# मोगा में नशे का कहर, 22 साल के युवक की मौत, किडनी फेल होने से गई जान

> पंजाब के मोगा में एक 22 साल के युवक की नशे की लत के कारण मौत हो गई। वह पिछले 10 साल से चिट्टे का सेवन कर रहा था, जिससे उसके गुर्दे खराब हो गए थे।

**Type:** article · **Category:** पंजाब · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/punjab/moga-men-nashe-ka-kahara-22-sala-ke-yuvaka-ki-mauta-kidani-phela-hone-se-gai-jana-39434 · **Language:** Hindi
**Tags:** पंजाब नशा, मोगा न्यूज, चिट्टा नशा, धर्मकोट, ड्रग्स ओवरडोज, नशा मुक्ति केंद्र

पंजाब के मोगा जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां नशे की गिरफ्त में आने के कारण एक 22 वर्षीय युवा की जान चली गई। मृतक पिछले एक दशक से खतरनाक चिट्टे के नशे का आदी था, जिसके दुष्परिणामस्वरूप उसके दोनों गुर्दे पूरी तरह फेल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में नशे के काले कारोबार और उससे बर्बाद हो रहे परिवारों की दर्दनाक तस्वीर को उजागर कर दिया है।

## कर्ज लेकर भेजा था नशा मुक्ति केंद्र
यह घटना मोगा के धर्मकोट उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव जलालाबाद की है। मृतक के माता-पिता मजदूरी करके बमुश्किल अपने परिवार का गुजर-बसर चलाते हैं। बेटे की इस जानलेवा लत से परेशान होकर परिजनों ने अपनी आर्थिक तंगी के बावजूद दूसरों से कर्ज लिया और उसे एक नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया। वह करीब छह महीने तक उसी केंद्र में रहकर इलाज करवाता रहा, जिसके बाद वह वापस अपने घर लौट आया था।

## घर का सामान तक बेच डाला
घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उसे दोबारा से पुराने नशे की तीव्र तलब सताने लगी। जब उसे नशा नहीं मिला तो उसने मानसिक तनाव और बेचैनी में आकर घर का कीमती सामान और यहां तक कि रसोई के बर्तन तक बेच डाले। उसका एक छोटा भाई और दो बहनें भी हैं। दोनों बहनों का विवाह पहले ही हो चुका है, जबकि छोटा भाई भी किसी समय नशे की चपेट में आ गया था, हालांकि वह किसी तरह इस दलदल से बाहर निकलने में सफल रहा।

## अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी हालत
जब उसकी शारीरिक स्थिति लगातार गंभीर होने लगी और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, तो परिवार के सदस्य उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने खुलासा किया कि अत्यधिक नशा करने के कारण उसके गुर्दे काम करना बंद कर चुके हैं। इलाज के दौरान 21 सितंबर को उसकी सांसे थम गईं और उसकी मौत हो गई। इस युवा की अर्थी उठने के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

## पिता ने सरकार से की कड़ी कार्रवाई की मांग
मृतक के पिता सिकंदर सिंह ने इस दुखद घड़ी में प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि उनके पूरे इलाके में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त से सख्त अभियान चलाया जाए। उन्होंने मांग की है कि गांव से इस जहर का पूरी तरह खात्मा किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य माता-पिता को अपनी संतान को इस तरह न खोना पड़े।

## गांव में खुलेआम मिल रहा है चिट्टा
मृतक की मां ने बेहद दर्द भरे शब्दों में बयां किया कि उनके गांव में चीनी की तरह आसानी से चिट्टा उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल उनका बेटा ही नहीं, बल्कि उनके आस-पास के लगभग 10 से 12 अन्य युवा भी इस जानलेवा लत के शिकंजे में फंसे हुए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में किसी भी घर का जवान बेटा सुरक्षित नहीं बचेगा। उन्होंने रोते हुए कहा कि आज एक मां जिस पीड़ा से गुजर रही है, वही दर्द कई अन्य माताओं को भी सहना पड़ रहा है।

## इसका आप पर असर
पंजाब में नशे के कारण हो रही मौतों से परिवारों पर गहरा आर्थिक और मानसिक संकट आ रहा है।

- **भारत में:** देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती पहुंच परिवारों को कर्ज के दलदल में धकेल रही है। नशा मुक्ति केंद्रों का भारी खर्च और उच्च विफलता दर आम आदमी की कमर तोड़ रही है।
- **मोगा में:** धर्मकोट और आसपास के इलाकों में स्थानीय परिवारों को अपने युवाओं को बचाने के लिए कड़े प्रशासनिक कदमों और ड्रग तस्करों पर पुलिस कार्रवाई की सख्त जरूरत है।
- **आर्थिक बोझ:** इलाज और रिहैब के लिए लिया गया कर्ज गरीब परिवारों को पीढ़ियों तक गरीबी में रहने के लिए मजबूर कर देता है।
- **स्वास्थ्य जोखिम:** लंबे समय तक नशा करने से किडनी और लिवर फेल होने जैसी घातक बीमारियां युवाओं की जान ले रही हैं।
- **घरेलू सुरक्षा:** नशे की लत के कारण घरों में होने वाली हिंसा और सामान की तोड़फोड़ से पारिवारिक माहौल पूरी तरह तबाह हो जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
युवाओं में बढ़ती नशे की लत और उसके कारण होने वाली मौतों के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण छिपे हुए हैं।

- **आसान उपलब्धता:** गांवों में सिंथेटिक और रासायनिक नशीले पदार्थों की खुलेआम और आसानी से हो रही होम डिलीवरी ने युवाओं को इसकी गिरफ्त में लेना आसान कर दिया है।
- **बेरोजगारी और निराशा:** ग्रामीण इलाकों में रोजगार के सीमित अवसरों और सामाजिक निराशा के कारण युवा अक्सर मानसिक तनाव से बचने के लिए नशे की शरण लेते हैं।
- **कमजोर निगरानी:** स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की ओर से ड्रग माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई न होने के कारण अवैध व्यापार बेखौफ फल-फूल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. मृतक की उम्र कितनी थी?
मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष थी।

### 2. यह घटना किस जगह की है?
यह घटना पंजाब के मोगा जिले के धर्मकोट उपमंडल के गांव जलालाबाद की है।

### 3. युवक कितने समय से नशा कर रहा था?
वह पिछले 10 साल से चिट्टे के नशे का आदी था।

### 4. युवक की मौत का मुख्य कारण क्या था?
अत्यधिक नशा करने के कारण उसके दोनों गुर्दे (किडनी) फेल हो गए थे।

### 5. परिवार ने उसे ठीक कराने के लिए क्या किया था?
परिजनों ने कर्ज लेकर उसे 6 महीने के लिए एक नशा मुक्ति केंद्र में भेजा था।

### 6. उसकी मौत कब हुई?
उसकी मौत 21 सितंबर को हुई।

### 7. मृतक के पिता का क्या नाम है?
मृतक के पिता का नाम सिकंदर सिंह है।

### 8. परिवार के अनुसार गांव में नशे की क्या स्थिति है?
परिवार का कहना है कि गांव में चिट्टा चीनी की तरह आसानी से मिल रहा है और कई अन्य युवा भी इसकी चपेट में हैं।

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