पश्चिम बंगाल में बीजेपी का बड़ा आंतरिक एक्शन, 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को नोटिस और निलंबन पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने अपने ही संगठन के भीतर अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा है। जबरन वसूली और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई है। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक जमीन पर अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी भारतीय जनता पार्टी को एक नए आंतरिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सत्ता हासिल करने के शुरुआती कुछ महीनों के भीतर ही पार्टी संगठन के भीतर भ्रष्टाचार और अनियमिताओं की शिकायतें खुलकर सामने आने लगी हैं। जिन मुद्दों को लेकर पार्टी लंबे समय से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को घेरती आई है, अब वही आरोप उसके अपने कार्यकर्ताओं पर लगना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जिला स्तर पर हुई कड़ी कार्रवाई संगठन के भीतर बढ़ती अनुशासनहीनता से निपटने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 25 कार्यकर्ताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ ही 300 से अधिक अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को आधिकारिक तौर पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी पर अवैध वसूली, भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्तता और पार्टी के नियमों के खिलाफ जाकर काम करने के गंभीर आरोप दर्ज हैं। भीतरघात और पाला बदलने वालों की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने अपनी बात रखते हुए स्वीकार किया कि जबरन वसूली की यह समस्या संगठन के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। उनका कहना था कि इस स्थिति के पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं, जिसमें संगठन के कुछ पुराने लोगों के साथ-साथ उन लोगों की संलिप्तता भी शामिल है जो हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर अनौपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए थे और पुरानी कार्यशैली को छोड़ नहीं पाए हैं। नेतृत्त्व की ओर से सख्त चेतावनी पार्टी मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिला स्तर के सभी प्रमुख पदाधिकारियों को इन गतिविधियों पर पूरी सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। पार्टी नेताओं का दोहराना है कि संगठन की वैचारिक स्पष्टता और अनुशासित नियमों से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और संगठन के संविधान के अनुसार उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसका आप पर असर पश्चिम बंगाल में: राज्य के आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं के लिए यह राजनीतिक घटनाक्रम प्रशासनिक पारदर्शिता और दलों के भीतर आंतरिक अनुशासन की स्थिति पर नए सवाल खड़े करता है। सवाल-जवाब 1. पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने कितने कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की है? पार्टी ने लगभग 25 कार्यकर्ताओं को निलंबित किया है और 300 से अधिक लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। 2. इन कार्यकर्ताओं पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए गए हैं? इन पर जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। 3. इस स्थिति के लिए पार्टी के भीतर किस बात को जिम्मेदार माना जा रहा है? वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, इसमें कुछ अपने कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अन्य दलों से अनौपचारिक रूप से शामिल हुए लोग भी शामिल हैं। 4. जिला स्तर के नेताओं को क्या निर्देश दिए गए हैं? जिला नेताओं को इन अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के लिए सख्त चेतावनी दी गई है। https://trendkia.com/politics/west-bengal-bjp-takes-strict-action-suspends-workers-over-extortion-allegations-15251 TrendKia — Har trend, sabse pehle.