और उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद 7 सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है।

### 5. सांसदों को युवाओं और Gen-Z के लिए क्या निर्देश दिए गए?
सांसदों को Gen-Z और युवाओं के बीच लगातार सक्रिय रहने, सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और संवाद के जरिए युवाओं की नाराजगी दूर करने को कहा गया है।

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