पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, केएपी सिन्हा के साथ बैठक में डीए पर बनी बात पंजाब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की बैठक में महंगाई भत्ते पर सहमति बन गई है। इसके बाद कर्मचारियों ने 11 सितंबर तक प्रस्तावित सामूहिक छुट्टी और हड़ताल का फैसला वापस ले लिया। पंजाब में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच बना गतिरोध समाप्त हो गया है। चंडीगढ़ में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ हुई एक अहम प्रशासनिक बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल खत्म करने और काम पर वापस लौटने का आधिकारिक फैसला किया है। प्रशासनिक वार्ता और नोटिस वापसी पर सहमति कर्मचारी प्रतिनिधियों और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के बीच हुई इस सकारात्मक वार्ता में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान सरकार ने 27 अगस्त को आंदोलनकारी कर्मचारियों को जारी किए गए 'शो कॉज नोटिस' को वापस लेने का स्पष्ट आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के लंबित प्रशासनिक मुद्दों को हल करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। सामूहिक छुट्टी और हड़ताल का फैसला वापस कर्मचारी यूनियनों ने अपनी मांगों के समर्थन में सबसे पहले 8 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन को तेज करते हुए सामूहिक छुट्टी लेकर 11 सितंबर तक काम पूरी तरह ठप रखने का फैसला किया था। हालांकि, मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में बनी सहमति के बाद प्रस्तावित आंदोलन को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। महंगाई भत्ते में वृद्धि और अदालती सुनवाई उल्लेखनीय है कि सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 42 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का ऐलान किया था। इस बढ़ोतरी से राज्य के लगभग 85 हजार कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान डीए दर का लाभ मिलना तय हुआ। इस दौरान डीए बकाए से जुड़ा मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में भी विचाराधीन रहा, जहां अदालत ने बकाए के भुगतान को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। प्रशासनिक वार्ता में सहमति बनने से हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। इसका आप पर असर पंजाब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच सहमति बनने से राज्य भर में नागरिक सेवाएं सामान्य हो गई हैं। • सरकारी कार्यालयों में कामकाज: राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में कामकाज बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा और 11 सितंबर तक संभावित कार्य ठप होने का खतरा टल गया है। आम नागरिक प्रशासनिक सेवाएं सामान्य समय पर प्राप्त कर सकेंगे। • 85 हजार कर्मचारियों को वित्तीय लाभ: डीए 42 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी होने से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मासिक वेतन में सीधी बढ़ोतरी होगी। इससे कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भत्ता नियमित रूप से मिलना सुनिश्चित होगा। • कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा: 27 अगस्त को जारी किए गए 'शो कॉज नोटिस' वापस होने से कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का जोखिम खत्म हो गया है। • सार्वजनिक सेवाओं की निरंतरता: चंडीगढ़ और पूरे पंजाब में भूमि पंजीकरण, प्रमाणपत्र जारी करने और राजस्व संबंधी कार्य सुचारू रूप से संचालित होंगे। ऐसा क्यों हुआ पंजाब में सरकारी कर्मचारियों का विरोध महंगाई भत्ते में संशोधन और अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर उपजा था। • केन्द्रीय डीए दर की मांग: कर्मचारी यूनियनें राज्य में महंगाई भत्ता 42 फीसदी से बढ़ाकर केंद्र के समान 60 फीसदी करने की मांग कर रही थीं, जिसे सरकार ने स्वीकार किया। • कारण बताओ नोटिस से बढ़ा असंतोष: हड़ताल पर गए कर्मचारियों को 27 अगस्त को 'शो कॉज नोटिस' जारी किए जाने के बाद तनाव बढ़ गया था, जिससे कर्मचारियों ने 11 सितंबर तक हड़ताल बढ़ाने की चेतावनी दी। • मुख्य सचिव की मध्यस्थता: मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ चंडीगढ़ में हुई बैठक में नोटिस वापस लेने और मुख्यमंत्री से बैठक का आश्वासन मिलने से सहमति का रास्ता साफ हुआ। • अदालती दबाव: डीए बकाया राशि के भुगतान पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जारी सुनवाई ने भी प्रशासनिक स्तर पर मामले को शीघ्र सुलझाने में भूमिका निभाई। सवाल-जवाब 1. पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल क्यों वापस ली? मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ हुई बैठक में 'शो कॉज नोटिस' वापस लेने और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। 2. पंजाब सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता कितना बढ़ाया है? पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। 3. सरकारी कर्मचारियों को जारी नोटिस पर क्या फैसला हुआ है? सरकार ने 27 अगस्त को कर्मचारियों को जारी किए गए 'शो कॉज नोटिस' को वापस लेने का भरोसा दिया है। 4. कर्मचारी यूनियनों की अगली बैठक किसके साथ होगी? लंबित प्रशासनिक मुद्दों की समीक्षा के लिए जल्द ही कर्मचारी नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ एक विशेष बैठक होगी। 5. कर्मचारियों की हड़ताल की प्रारंभिक योजना क्या थी? कर्मचारियों ने पहले 8 सितंबर को हड़ताल और मांगें न मानने की स्थिति में 11 सितंबर तक सामूहिक छुट्टी पर जाने की घोषणा की थी। https://trendkia.com/punjab/punjab-men-sarakari-karmachariyon-ne-vapasa-li-haratala-kap-sinha-ke-satha-baithaka-men-die-para-bani-bata-30163 TrendKia — Har trend, sabse pehle.