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  "type": "article",
  "title": "मोगा में नशे का कहर, 22 साल के युवक की मौत, किडनी फेल होने से गई जान",
  "summary": "पंजाब के मोगा में एक 22 साल के युवक की नशे की लत के कारण मौत हो गई। वह पिछले 10 साल से चिट्टे का सेवन कर रहा था, जिससे उसके गुर्दे खराब हो गए थे।",
  "content": "पंजाब के मोगा जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां नशे की गिरफ्त में आने के कारण एक 22 वर्षीय युवा की जान चली गई। मृतक पिछले एक दशक से खतरनाक चिट्टे के नशे का आदी था, जिसके दुष्परिणामस्वरूप उसके दोनों गुर्दे पूरी तरह फेल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में नशे के काले कारोबार और उससे बर्बाद हो रहे परिवारों की दर्दनाक तस्वीर को उजागर कर दिया है।\n\nकर्ज लेकर भेजा था नशा मुक्ति केंद्र\nयह घटना मोगा के धर्मकोट उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव जलालाबाद की है। मृतक के माता-पिता मजदूरी करके बमुश्किल अपने परिवार का गुजर-बसर चलाते हैं। बेटे की इस जानलेवा लत से परेशान होकर परिजनों ने अपनी आर्थिक तंगी के बावजूद दूसरों से कर्ज लिया और उसे एक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया। वह करीब छह महीने तक उसी केंद्र में रहकर इलाज करवाता रहा, जिसके बाद वह वापस अपने घर लौट आया था।\n\nघर का सामान तक बेच डाला\nघर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उसे दोबारा से पुराने नशे की तीव्र तलब सताने लगी। जब उसे नशा नहीं मिला तो उसने मानसिक तनाव और बेचैनी में आकर घर का कीमती सामान और यहां तक कि रसोई के बर्तन तक बेच डाले। उसका एक छोटा भाई और दो बहनें भी हैं। दोनों बहनों का विवाह पहले ही हो चुका है, जबकि छोटा भाई भी किसी समय नशे की चपेट में आ गया था, हालांकि वह किसी तरह इस दलदल से बाहर निकलने में सफल रहा।\n\nअस्पताल ले जाते समय बिगड़ी हालत\nजब उसकी शारीरिक स्थिति लगातार गंभीर होने लगी और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, तो परिवार के सदस्य उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने खुलासा किया कि अत्यधिक नशा करने के कारण उसके गुर्दे काम करना बंद कर चुके हैं। इलाज के दौरान 21 सितंबर को उसकी सांसे थम गईं और उसकी मौत हो गई। इस युवा की अर्थी उठने के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।\n\nपिता ने सरकार से की कड़ी कार्रवाई की मांग\nमृतक के पिता सिकंदर सिंह ने इस दुखद घड़ी में प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि उनके पूरे इलाके में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त से सख्त अभियान चलाया जाए। उन्होंने मांग की है कि गांव से इस जहर का पूरी तरह खात्मा किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य माता-पिता को अपनी संतान को इस तरह न खोना पड़े।\n\nगांव में खुलेआम मिल रहा है चिट्टा\nमृतक की मां ने बेहद दर्द भरे शब्दों में बयां किया कि उनके गांव में चीनी की तरह आसानी से चिट्टा उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल उनका बेटा ही नहीं, बल्कि उनके आस-पास के लगभग 10 से 12 अन्य युवा भी इस जानलेवा लत के शिकंजे में फंसे हुए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में किसी भी घर का जवान बेटा सुरक्षित नहीं बचेगा। उन्होंने रोते हुए कहा कि आज एक मां जिस पीड़ा से गुजर रही है, वही दर्द कई अन्य माताओं को भी सहना पड़ रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nपंजाब में नशे के कारण हो रही मौतों से परिवारों पर गहरा आर्थिक और मानसिक संकट आ रहा है।\n\n• भारत में: देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती पहुंच परिवारों को कर्ज के दलदल में धकेल रही है। नशा मुक्ति केंद्रों का भारी खर्च और उच्च विफलता दर आम आदमी की कमर तोड़ रही है।\n• मोगा में: धर्मकोट और आसपास के इलाकों में स्थानीय परिवारों को अपने युवाओं को बचाने के लिए कड़े प्रशासनिक कदमों और ड्रग तस्करों पर पुलिस कार्रवाई की सख्त जरूरत है।\n• आर्थिक बोझ: इलाज और रिहैब के लिए लिया गया कर्ज गरीब परिवारों को पीढ़ियों तक गरीबी में रहने के लिए मजबूर कर देता है।\n• स्वास्थ्य जोखिम: लंबे समय तक नशा करने से किडनी और लिवर फेल होने जैसी घातक बीमारियां युवाओं की जान ले रही हैं।\n• घरेलू सुरक्षा: नशे की लत के कारण घरों में होने वाली हिंसा और सामान की तोड़फोड़ से पारिवारिक माहौल पूरी तरह तबाह हो जाता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयुवाओं में बढ़ती नशे की लत और उसके कारण होने वाली मौतों के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण छिपे हुए हैं।\n\n• आसान उपलब्धता: गांवों में सिंथेटिक और रासायनिक नशीले पदार्थों की खुलेआम और आसानी से हो रही होम डिलीवरी ने युवाओं को इसकी गिरफ्त में लेना आसान कर दिया है।\n• बेरोजगारी और निराशा: ग्रामीण इलाकों में रोजगार के सीमित अवसरों और सामाजिक निराशा के कारण युवा अक्सर मानसिक तनाव से बचने के लिए नशे की शरण लेते हैं।\n• कमजोर निगरानी: स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की ओर से ड्रग माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई न होने के कारण अवैध व्यापार बेखौफ फल-फूल रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मृतक की उम्र कितनी थी?\nमृतक युवक की उम्र 22 वर्ष थी।\n\n2. यह घटना किस जगह की है?\nयह घटना पंजाब के मोगा जिले के धर्मकोट उपमंडल के गांव जलालाबाद की है।\n\n3. युवक कितने समय से नशा कर रहा था?\nवह पिछले 10 साल से चिट्टे के नशे का आदी था।\n\n4. युवक की मौत का मुख्य कारण क्या था?\nअत्यधिक नशा करने के कारण उसके दोनों गुर्दे (किडनी) फेल हो गए थे।\n\n5. परिवार ने उसे ठीक कराने के लिए क्या किया था?\nपरिजनों ने कर्ज लेकर उसे 6 महीने के लिए एक नशा मुक्ति केंद्र में भेजा था।\n\n6. उसकी मौत कब हुई?\nउसकी मौत 21 सितंबर को हुई।\n\n7. मृतक के पिता का क्या नाम है?\nमृतक के पिता का नाम सिकंदर सिंह है।\n\n8. परिवार के अनुसार गांव में नशे की क्या स्थिति है?\nपरिवार का कहना है कि गांव में चिट्टा चीनी की तरह आसानी से मिल रहा है और कई अन्य युवा भी इसकी चपेट में हैं।",
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  "category": "पंजाब",
  "publishedAt": "2026-09-27",
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    "पंजाब नशा",
    "मोगा न्यूज",
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