# अमृतसर के अजनाला में पुलिस एएसआई पर जानलेवा हमला, घर लौटते वक्त बरसाईं गोलियां

> पंजाब के अमृतसर स्थित अजनाला थाने में तैनात एएसआई सुखचैन सिंह पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी, जिसमें गोली उनकी बांह को छूकर निकल गई।

**Type:** article · **Category:** पंजाब · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/punjab/amritsar-ke-ajnala-men-pulisa-asi-para-janaleva-hamala-ghara-lautate-vakta-barasain-goliyan-42927 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमृतसर क्राइम, अजनाला पुलिस, पंजाब पुलिस, गोलीबारी, सुखचैन सिंह, जलालाबाद फायरिंग, क्राइम न्यूज़

पंजाब के अमृतसर जिले में पुलिसकर्मियों पर हमलों के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अजनाला पुलिस थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुखचैन सिंह पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। यह वारदात उस समय घटित हुई जब सुखचैन सिंह अपनी ड्यूटी पूरी कर जगदेव खुर्द स्थित अपने आवास की तरफ जा रहे थे। घर पहुंचने से ठीक पहले घात लगाए बैठे हमलावरों ने अचानक उन पर हमला बोल दिया और फायरिंग शुरू कर दी।

## गोली लगने से घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी के दौरान एक गोली एएसआई सुखचैन सिंह की बांह को छूती हुई निकल गई। गोली के छर्रे और खरोंच लगने से वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े। अचानक हुई इस हिंसक वारदात के बाद स्थानीय लोगों और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तुरंत उपचार के लिए अजनाला के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।

सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की एक विशेष टीम सुखचैन सिंह की देखरेख कर रही है। चिकित्सकों ने जानकारी दी है कि समय पर मिले इलाज के कारण उनकी शारीरिक स्थिति फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर है। घटना की सूचना पाकर भारी पुलिस बल मौके पर और अस्पताल पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच तेज कर दी है। हमलावरों का पता लगाने और उनके इस कदम के पीछे के कारणों की गहन तफ्तीश की जा रही है।

## जलालाबाद में डीएसपी कार्यालय पर भी हुई थी गोलीबारी
पंजाब में पुलिस प्रतिष्ठानों और अधिकारियों पर हमले की यह अकेली घटना नहीं है। इससे पहले राज्य के जलालाबाद क्षेत्र में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कार्यालय के बाहर भी इसी तरह की दुस्साहसिक गोलीबारी देखने को मिली थी। उस घटना में तीन से चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए कुछ उपद्रवी युवकों ने लाल बत्ती चौक की दिशा से आकर डीएसपी दफ्तर को निशाना बनाया और गोलियां चलाई थीं।

फायरिंग करने के बाद कुछ हमलावर जबरन डीएसपी दफ्तर परिसर के भीतर भी घुसने का प्रयास करने लगे थे, जिन्हें वहां मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने दबोच लिया था। सिटी जलालाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो युवकों को हिरासत में लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमीर खास के रहने वाले सोना सिंह उर्फ सोनू और थाना वैरोका क्षेत्र निवासी परमजीत के बेटे आकाश के तौर पर की गई थी। पुलिस ने उनके पास से एक अवैध.32 बोर की पिस्तौल भी बरामद की थी।

## मंदिर विवाद और संपत्ति से जुड़े तारों की पड़ताल
थाना सिटी जलालाबाद के प्रभारी मोहित धवन के अनुसार, डीएसपी दफ्तर पर फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर दो आरोपियों को मौके से पकड़ा, जबकि उनके कुछ अन्य साथी भागने में सफल रहे थे। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। घटना स्थल पर एक राउंड फायर किए जाने की पुष्टि हुई थी और फॉरेंसिक टीम यह जांच कर रही है कि गोली किस हथियार से दागी गई।

जलालाबाद मामले की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा टकराव एक स्थानीय मंदिर प्रबंधन से जुड़े विवाद, आपसी रंजिश और मंदिर की जमीन पर दुकानों के गैर-कानूनी निर्माण से संबंधित हो सकता है। पुलिस प्रशासन मंदिर ट्रस्ट और जमीन से जुड़े तमाम कानूनी दस्तावेजों व पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहा है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस दोनों ही मामलों में शामिल अन्य अपराधियों के नेटवर्क को खंगाल रही है।

## इसका आप पर असर
इस घटना से पंजाब में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

- **पंजाब में:** राज्य भर में संवेदनशील इलाकों और पुलिस थानों के आसपास गश्त और नाकाबंदी बढ़ाई जा सकती है। आम नागरिकों को सार्वजनिक जगहों पर देर रात आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की सलाह दी जाती है।
- **अमृतसर और अजनाला क्षेत्र में:** जगदेव खुर्द और आसपास के मार्गों पर पुलिस चेकिंग और वाहन तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं। स्थानीय निवासियों को दैनिक आवागमन के दौरान जांच चौकियों पर सहयोग करने और पहचान पत्र साथ रखने की जरूरत होगी।
- **सुरक्षा प्रोटोकॉल:** फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए मूवमेंट और सुरक्षा दिशानिर्देश कड़े किए जा रहे हैं। इससे थानों और सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।
- **अपराध नियंत्रण:** अवैध हथियारों की तस्करी और गिरोहों के खिलाफ पुलिस का सर्च ऑपरेशन व्यापक स्तर पर शुरू हो सकता है। अवैध हथियार रखने वालों और संदिग्धों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
अमृतसर में पुलिसकर्मी पर हमले के पीछे के सटीक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि जलालाबाद मामले में संपत्ति विवाद सामने आया है।

- **अजनाला हमले की जांच:** एएसआई सुखचैन सिंह पर हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस हमलावरों की शिनाख्त में जुटी है। प्राथमिक जांच में यह देखा जा रहा है कि हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा था या ड्यूटी से जुड़े किसी मामले का।
- **जलालाबाद में मंदिर और जमीन विवाद:** डीएसपी दफ्तर के पास हुई पूर्व घटना में मंदिर प्रबंधन और जमीन पर बनी दुकानों का विवाद मुख्य कारण माना गया है। आपसी खींचतान और संपत्ति पर कब्जे की होड़ ने हथियारबंद हमले का रूप ले लिया था।
- **अवैध हथियारों की उपलब्धता:** अपराधियों द्वारा देसी और अवैध हथियारों जैसे .32 बोर पिस्तौल का इस्तेमाल ऐसी हिंसक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया गया। पुलिस अब इन हथियारों के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमृतसर के अजनाला में किस पुलिसकर्मी पर गोलीबारी हुई?
अजनाला थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुखचैन सिंह पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की।

### 2. एएसआई सुखचैन सिंह की वर्तमान हालत कैसी है?
गोली उनकी बांह को छूकर निकली थी और अजनाला के सिविल अस्पताल में उनका इलाज जारी है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

### 3. यह हमला किस जगह पर हुआ था?
यह घटना उस समय हुई जब एएसआई सुखचैन सिंह जगदेव खुर्द के पास स्थित अपने घर पहुंच रहे थे।

### 4. जलालाबाद में किस कार्यालय के बाहर फायरिंग की गई थी?
जलालाबाद में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) कार्यालय के बाहर 3-4 बाइकों पर आए युवकों ने फायरिंग की थी।

### 5. जलालाबाद मामले में पुलिस ने किन आरोपियों को पकड़ा?
पुलिस ने अमीर खास निवासी सोना सिंह उर्फ सोनू और आकाश नाम के दो युवकों को अवैध .32 बोर पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया।

### 6. जलालाबाद फायरिंग के पीछे क्या संभावित कारण बताया गया है?
प्रारंभिक जांच के अनुसार मंदिर प्रबंधन, आपसी रंजिश और मंदिर की जमीन पर दुकानों के निर्माण के विवाद को संभावित कारण माना जा रहा है।

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