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  "title": "पंजाब कांग्रेस की कमान संभालते ही परगट सिंह का तीखा हमला, आम आदमी पार्टी सरकार पर लगाया खजाना लूटने का आरोप",
  "summary": "पंजाब प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में मत्था टेकने के बाद सत्तारूढ़ दल पर कड़ा प्रहार किया और पार्टी में गुटबाजी की बातों को सिरे से खारिज किया।",
  "content": "पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने नई जिम्मेदारी संभालने के बाद 3 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में शीश नवाया। धार्मिक स्थल पर पहुंचकर उन्होंने अरदास की और राज्य की खुशहाली के साथ-साथ अपनी नई सांगठनिक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस संदर्भ में साझा किए गए एक संदेश में उन्होंने गुरु साहिब के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए लिखा कि नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला। उन्होंने प्रार्थना की कि गुरु कृपा से वे ईमानदारी, विनम्रता और सेवा भाव के साथ पंजाब की जनता और संगठन का काम आगे बढ़ा सकें।\n\nराज्य सरकार पर तीखा प्रहार और लूटपाट का आरोप\nधार्मिक स्थल के दर्शनोपरांत संवाददाताओं से बातचीत करते हुए परगट सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं और पीरों के आशीर्वाद से फला-फूला राज्य है, जहाँ के बाशिंदों ने कभी भी घृणा और नफरत फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं किया है। देश भर के अलग-अलग हिस्सों में फैलाई जा रही विभाजनकारी राजनीति को पंजाब कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा बाहरी हमलावरों और लुटेरों का डटकर मुकाबला किया है।\n\nसत्तारूढ़ प्रशासन की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रदेश में मनमाने तरीके से शासन चलाया जा रहा है। परगट सिंह के मुताबिक, मौजूदा दौर में पंजाब के खजाने का भारी दुरुपयोग किया जा रहा है और लोगों के घरों व निजी संपत्तियों पर नाजायज कब्जे करवाए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य को बर्बादी और लूट से बचाने के लिए पंजाब के सभी नागरिकों को एकजुट होकर आगे आना होगा।\n\nसंगठन में आंतरिक कलह से साफ इनकार\nपार्टी की पंजाब इकाई के भीतर गुटबाजी और मतभेदों को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि संगठन में किसी भी स्तर पर कोई खेमेबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक आचरण हमेशा एक टीम भावना से खेलने वाले खिलाड़ी जैसा रहा है। वे सभी वरिष्ठ सहयोगियों का गहरा सम्मान करते हैं और राज्य के राजनीतिक मामलों या सांगठनिक फैसलों में सबकी सर्वसम्मति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।\n\nपरगट सिंह ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन को मजबूत करने और राज्य की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, के. सी. वेणुगोपाल और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद किया।\n\nचुनावी मुकाबला और मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर स्थिति\nआगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों का खाका खींचते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस की टीम पूरी तरह मजबूत और एकजुट है। विरोधियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में अन्य पार्टियां कांग्रेस की संगठित टीम के सामने 15 से 20 मिनट भी नहीं टिक पाएंगी। उन्होंने कहा कि संगठन के पास चुनावी जमीन तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मौजूद है।\n\nजब उनसे यह पूछा गया कि आगामी चुनावों में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर किसी विवाद या संशय की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा, उन्हें आगे की कतार में बैठाया जाएगा और हर निर्णय सामूहिक सहमति से लिया जाएगा।\n\nअमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के कार्यकाल की सराहना\nपूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की भूमिका की सराहना करते हुए परगट सिंह ने कहा कि उन्होंने लगभग चार से पांच साल तक पार्टी संगठन के लिए बेहद परिश्रम और लगन के साथ कार्य किया। उन्होंने रेखांकित किया कि राजनीतिक दल में दायित्वों का फेरबदल एक सामान्य और निरंतर चलने वाली सांगठनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पहले वे स्वयं सचिव या महासचिव के रूप में कार्यरत थे और अब एक नई भूमिका में हैं।\n\nउन्होंने जोर देकर कहा कि राजा वड़िंग कांग्रेस टीम के एक अत्यंत मूल्यवान अंग हैं और दोनों नेताओं के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद का कोई निशान तक नहीं है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच आपसी आदर का भाव है और वर्तमान में पूरी कांग्रेस का एकमात्र ध्यान सिर्फ और सिर्फ पंजाब के हितों पर केंद्रित है।\n\nइसका आप पर असर\nपंजाब कांग्रेस में नए नेतृत्व की नियुक्ति से राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी की सांगठनिक दिशा और आगामी चुनावी रणनीतियों पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस आलाकमान द्वारा राज्य इकाइयों में किए जा रहे बदलाव विपक्षी समन्वय और भविष्य के चुनावों के लिए सांगठनिक ढांचे को धार दे रहे हैं। यह बदलाव दिखाता है कि केंद्रीय नेतृत्व प्रांतीय स्तर पर सामूहिक समन्वय वाले नेताओं को कमान सौंप रहा है।\n• पंजाब में: राज्य के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को अब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के खिलाफ एक अधिक आक्रामक विपक्षी अभियान देखने को मिलेगा। खजाने की लूट और अवैध कब्जों जैसे गंभीर मुद्दों पर विपक्षी तेवर कड़े होने से स्थानीय शासन और प्रशासनिक जवाबदेही पर दबाव बढ़ेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nपंजाब कांग्रेस के शीर्ष पद पर यह बदलाव पार्टी संगठन को नई ऊर्जा देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर किया गया है।\n\n• सांगठनिक पुनर्गठन: पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा लगभग चार से पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद नेतृत्व में फेरबदल एक नियमित सांगठनिक प्रक्रिया के तहत किया गया। पार्टी आलाकमान ने नई रणनीतियों को गति देने के लिए परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंपी।\n• सत्तारूढ़ दल का विरोध: राज्य में विपक्षी दल के तौर पर कांग्रेस जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और शासन की कथित खामियों पर हमलावर है। सरकारी खजाने के दुरुपयोग और संपत्तियों पर अवैध कब्जे के आरोपों को उठाकर पार्टी सत्ता पक्ष को सीधे घेरने की कोशिश कर रही है।\n• आंतरिक समन्वय की कोशिश: पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी की अटकलों को शांत करने के लिए एक ऐसे नेता को आगे लाया गया जो टीम भावना और सर्वसम्मति पर जोर देता हो। सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना इस बदलाव का एक अहम कारक रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. परगat सिंह ने पदभार संभालने के बाद किस धार्मिक स्थल पर मत्था टेका?\nउन्होंने 3 अक्टूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में शीश नवाया और राज्य की खुशहाली के लिए अरदास की।\n\n2. परगट सिंह ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर क्या आरोप लगाए?\nउन्होंने सत्तारूढ़ सरकार पर मनमानी करने, सरकारी खजाने का दुरुपयोग करने और संपत्तियों पर अवैध कब्जे करवाने के गंभीर आरोप लगाए।\n\n3. क्या पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी मौजूद है?\nपरगट सिंह ने गुटबाजी की बात को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पार्टी एकजुट है और सभी फैसले वरिष्ठ नेताओं की सर्वसम्मति से होंगे।\n\n4. पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बारे में नए अध्यक्ष ने क्या कहा?\nउन्होंने राजा वड़िंग के चार से पांच साल के कार्यकाल की मेहनत की सराहना की और उन्हें टीम का एक अत्यंत मूल्यवान सदस्य बताया।\n\n5. आगामी चुनावों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर क्या स्थिति है?\nपरगट सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कोई विवाद नहीं है और सभी वरिष्ठ नेताओं को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा।",
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  "category": "पंजाब",
  "publishedAt": "2026-10-03",
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