पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, राजा वडिंग ने दिया इस्तीफा और विजय इंदर सिंगला रेस में आगे पंजाब कांग्रेस में आंतरिक खींचतान के बीच अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ दिया है, जबकि नए नेतृत्व की दौड़ में विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। पंजाब में कांग्रेस संगठन के भीतर लंबे समय से जारी अंदरूनी कलह ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राज्य स्तर पर बड़ा फेरबदल करने का मन बना लिया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सचिन पायलट की सिफारिश के आधार पर यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से पद छोड़ने का आग्रह किया गया, जिसके बाद उन्होंने अपना त्यागपत्र हाईकमान को प्रेषित कर दिया है। इस्तीफा भेजने के तुरंत बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। नेतृत्व परिवर्तन के बीच दिल्ली पहुंचे राजा वडिंग राजधानी रवाना होने के दौरान राजा वडिंग ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में केवल इतना स्पष्ट किया कि वह कुछ विषयों पर विचार-विमर्श करने आलाकमान के पास जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शीर्ष स्तर पर बातचीत पूरी होने के बाद ही अंतिम फैसले की जानकारी साझा की जाएगी। हालांकि, उनके रुख में आए बदलाव की पुष्टि उनके सोशल मीडिया गतिविधि से भी साफ झलक रही है। उन्होंने अपने X अकाउंट के परिचय में बदलाव करते हुए स्वयं को पीपीसीसी अध्यक्ष के स्थान पर पूर्व पीपीसीसी अध्यक्ष दर्ज कर दिया है। इस बदलाव ने संगठन में पदमुक्ति को लेकर उठ रही चर्चाओं को पूरी तरह पुष्ट कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पद की होड़ में कई दिग्गज, सिंगला सबसे आगे राज्य इकाई का कोई भी वरिष्ठ पदाधिकारी फिलहाल इस घटनाक्रम पर औपचारिक बयान देने को तैयार नहीं दिख रहा, परंतु पार्टी के गलियारों में हलचल काफी तेज हो चुकी है। पंजाब कांग्रेस की नई कमान संभालने के लिए कई वरिष्ठ चेहरे कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। इस दौड़ में चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह और राणा के.पी सिंह का नाम चर्चा में है। इन तमाम नामों के बावजूद विजय इंदर सिंगला को अध्यक्ष पद की रेस में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वर्तमान में सिंगला पंजाब कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे हैं। चन्नी के दबाव की रणनीति और आलाकमान का संतुलन राज्य संगठन में गुटीय समीकरणों की बात करें तो चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वडिंग के खेमों में पिछले कुछ समय से खींचतान काफी बढ़ गई थी। चन्नी लगातार वडिंग को हटाकर कमान अपने हाथ में सौंपे जाने की मांग उठा रहे थे। शीर्ष नेतृत्व ने वडिंग की विदाई तय करके चन्नी की आधी बात तो स्वीकार कर ली है, परंतु चन्नी को ही प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाएगा, इसकी संभावना बेहद क्षीण आंकी जा रही है। पद आवंटन के सवाल पर चन्नी ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन में जिम्मेदारियां तय करना नेतृत्व का विशेषाधिकार है और वह इस प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। विजय इंदर सिंगला का रुख और आगे की राह अध्यक्ष पद की दौड़ में अग्रणी बताए जा रहे विजय इंदर सिंगला भी इस मोड़ पर सतर्कता बरत रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्हें वडिंग के त्यागपत्र की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और हाल ही में हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में भी ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठा था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि यदि हाईकमान उन्हें नई भूमिका सौंपता है, तो वह संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाली शीर्ष नेतृत्व की बैठकों पर टिकी हैं, जहां पंजाब के नए संगठनात्मक ढांचे पर अंतिम मुहर लगेगी। इसका आप पर असर पंजाब कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे में अचानक हुए इस बदलाव से राज्य की मुख्य विपक्षी राजनीति और स्थानीय मतदाताओं के सरोकारों पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के आंतरिक संतुलन और राज्य इकाइयों में गुटबाजी रोकने के नेतृत्व के फार्मूले की परीक्षा होगी। पार्टी के अन्य राज्यों के नेताओं को भी यह संदेश मिलेगा कि अंतर्कलह को आलाकमान अब लंबे समय तक अनदेखा नहीं करेगा। • पंजाब में: राज्य में विपक्षी संगठन की कमान नए चेहरे के हाथ में जाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं की दिशा और प्रशासनिक मुद्दों पर आक्रामकता बदल जाएगी। जमीनी स्तर पर मतदाताओं को राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी से जुड़े मुद्दों और नए समीकरणों को दोबारा समझना होगा। • गुटीय कार्यकर्ताओं के लिए: चन्नी और वडिंग गुटों के समर्थकों के बीच राजनीतिक संतुलन नए सिरे से तय होगा। जिलों में संगठनात्मक नियुक्तियों और जिम्मेदारियों के लिए स्थानीय पदाधिकारियों को नए प्रदेश अध्यक्ष के रुख का इंतजार करना पड़ेगा। • राजनीतिक स्थिरता पर: विपक्ष की कार्यशैली तय होने से पंजाब विधानसभा और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति नए नेतृत्व की प्राथमिकताओं के आधार पर चलेगी। राज्य की जनता के सामने विपक्ष का नया चेहरा आने वाले दिनों में नीतिगत चर्चाओं का केंद्र बनेगा। ऐसा क्यों हुआ पंजाब कांग्रेस में यह बड़ा कदम पार्टी के भीतर दो शक्तिशाली गुटों के बीच लगातार तेज होते टकराव और सचिन पायलट की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है। • गुटीय टकराव का चरम: चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच नेतृत्व और वर्चस्व को लेकर खींचतान असहज स्तर तक पहुंच चुकी थी। दोनों धड़ों के आपसी विवाद के चलते राज्य इकाई के भीतर एक राय कायम करना नामुमकिन होता जा रहा था। • सचिन पायलट की रिपोर्ट: केंद्रीय नेतृत्व द्वारा हालात का जायजा लेने के बाद सचिन पायलट ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक सिफारिश की थी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसी समीक्षा को आधार बनाकर वडिंग को पद छोड़ने के निर्देश दिए। • संतुलन साधने की कोशिश: चन्नी के भारी दबाव के बाद वडिंग को हटाया गया, लेकिन चन्नी को स्वयं कमान न देकर विजय इंदर सिंगला जैसे गैर-विवादित चेहरे को आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है। नेतृत्व की प्राथमिकता किसी एक खेमे को पूरी तरह हावी होने देने के बजाय संगठन को एकजुट रखना है। सवाल-जवाब 1. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से किसने इस्तीफा दिया है? अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा भेज दिया है। 2. राजा वडिंग के इस्तीफे का संकेत सबसे पहले कैसे मिला? राजा वडिंग ने अपने X हैंडल के बायो में बदलाव कर अध्यक्ष के स्थान पर पूर्व पीपीसीसी अध्यक्ष लिख दिया। 3. पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में कौन सबसे आगे चल रहा है? विजय इंदर सिंगला इस समय पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। 4. अध्यक्ष पद की दौड़ में अन्य कौन-कौन से नेता शामिल हैं? इस रेस में चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह और राणा के.पी सिंह के नाम शामिल हैं। 5. नेतृत्व परिवर्तन का यह फैसला किन नेताओं की सिफारिश पर हुआ? राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सचिन पायलट की सिफारिश के आधार पर पंजाब में नेतृत्व बदलने का निर्णय लिया। 6. वर्तमान में विजय इंदर सिंगला संगठन में कौन सा पद संभाल रहे हैं? सिंगला फिलहाल पंजाब कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। https://trendkia.com/punjab/punjab-congress-men-bare-badalava-ki-taiyari-amarinder-singh-raja-warring-ne-diya-istipha-aura-vijay-inder-singla-resa-men-age-41455 TrendKia — Har trend, sabse pehle.