परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब सीबीआई के सुपुर्द, मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा फैसला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का एलान किया है। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तहत पंजाब सरकार ने एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या के मामले की पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस संबंध में औपचारिक घोषणा करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। गौरतलब है कि मृतक परविंदर सिंह झोटा के परिजन लगातार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से करवाने की पुरजोर मांग कर रहे थे, जिसे आखिरकार राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया के जरिए बड़ा एलान इस अहम फैसले की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि नशे के खिलाफ लगातार कड़ा संघर्ष कर रहे परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके पूरे परिवार के साथ सरकार हर परिस्थिति में पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। परिवार की मांग को पूरी तरह से स्वीकार करते हुए इस मामले को सीबीआई के सुपुर्द किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ड्रग्स कारोबारियों के खिलाफ उनकी यह लड़ाई पूरी तरह से निर्णायक है और पंजाब को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के लिए सरकार को जो भी सख्त से जो भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे, वे उससे पीछे नहीं हटेंगे। राजनीतिक घमासान और विपक्षी नेताओं के तीखे हमले राज्य सरकार के इस फैसले के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने पंजाब सरकार द्वारा इस केस की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के कदम को महज एक सियासी नाटक करार दिया है। उन्होंने एक्स पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि यदि सरकार ने पहले ही पंजाब का दर्द समझा होता, तो आज हर तरफ हालात ऐसे न होते। उन्होंने जनभावनाओं और भारी विरोध के आगे सरकार के झुकने का दावा करते हुए अपनी तीखी आलोचना दर्ज कराई। मानसा में हुई थी दिनदहाड़े सनसनीखेज हत्या उल्लेखनीय है कि केमिस्ट की दुकानों पर प्रतिबंधित और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुखर होकर विरोध करने वाले परविंदर सिंह झोटा की गत 13 अक्टूबर को मानसा शहर के एक बेहद व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। एक मेडिकल स्टोर के भीतर इस वारदात को अंजाम दिया गया जब उन्होंने वहां एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीला पदार्थ बेचे जाने को लेकर सवाल उठाया था। इस मामले में मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया जा चुका है, जो इस गंभीर अपराध का मुख्य अभियुक्त है। इसका आप पर असर परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने से राज्य में कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियानों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक मोड़ आया है। • भारत में: यह मामला देश भर में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर एक राष्ट्रीय बहस को और तेज करता है। इस तरह के संवेदनशील मामलों की केंद्रीय जांच से न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है। • पंजाब में: राज्य के आम नागरिकों और विशेषकर नशा विरोधी मुहिम से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच निष्पक्ष जांच को लेकर विश्वास मजबूत होगा। इससे स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर लगाम कसने के प्रयासों को भी नई दिशा मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के पीछे पीड़ित परिवार की लगातार मांग और राजनीतिक व सामाजिक दबाव एक मुख्य वजह रहे हैं। • परिवार की मांग: मृतक परविंदर सिंह झोटा के परिजनों की ओर से लगातार यह पुरजोर मांग की जा रही थी कि स्थानीय पुलिस जांच के बजाय मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराई जाए। • सार्वजनिक विरोध: दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय नागरिकों द्वारा राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। • नशा विरोधी अभियान: मृतक द्वारा केमिस्ट की दुकानों पर अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील बन गया था, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर तुरंत सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की गई। सवाल-जवाब 1. परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब किसे सौंप दी गई है? इस पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है। 2. इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान किसने किया है? पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की आधिकारिक घोषणा की है। 3. परविंदर सिंह झोटा की हत्या कब और कहां हुई थी? उनकी हत्या 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित एक मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े की गई थी। 4. इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है और वह कहां से पकड़ा गया? मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है जिसे राजस्थान के सालासर से हिरासत में ले लिया गया है। 5. परविंदर सिंह झोटा मुख्य रूप से किस लिए जाने जाते थे? वे केमिस्ट की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। https://trendkia.com/punjab/punjab-govt-hands-over-parvinder-singh-jhota-murder-case-to-cbi-cm-mann-makes-the-announcement-49686 TrendKia — Har trend, sabse pehle.