12वीं में मिले थे सिर्फ तीन नंबर, सिरोही के बृजेश परमार ने ऐसे तय किया डीएसपी तक का सफर कभी 12वीं की परीक्षा में दो विषयों में सिर्फ तीन-तीन नंबर पाने वाले बृजेश परमार ने आरएएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पुलिस उपाधीक्षक का पद प्राप्त किया है। कठिन परिस्थितियों और शुरुआती असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए सिरोही के बृजेश परमार ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा में बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में जारी किए गए आरएएस-2024 के परिणामों में उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक यानी डीएसपी का पद हासिल कर अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ा है। उनका यह सफर इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि शुरुआती नाकामी किसी के भविष्य की अंतिम सीमा तय नहीं करती है। बृजेश की शैक्षणिक यात्रा शुरू से ही काफी संघर्षपूर्ण रही और उन्हें कई मोर्चों पर भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कठिन विषयों का चुनाव और पहली बड़ी असफलता स्कूल के दिनों में जब बृजेश ने 11वीं कक्षा में प्रवेश लिया, तो अपने साथियों को देखकर उन्होंने भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित यानी पीसीएम जैसे कठिन विषयों का चयन कर लिया। हालांकि, इन विषयों की जटिलता को समझना उनके लिए आसान नहीं रहा और वे लगातार संघर्ष करते रहे। इसका सीधा असर उनकी 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणामों पर पड़ा, जहां भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में उन्हें 56 में से केवल 3-3 अंक ही मिले। इसके अलावा, गणित विषय में उन्हें 80 में से महज 4 अंक प्राप्त हुए, जिसके कारण वे परीक्षा में असफल हो गए। इसके बाद जब उन्होंने कॉलेज में कदम रखा, तो बीए के प्रथम वर्ष में भी उन्हें नाकामी का सामना करना पड़ा। नृत्य की दुनिया में कदम और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव शिक्षा के क्षेत्र में लगातार मिल रहे झटकों के बाद बृजेश ने अपने बचपन के शौक यानी नृत्य को ही अपनी आजीविका बनाने का निर्णय लिया। इस उद्देश्य के साथ उन्होंने दिल्ली की मशहूर डांस अकादमी ‘द डांसवॉक्स’ का रुख किया और वहां से एक पेशेवर कोर्स पूरा किया। इस दौरान उन्होंने बैले, कंटेम्पररी और जैज जैसी उन्नत नृत्य शैलियों में महारत हासिल की और अमेरिका, जर्मनी, इटली तथा मैक्सिको के जाने-माने कोरियोग्राफरों के साथ मिलकर काम किया। इसके बाद वे नवधारा इंडिया डांस थिएटर से जुड़े और प्रसिद्ध डांसर शक्ति मोहन की टीम का भी प्रमुख हिस्सा बने। प्रशासनिक सेवाओं की ओर वापसी और आरएएस में सफलता नृत्य के क्षेत्र में लंबा अनुभव और कलात्मक सफर तय करने के बाद बृजेश ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक जड़ों की ओर लौटने का पक्का इरादा किया। कोविड महामारी के बाद के दौर में उन्होंने अपनी पढ़ाई को नए सिरे से शुरू किया और पूरा ध्यान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर केंद्रित कर दिया। अपने पुराने संघर्षों और असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए दिन-रात एक कर दिए। उनकी इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम यह रहा कि उन्होंने आरएएस-2023 की परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर ली और सहकारिता विभाग में अधिकारी के पद पर चयनित हुए। सहकारिता विभाग से सीधे पुलिस उपाधीक्षक तक का सफर सहकारिता विभाग में अधिकारी बनने के बाद भी बृजेश की महत्वकांक्षा यहीं नहीं रुकी और उन्होंने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अपनी तैयारी जारी रखी। आरएएस-2024 की परीक्षा में उन्होंने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की और इस बार उन्हें पुलिस उपाधीक्षक यानी डीएसपी के पद पर नियुक्ति मिली है। उनके इस पूरे सफर ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे, तो रास्ते में आने वाली कोई भी बाधा उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती है। गोयली गांव से निकलकर युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत सिरोही जिले के एक छोटे से गांव गोयली के रहने वाले बृजेश परमार की यह कहानी उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो परीक्षाओं में कम अंक आने या असफल हो जाने के बाद नाउम्मीद हो जाते हैं। उनकी इस कहानी से प्रेरणा लेकर आज क्षेत्र के कई अन्य युवा भी सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। 12वीं कक्षा की मार्कशीट में बेहद कम अंकों और शुरुआती नाकामी से लेकर डीएसपी की कुर्सी तक का उनका यह सफर हर उस शख्स के लिए उम्मीद की किरण है जो जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है। सवाल-जवाब 1. बृजेश परमार मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं? बृजेश परमार राजस्थान के सिरोही जिले के छोटे से गांव गोयली के रहने वाले हैं। 2. आरएएस-2024 के परिणाम में बृजेश परमार को कौन सा पद मिला है? उन्हें आरएएस-2024 परीक्षा में पुलिस उपाधीक्षक यानी डीएसपी का पद मिला है। 3. 12वीं कक्षा में बृजेश को किन विषयों में कितने अंक मिले थे? भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में उन्हें 56 में से 3-3 अंक मिले थे, जबकि गणित में 80 में से केवल 4 अंक मिले थे। 4. बृजेश ने डांस की ट्रेनिंग कहां से ली थी? उन्होंने दिल्ली की प्रतिष्ठित डांस अकादमी 'द डांसवॉक्स' से प्रोफेशनल डांस कोर्स किया था। 5. इससे पहले बृजेश ने कौन सी परीक्षा पास की थी? उन्होंने आरएएस-2023 की परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर सहकारिता विभाग में अधिकारी का पद पाया था। प्रेरणा और सबक बृजेश परमार का जीवन उन सभी युवाओं के लिए एक मजबूत सीख है जो छोटी-मोटी असफलताओं से घबरा जाते हैं। उनकी यह यात्रा बताती है कि जीवन में किसी एक पड़ाव पर नाकामी मिलने का यह मतलब नहीं है कि भविष्य के रास्ते बंद हो गए हैं। • असफलता से सीख: 12वीं और कॉलेज के शुरुआती सालों में फेल होने के बाद भी बृजेश ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी कमियों को पहचानकर आगे की रणनीति बनाई। • पैशन को देना मौका: अकादमिक कठिनाइयों के समय उन्होंने अपने डांस के शौक को पेशेवर स्तर पर तराशा और अंतरराष्ट्रीय कोरियोग्राफरों के साथ काम करके आत्मविश्वास मजबूत किया। • लगातार प्रयास: कोरोना काल के बाद अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू की और पहले प्रयास में सहकारिता विभाग में सफलता पाने के बाद भी अपनी तैयारी बंद नहीं की। • बड़े लक्ष्य की प्राप्ति: हार न मानने की जिद्द और निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने आखिरकार आरएएस-2024 में डीएसपी का प्रतिष्ठित पद हासिल कर दिखाया। https://trendkia.com/rajasthan/12vin-men-mile-the-sirpha-tina-nnbara-sirohi-ke-brijesh-parmar-ne-aise-taya-kiya-dsp-taka-ka-saphara-49795 TrendKia — Har trend, sabse pehle.