अमृतसर में स्वर्ण मंदिर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, परिसर के बाहर लगे नारे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के स्वर्ण मंदिर दौरे के दौरान परिसर के बाहर कुछ लोगों ने नारेबाजी की, हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हालात संभाल लिए। इस यात्रा में राजदूत ने सिख धर्म के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अहम मुद्दों पर चर्चा की। पंजाब के अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब में सोमवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के आगमन के दौरान सुरक्षा घेरे के पास नारेबाजी देखने को मिली। राजदूत जब पवित्र धर्मस्थल पर शीश नवाने और सिख समुदाय के वरिष्ठ नेतृत्व से संवाद करने पहुंचे, तभी परिसर के बाहरी हिस्से में जमा कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान के समर्थन में नारे बुलंद किए और साथ ही गॉड ब्लेस अमेरिका की आवाजें भी लगाईं। मौके पर तैनात सुरक्षा अमले ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया और किसी भी अप्रिय स्थिति को पनपने नहीं दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमृतसर पुलिस ने कुछ ही समय पहले शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रो-खालिस्तान नारे पेंट करने के मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया था। इस संक्षिप्त विरोध के बीच राजदूत का कार्यक्रम निर्धारित रूप से जारी रहा और उन्होंने गुरुद्वारा परिसर के भीतर प्रमुख धार्मिक हस्तियों के साथ बैठक कर कई विषयों पर विमर्श किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के शीर्ष नेतृत्व ने किया स्वागत स्वर्ण मंदिर पहुंचने पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने किया। दोनों प्रमुख नेताओं ने राजदूत के साथ औपचारिक बैठक की और विभिन्न समसामयिक व ऐतिहासिक विषयों पर विचार साझा किए। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस मुलाकात के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि राजदूत गोर ने अपनी पिछली यात्रा का संस्मरण साझा किया। राजदूत ने बताया कि यह उनका स्वर्ण मंदिर का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे लगभग 15 वर्ष पूर्व अपने माता-पिता के साथ यहां दर्शन करने आए थे। “उन्होंने अपनी पिछली यात्रा की यादें हमारे साथ साझा कीं. हमने SGPC की ओर से उनका स्वागत किया और बैठकर सिखों से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की.” हरजिंदर सिंह धामी ने यह बात भी साफ की कि इस मुलाकात के दौरान कमेटी की ओर से राजदूत को कोई औपचारिक ज्ञापन नहीं सौंपा गया। इसके बावजूद अमेरिका में सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली एक आपत्तिजनक और नफरत भरी तस्वीर का मुद्दा राजदूत के संज्ञान में लाया गया। एसजीपीसी ने पूर्व में ईमेल भेजकर अमेरिकी अधिकारियों के सामने इस मामले पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद उस आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित मंच से हटा दिया गया था। सिख दर्शन की समानता और ऐतिहासिक संबंधों पर चर्चा बैठक के वैचारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने बताया कि बातचीत में सिख गुरुओं के सार्वभौमिक समानता के संदेश और अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा में शामिल समानता के आदर्शों पर गहन चर्चा हुई। गर्गज्ज ने रेखांकित किया कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की पवित्र भूमि से हमेशा ही मानव कल्याण, समानता और वैश्विक बंधुत्व का पैगाम दुनिया को दिया गया है। इसके साथ ही चर्चा के दौरान सिख साम्राज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका के ऐतिहासिक जुड़ाव की कड़ियों को भी याद किया गया। जत्थेदार ने ऐतिहासिक विवरण साझा करते हुए बताया कि शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में अमेरिकी नागरिकों ने उनकी सेना में सेवाएं दी थीं। इस बैठक में वर्तमान समय में अमेरिका के विभिन्न राज्यों में निवास कर रहे सिख समुदाय के नागरिकों से जुड़े मसलों और उनके कल्याण पर भी विस्तृत बातचीत हुई। इसका आप पर असर अमेरिकी राजदूत के इस दौरे और धार्मिक नेतृत्व के साथ संवाद का सीधा संबंध पंजाब और विदेशों में रहने वाले सिख समुदाय के हितों से है। • भारत में: विदेशी राजनयिकों के दौरों के समय सुरक्षा व्यवस्था के प्रोटोकॉल को और कड़ा किया जाता है। इससे संवेदनशील परिसरों के आसपास सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ाई जाती है। • पंजाब में: अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहने से आम श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के दर्शन का अवसर मिलता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों को सीधे मंचों पर उठाने का मार्ग सुगम होता है। • प्रवासी समुदाय के लिए: विदेशों में नफरती सामग्री और छवि को लेकर उठाई गई आपत्तियों से अमेरिका में रह रहे सिखों के मामलों पर ध्यान आकर्षित होता है। इससे प्रवासी भारतीयों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर आधिकारिक स्तर पर संवेदनशीलता बढ़ती है। • द्विपक्षीय संबंधों में: ऐतिहासिक संबंधों और साझा मूल्यों की चर्चा से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिलता है। इससे समुदाय स्तर पर संवाद और आपसी समन्वय को निरंतर गति मिलती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के स्वर्ण मंदिर दौरे के दौरान हुई नारेबाजी और बैठकों के पीछे हालिया स्थानीय घटनाएं और पूर्व निर्धारित राजनयिक कार्यक्रम जिम्मेदार थे। • राजनयिक और व्यक्तिगत यात्रा: राजदूत सर्जियो गोर श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन करने और सिख नेतृत्व से औपचारिक वार्ता करने पहुंचे थे। यह उनका स्वर्ण मंदिर का दूसरा दौरा था, जिसमें वे लगभग 15 वर्ष पूर्व भी आ चुके थे। • स्थानीय स्तर पर सक्रियता: हाल ही में अमृतसर पुलिस ने शहर में प्रो-खालिस्तान नारे लिखने के आरोप में दो संदिग्धों को पकड़ा था। इसी पृष्ठभूमि में कुछ लोगों ने राजदूत की मौजूदगी का फायदा उठाकर सुरक्षा घेरे के बाहर नारेबाजी की। • धार्मिक और समुदाय से जुड़े सरोकार: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अमेरिका में सामने आई एक नफरत फैलाने वाली तस्वीर का मामला राजदूत के समक्ष उठाया। कमेटी पूर्व में ईमेल द्वारा भी अमेरिकी प्रशासन के समक्ष यह चिंता जता चुकी थी। • सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संवाद: अकाल तख्त नेतृत्व ने समानता के सार्वभौमिक सिद्धांतों और महाराजा रणजीत सिंह की सेना में अमेरिकी नागरिकों की ऐतिहासिक भागीदारी को रेखांकित करने के लिए यह बैठक आयोजित की। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के दौरे के समय स्वर्ण मंदिर के बाहर क्या हुआ? राजदूत के दौरे के दौरान परिसर के बाहर कुछ लोगों ने प्रो-खालिस्तान नारे और गॉड ब्लेस अमेरिका के नारे लगाए, जिसे सुरक्षाबलों ने तुरंत संभाल लिया। 2. स्वर्ण मंदिर में अमेरिकी राजदूत का स्वागत किसने किया? उनका स्वागत एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने किया। 3. क्या सर्जियो गोर पहले भी स्वर्ण मंदिर आ चुके हैं? हां, उन्होंने बताया कि वे करीब 15 साल पहले अपने माता-पिता के साथ यहां आए थे और यह उनका दूसरा दौरा है। 4. क्या एसजीपीसी ने अमेरिकी राजदूत को कोई ज्ञापन सौंपा? नहीं, एसजीपीसी ने कोई ज्ञापन नहीं सौंपा, लेकिन अमेरिका में सिखों से जुड़ी एक आपत्तिजनक तस्वीर का मुद्दा जरूर उठाया। 5. अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार के साथ बैठक में किन ऐतिहासिक तथ्यों पर चर्चा हुई? बैठक में समानता के सिद्धांतों के अलावा यह उल्लेख किया गया कि महाराजा रणजीत सिंह के समय अमेरिकी नागरिकों ने उनकी सेना में सेवाएं दी थीं। https://trendkia.com/punjab/amritasara-men-golden-temple-pahunche-ameriki-rajaduta-sergio-gor-parisara-ke-bahara-lage-nare-40007 TrendKia — Har trend, sabse pehle.