पाकिस्तानी आतंकी संगठन के नाम से BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू को मिली जान से मारने की धमकी, सुरक्षा पर उठे सवाल पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह धमकी उनके काफिले पर हुए कथित हमले के ठीक बाद आई है। BJP नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। यह धमकी भरा कॉल ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पंजाब में उनके सुरक्षा काफिले पर हमला होने का मामला सामने आया था। इस दोहरे सुरक्षा संकट ने पूर्व मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। लश्कर-ए-झांगवी के नाम से आया धमकी भरा फोन इस गंभीर सुरक्षा मामले में सामने आए इनपुट के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू को यह धमकी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-झांगवी के नेता मलिक इशहाक के नाम से दी गई है। फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने सीधे तौर पर उन्हें निशाना बनाने की बात कही। धमकी देने वाले ने बेहद डरावने लहजे में कहा, "1 किलो का डब्बा तुम्हारे लिए तैयार रखा हुआ है। जब भी वह उनके 'जाड़ के नीचे' आग गए, उस समय काम काम कर देंगे, जिसमें कई लोग मारेंगे।" इस खतरनाक संदेश के बाद सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया है ताकि संभावित खतरों को टाला जा सके। बटाला में सुरक्षा काफिले पर पथराव का आरोप इस धमकी भरे कॉल से ठीक पहले, रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर पंजाब के बटाला के नजदीक हमला होने की घटना सामने आई थी। बिट्टू ने दावा किया कि जब वह पठानकोट में आयोजित एक मादक पदार्थ विरोधी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी AAP के लगभग 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने उनके वाहनों पर पथराव किया और अंडे फेंके। यह हिंसक घटना उस समय हुई जब बटाला के पास काफिले की गति धीमी हुई थी। इस हमले में सुरक्षा दल की दो गाड़ियों के शीशे टूट गए और काफिले में चल रहे जैमर वाहन को भी काफी नुकसान पहुंचा। राज्य प्रशासन पर आरोप और MHA को सूचना इस पूरे घटनाक्रम के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के वक्त पुलिस मूकदर्शक बनी रही और कोई सुरक्षात्मक कार्रवाई नहीं की। बिट्टू ने साफ शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में उन्हें या उनके साथ मौजूद किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान होता है, तो इसके जिम्मेदार सीधे तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के DGP होंगे। घटना के तुरंत बाद बिट्टू की सुरक्षा टीम ने तीन संदिग्धों को पकड़ा था, हालांकि स्थानीय पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। इस पूरी घटना की जानकारी MHA को भी भेज दी गई है। गौरतलब है कि बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और वह पठानकोट में BJP नेता नितिन नवीन की अगुवाई वाली नशा विरोधी यात्रा में शिरकत करने जा रहे थे। इसका आप पर असर पंजाब में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ बढ़ती सुरक्षा धमकियां सार्वजनिक हस्तियों और आम नागरिकों दोनों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ाती हैं। • देशभर में सुरक्षा: पूरे देश में हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हस्तियों के लिए सुरक्षा नियमों को काफी कड़ा किया जा सकता है। इसके कारण विभिन्न राज्यों में राजनीतिक रैलियों के दौरान पुलिस की तैनाती बढ़ेगी और यातायात में बदलाव देखने को मिल सकता है। • पंजाब में असर: राज्य में स्थानीय राजनीतिक अभियानों और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन के दौरान कड़े सुरक्षा घेरे तैनात किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाले आम लोगों को कड़ी जांच और संभावित सुरक्षा नियमों का सामना करना पड़ सकता है। • सार्वजनिक व्यवस्था: पुलिस विभाग संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा सकता है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा। इस कदम से स्थानीय क्षेत्रों में किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने में मदद मिलेगी। • नागरिक सुरक्षा: आम लोगों को स्थानीय सुरक्षा अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए और राजनीतिक विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। ऐसे समय में सतर्क रहने से किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ हालिया खतरे और हमले उनकी राजनीतिक गतिविधियों और उनके परिवार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं। • आतंकी संगठनों की सक्रियता: पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी के नाम से मिली धमकी सीमा पार से पंजाब में अशांति फैलाने के प्रयासों को दर्शाती है। बिट्टू के दादा और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों के कारण उनका परिवार हमेशा चरमपंथियों के निशाने पर रहा है। • राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता: बटाला में हुआ हमला राज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है। BJP द्वारा आयोजित मादक पदार्थ विरोधी यात्रा में बिट्टू की भागीदारी को लेकर राजनीतिक विरोधियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई। • सुरक्षा में खामियां: काफिले पर हमले के दौरान स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी ढिलाई की ओर इशारा करती है। उचित सुरक्षा प्रबंधों की कमी के कारण प्रदर्शनकारियों को वाहनों को नुकसान पहुंचाने का मौका मिल गया। सवाल-जवाब 1. रवनीत सिंह बिट्टू को किसने और कैसे धमकी दी? उन्हें एक फोन कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है, जो पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी के नेता मलिक इशहाक के नाम से किया गया था। 2. धमकी देने वाले ने फोन पर क्या कहा? फोन करने वाले ने कहा कि बिट्टू के लिए '1 किलो का डब्बा' तैयार रखा है और जैसे ही वह उनके जाल में फंसेंगे, उन्हें निशाना बनाया जाएगा जिससे कई लोग मारे जाएंगे। 3. पंजाब में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर क्या आरोप हैं? आरोप है कि जब वह पठानकोट में मादक पदार्थ विरोधी यात्रा में शामिल होने जा रहे थे, तब बटाला के पास 100 से अधिक AAP कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर पथराव और अंडे फेंके। 4. काफिले पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ? इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा काफिले के दो वाहनों के शीशे टूट गए और एक जैमर गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। 5. बिट्टू ने अपनी सुरक्षा को लेकर किन्हें जिम्मेदार ठहराया है? बिट्टू ने कहा है कि यदि उन्हें या उनके सहयोगियों को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के DGP जिम्मेदार होंगे। https://trendkia.com/punjab/pakistani-atnki-sngathana-ke-nama-se-bjp-neta-ravneet-singh-bittu-ko-mili-jana-se-marane-ki-dhamaki-suraksha-para-uthe-savala-39389 TrendKia — Har trend, sabse pehle.