जालंधर रैली में अमित शाह का बड़ा संकल्प: 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को चिट्टा मुक्त बनाने का ऐलान जालंधर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम आदमी पार्टी पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और राज्य को 31 दिसंबर 2029 से पहले नशा मुक्त करने का संकल्प दोहराया. पंजाब के जालंधर में 30 सितंबर को आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने आम आदमी पार्टी के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत के दौर में सूबे के भीतर मादक पदार्थों का अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी रहा. चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नई पीढ़ी को मादक द्रव्यों के इस जाल से बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक पंजाब की समग्र तरक्की की कल्पना नहीं की जा सकती. उन्होंने मतदाताओं से पार्टी को मौका देने की अपील की और समय सीमा तय करते हुए संकल्प लिया कि दिसंबर 2029 से पहले पूरे राज्य को इस संकट से पूरी तरह निजात दिला दी जाएगी. नशा उन्मूलन को विकास की अनिवार्य पूर्व शर्त बताया जनसभा में पहुंचे लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष की क्षमता पर सीधा सवाल उठाया. उनका कहना था कि मादक पदार्थों की बुराई को पूरी तरह जड़ से समाप्त करने की इच्छाशक्ति केवल उनकी पार्टी के पास है. युवाओं की ऊर्जा और भविष्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नौजवानों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण दिए बिना राज्य को आर्थिक अथवा सामाजिक रूप से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. इसी कारण से आने वाले विधानसभा चुनावों में युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करना पार्टी का केंद्रीय चुनावी आधार बनेगा. आगामी विधानसभा चुनाव का मुख्य एजेंडा सूबे के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि आम जनता के सामने कई गंभीर मामले मौजूद हैं. इनमें खेती-किसानी, औद्योगिक विकास, कानून का राज तथा महिलाओं की हिफाजत से जुड़े पहलू बेहद महत्वपूर्ण हैं, मगर इन सभी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने यह तय किया है कि उसका प्रमुख फोकस मादक पदार्थों के खात्मे पर ही रहेगा. उन्होंने खासतौर पर युवाओं और माताओं से समर्थन की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि चुनाव में विजय मिलने पर तय समय सीमा यानी 31 दिसंबर 2029 से पहले चिट्टे के अवैध जाल को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा. पुराने रिकॉर्ड का हवाला देकर दिया भरोसे का संदेश विरोधी दलों की आलोचनाओं का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र सरकार के पिछले कार्यों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जब भी कोई बड़ा लक्ष्य तय किया जाता है तो राजनीतिक विरोधी उस पर सवाल खड़े करते हैं, लेकिन उनकी सरकार ने हर बार अपने संकल्पों को धरातल पर उतारकर दिखाया है. उन्होंने रेखांकित किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कश्मीर से आतंकवाद का सफाया किया गया, पचास साल पुराने नक्सली नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की गई और पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसक अलगाववाद पर काबू पाया गया. उन्होंने कहा कि अब उसी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पंजाब से नशे के नेटवर्क को खत्म करने का काम पूरा किया जाएगा. इसका आप पर असर इस राजनीतिक घोषणा से पंजाब के चुनावी विमर्श और नशा विरोधी सरकारी नीतियों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आ सकता है. • भारत में: सीमावर्ती राज्यों में मादक पदार्थों की रोकथाम को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है. इससे अंतरराज्यीय नारकोटिक्स नेटवर्क और तस्करी सिंडिकेट्स के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी और सख्त होने की संभावना है. • पंजाब में: चुनावी राजनीति में स्थानीय समस्याओं के बीच चिट्टा तस्करी और युवा पुनर्वास सबसे केंद्रीय बहस बन गया है. परिवारों और मतदाताओं के लिए यह वादा भविष्य के प्रशासनिक कदमों और पुलिसिया सख्ती का पैमाना तय करेगा. • युवाओं के लिए: नशे के खिलाफ कड़े वादों से स्थानीय स्तर पर पुनर्वास और रोजगार के मौकों पर नीतिगत चर्चा तेज होगी. युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों और खेल सुविधाओं के बेहतर विस्तार की उम्मीद मिल सकती है. • सीमावर्ती इलाकों में: सुरक्षा नीतियों में बदलाव से सीमा पार से होने वाली ड्रोन और जमीनी तस्करी पर निगरानी बढ़ेगी. स्थानीय निवासियों को सुरक्षा एजेंसियों की ज्यादा सक्रियता और जांच अभियानों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा क्यों हुआ जालंधर रैली में दिया गया यह भाषण आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की राजनीतिक बिसात और राज्य की पुरानी नशा समस्या की पृष्ठभूमि से उपजा है. • चुनावी बिसात: अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी ने स्थानीय स्तर पर सबसे भावनात्मक और संवेदनशील मुद्दे को अपना प्रमुख हथियार बनाया है. सत्ताधारी दल को घेरने के लिए कानून-व्यवस्था और नशा तस्करी को केंद्र में रखा गया है. • तस्करी पर आरोप: केंद्रीय नेतृत्व का दावा है कि राज्य प्रशासन की लापरवाही के कारण अवैध नशीले पदार्थों का नेटवर्क बेरोकटोक बढ़ता रहा. इसी आधार पर उन्होंने जनता के बीच एक नई राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प पेश किया है. • पिछली रणनीतियों की निरंतरता: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले भी आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सख्त अभियानों का नेतृत्व किया है. पार्टी उसी प्रशासनिक अनुभव को आधार बनाकर इस स्थानीय सामाजिक चुनौती से निपटने का दावा कर रही है. सवाल-जवाब 1. जालंधर की रैली में अमित शाह ने क्या बड़ा वादा किया? अमित शाह ने वादा किया कि यदि जनता समर्थन देती है, तो 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को चिट्टा और मादक पदार्थों के व्यापार से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा. 2. केंद्रीय गृह मंत्री ने आम आदमी पार्टी पर क्या आरोप लगाए? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान मादक पदार्थों की खुलेआम तस्करी होने दी. 3. आगामी चुनाव को लेकर भाजपा का प्रमुख मुद्दा क्या होगा? अमित शाह के अनुसार, खेती, उद्योग और सुरक्षा जैसे मुद्दों के बीच पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव केवल नशा मुक्त पंजाब के मुख्य एजेंडे पर लड़ेगी. 4. अपने दावों के समर्थन में अमित शाह ने किन ऐतिहासिक कार्यों का जिक्र किया? उन्होंने कश्मीर से आतंकवाद समाप्ति, 50 साल पुरानी नक्सली समस्या के खात्मे और पूर्वोत्तर में शांति स्थापना का उदाहरण दिया. https://trendkia.com/punjab/jalandhar-raili-men-amit-shah-ka-bara-snkalpa-31-disnbara-2029-taka-punjab-ko-chitta-mukta-banane-ka-ailana-40300 TrendKia — Har trend, sabse pehle.