मानसून का तेजी से प्रसार: 48 घंटे में इन राज्यों को मिलेगी राहत, 16 राज्यों में आंधी-पानी का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में मानसून मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में दस्तक देने वाला है। हालांकि, देश के 16 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत के निवासियों की नजरें लंबे समय से बादलों की ओर टिकी हैं, जहां भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित कर रखा है। जून के अंतिम दिनों में मानसून की प्रगति में थोड़ी सुस्ती देखी गई थी, लेकिन अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि स्थिति बदलने जा रही है। आगामी 48 से 72 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य और उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, देश के 16 राज्यों में मौसम विभाग ने आंधी, तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया है। प्रभावित क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो तपती गर्मी से राहत लाने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर चुनौतियां भी पैदा कर सकती है। मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल संकेत मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमानों के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए परिस्थितियां काफी अनुकूल नजर आ रही हैं। इससे अरब सागर के उत्तरी हिस्सों के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत में मानसून पहले से ही काफी सक्रिय है। असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे क्षेत्रों में अभी गर्मी का असर बरकरार रह सकता है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों के कारण गरज-चमक और बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट की उम्मीद है। जुलाई की शुरुआत तक उत्तर भारत के बड़े भूभाग में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम का दोहरा चरित्र वर्तमान में देश का मौसम दो विपरीत स्थितियों से गुजर रहा है। एक तरफ पूर्वोत्तर के राज्य बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई हिस्से लू की चपेट में हैं। आने वाले 48 घंटे इस मौसमी चक्र में निर्णायक भूमिका निभाएंगे, क्योंकि प्री-मानसून की सक्रियता से मानसून को गति मिलने की उम्मीद है। भारी बारिश और आंधी की चेतावनी मौसम विभाग ने 27 से 29 जून की अवधि के लिए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके अतिरिक्त, 28 जून को असम और मेघालय के चुनिंदा इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बिजली कड़कने, तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सुरक्षित रहने के लिए खुले मैदानों और पुराने पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने को कहा गया है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम में बदलाव राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के आधिकारिक आगमन का इंतजार जारी है। हालांकि, मौसम के मिजाज में परिवर्तन स्पष्ट नजर आ रहा है। 28 से 30 जून के दौरान दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द रह सकता है, लेकिन 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं भीषण गर्मी में थोड़ी राहत महसूस कराएंगी। उम्मीद है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून दिल्ली पहुंच जाएगा। उत्तर प्रदेश में हीटवेव और बारिश की स्थिति उत्तर प्रदेश के मौसम में अगले तीन से चार दिन काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना रह सकता है। 29 जून के बाद पश्चिमी यूपी में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे तापमान में 6 से 9 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की उम्मीद है। वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर के जिलों में अभी भी हीटवेव का असर महसूस किया जा सकता है। इसका आप पर असर पूरे भारत में: जिन राज्यों में लू का प्रकोप है, वहां प्री-मानसून बारिश से तापमान में गिरावट की उम्मीद है, इसलिए अपनी यात्रा योजनाओं को मौसम की चेतावनी के साथ जोड़कर देखें। उत्तर भारत में: तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। सवाल-जवाब 1. अगले 48 घंटों में मानसून कहां आगे बढ़ने वाला है? मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य और उत्तर भारत के कई नए हिस्सों में आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ भाग शामिल हैं। 2. दिल्ली-एनसीआर में मानसून कब तक आ सकता है? दिल्ली-एनसीआर में मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह तक दस्तक देने की संभावना जताई गई है। 3. किन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है? देश के 16 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्य शामिल हैं। 4. उत्तर प्रदेश के किन जिलों में फिलहाल हीटवेव का असर रहेगा? वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, और आजमगढ़ समेत कई जिलों में हीटवेव का असर अभी बना रह सकता है। https://trendkia.com/punjab/manasuna-ka-teji-se-prasara-48-ghnte-men-ina-rajyon-ko-milegi-rahata-16-rajyon-men-andhi-pani-ka-alarta-3396 TrendKia — Har trend, sabse pehle.