पश्चिम बंगाल को वृहत्तर बांग्लादेश बनाने की थी साजिश, सुवेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की सरकार पर तुष्टीकरण और राज्य को वृहत्तर बांग्लादेश में बदलने की योजना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखा जुबानी हमला देखने को मिला है, जहां मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले दावे किए हैं। एक पार्टी कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रवाद से पूरी तरह दूर रहने और तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देने का सीधा आरोप जड़ा है। अलग ध्वज और नारे को लेकर गंभीर आरोप सुवेंदु अधिकारी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दावा किया कि पिछली सरकार की मंशा पश्चिम बंगाल को एक अलग राष्ट्र की तर्ज पर ढालने की थी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के प्रशासन ने राज्य के लिए एक अलग गीत तैयार करवाने के साथ-साथ एक नया ध्वज भी डिजाइन करवाया था। इसके अलावा, पड़ोसी देश बांग्लादेश के प्रसिद्ध नारे 'जय बांग्ला' को भी पश्चिम बंगाल में लागू करने के प्रयास किए गए थे, जो राज्य की अस्मिता के साथ एक बड़ा खिलवाड़ था। राष्ट्रवाद और जनहित की अपील अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से एकजुट होने और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की पिछली सरकार के पास राष्ट्रवाद की बुनियादी समझ तक का अभाव था, और उनकी गुप्त योजनाओं का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक वृहत्तर बांग्लादेश के रूप में परिवर्तित करना था। विपक्ष और अन्य समूहों पर तीखा तंज मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर हाल ही में विरोध प्रदर्शन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) पर भी मुख्यमंत्री ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी कीमत पर 'दिमागी नक्सलियों', 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह, कॉकरोच और दीमकों जैसे तत्वों को अपनी जड़ें जमाने या पनपने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। इसका आप पर असर यह राजनीतिक बयानबाजी सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल, मतदाता जागरूकता और आगामी गतिविधियों को प्रभावित करती है। • भारत में: राजनीतिक बयानबाजी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे देश भर की चुनावी चर्चाओं और वैचारिक बहसों को नए सिरे से तेज करते हैं। • पश्चिम बंगाल में: राज्य के नागरिकों और कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक सरगर्मी बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गोलबंदी पर सीधा असर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. सुवेंदु अधिकारी ने किस पार्टी और सरकार पर निशाना साधा है? सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा निशाना साधा है। 2. मुख्यमंत्री ने क्या मुख्य आरोप लगाया है? उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की योजना राज्य को वृहत्तर बांग्लादेश में बदलने की थी और उन्हें राष्ट्रवाद की कोई समझ नहीं थी। 3. कौन से नारे और प्रतीकों का जिक्र किया गया है? उन्होंने दावा किया कि राज्य के लिए एक अलग गीत, एक ध्वज डिजाइन किया गया और बांग्लादेश के 'जय बांग्ला' नारे को अपनाया गया। 4. सुवेंदु अधिकारी ने जनता से क्या अपील की है? उन्होंने जनता से एकजुट रहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होने की अपील की है। 5. किन राजनीतिक समूहों पर निशाना साधा गया है? उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी और कुछ अन्य तत्वों को राज्य में न पनपने देने की बात कही है। https://trendkia.com/politics/west-bengal-ko-grihatar-bangladesh-banane-ki-thi-sajish-suvendu-adhikari-ka-mamata-banerjee-par-bada-hamla-51881 TrendKia — Har trend, sabse pehle.