# 3 करोड़ के विधायक निधि गबन मामले में बलजीत यादव को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत

> विधायक निधि से जुड़े करीब 3 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में जेल में बंद पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/3-karora-ke-vidhayaka-nidhi-gabana-mamale-men-baljeet-yadav-ko-rajasthan-high-court-se-mili-jamanata-56273 · **Language:** Hindi
**Tags:** बलजीत यादव, राजस्थान हाईकोर्ट, विधायक निधि गबन, जमानत, जयपुर सेंट्रल जेल, राजस्थान राजनीति

राजस्थान के पूर्व विधायक बलजीत यादव को विधायक निधि में करीब 3 करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ द्वारा सुनाया गया। इस न्यायिक आदेश के बाद वे करीब 9 महीने जेल में बिताने के बाद बाहर आ रहे हैं।

## मामला और वित्तीय अनियमितता के आरोप
पूर्व विधायक बलजीत यादव के खिलाफ विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA फंड) से जुड़े लगभग 3 करोड़ रुपये के दुरुपयोग और गबन का मामला दर्ज हुआ था। इसी वित्तीय अनियमितता के आरोपों के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2026 में अदालत द्वारा उनकी गिरफ्तारी को वैध ठहराते हुए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जिसके बाद से वे सलाखों के पीछे थे।

## हाईकोर्ट में चली कानूनी लड़ाई
हिरासत में जाने के बाद बलजीत यादव ने रिहाई के लिए कई बार अदालत का रुख किया। इससे पहले जून 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, उस समय वे करीब 5 महीने से जेल में थे। लगातार प्रयासों और कानूनी दलीलों के बाद अब जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी याचिका मंजूर कर ली और जमानत पर रिहाई का निर्देश दिया।

## हिरासत के दौरान जेल में विवाद
न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान भी पूर्व विधायक चर्चा में रहे थे। सितंबर 2026 में जयपुर सेंट्रल जेल में सघन जांच के दौरान उनके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था, जिसके बाद कारागार प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ था। हालांकि, अब हाईकोर्ट द्वारा मुख्य गबन मामले में जमानत मंजूर किए जाने से उनकी जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

## इसका आप पर असर
सार्वजनिक प्रतिनिधियों द्वारा विकास निधि के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले में अदालती फैसले से जनता के पैसों की निगरानी पर नई चर्चा शुरू हुई है।

- **भारत में:** जन प्रतिनिधियों के विकास कोष के उपयोग को लेकर कानूनी जवाबदेही और जांच प्रक्रियाओं की स्थिति स्पष्ट होती है। इससे पता चलता है कि वित्तीय अनियमितता के मामलों में लंबी न्यायिक हिरासत के बाद ही जमानत के रास्ते खुलते हैं।
- **राजस्थान में:** राज्य के पूर्व जनप्रतिनिधि को लगभग 9 महीने बाद मिली जमानत से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही विधायक निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की निगरानी प्रणाली को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाई जा सकती है।
- **करदाताओं पर असर:** विकास कार्यों के लिए आवंटित सार्वजनिक धन के प्रबंधन और कथित गबन पर कानूनी कार्रवाई का संदेश स्पष्ट होता है। नागरिक यह समझ सकते हैं कि विधायक निधि के खर्चों में अनियमितता गंभीर अदालती मामलों का कारण बनती है।
- **जेल प्रशासन:** न्यायिक हिरासत में वीआईपी बंदियों और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर प्रशासनिक निगरानी सख्त हो सकती है। फोन मिलने जैसी पिछली घटनाओं के बाद जेल व्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली पर नजर रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी घटनाक्रम विधायक निधि के 3 करोड़ रुपये के कथित गबन मामले में चली लंबी अदालती सुनवाई और पूर्व विधायक द्वारा दायर जमानत याचिका के बाद सामने आया है।

- **सीधे आरोप:** पूर्व विधायक पर विधायक क्षेत्र विकास निधि के करीब 3 करोड़ रुपये के गलत इस्तेमाल और गबन का मामला दर्ज हुआ था। इसी वित्तीय गड़बड़ी के चलते उनकी गिरफ्तारी हुई थी और जांच प्रक्रिया शुरू हुई थी।
- **हिरासत की अवधि:** फरवरी 2026 में गिरफ्तारी के बाद वे लगातार हिरासत में थे और जून 2026 में उनकी याचिका खारिज हो चुकी थी। करीब 9 महीने जेल में बिताने और मामले की प्रगति को देखते हुए अदालत ने उनकी नवीनतम जमानत अर्जी स्वीकार की।
- **एकलपीठ का फैसला:** जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने प्रस्तुत कानूनी दलीलों और परिस्थितियों के आधार पर उन्हें जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया।

## सवाल-जवाब

### 1. बलजीत यादव को किस मामले में जमानत मिली है?
उन्हें विधायक निधि (MLA फंड) के करीब 3 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले में जमानत मिली है।

### 2. यह फैसला किस अदालत और किस न्यायाधीश ने सुनाया?
यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने सुनाया।

### 3. बलजीत यादव कितने समय बाद जेल से बाहर आ रहे हैं?
वे करीब 9 महीने तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जेल से बाहर आ रहे हैं।

### 4. क्या इससे पहले भी उनकी जमानत याचिका पर कोई फैसला हुआ था?
हाँ, जून 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जब वे करीब 5 महीने से जेल में थे।

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