{
  "type": "article",
  "title": "92 लाख के गबन में 40 साल से फरार आरोपी साधु के वेश में गिरफ्तार, दौसा पुलिस ने दबोचा",
  "summary": "सीबीआई से चार दशक से छिप रहे 92 लाख रुपये के गबन के आरोपी बुद्धराम मीणा को दौसा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने साधु का वेश धारण कर लिया था और पीले वस्त्र पहनकर घूम रहा था।",
  "content": "दौसा जिले की मानपुर थाना पुलिस ने लगभग 40 साल से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की गिरफ्त से बच रहे गबन के एक आरोपी को धर दबोचा है। आरोपी पर करीब 92 लाख रुपये गबन करने का गंभीर आरोप है। अपराध को अंजाम देने के समय वह भारतीय राज्य व्यापार निगम में मुख्य मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था। कानून के हाथ से बचने के लिए उसने संतों की तरह रहना शुरू कर दिया और पीले रंग के वस्त्र पहनकर दौसा तथा करौली के ग्रामीण इलाकों में छिपकर फरारी काट रहा था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद पुलिस ने विशेष निगरानी रखी और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, जिसके बाद उसे सीबीआई को सौंप दिया गया।\n\nसाधु का वेश बनाकर काट रहा था फरारी\nमानपुर थाने के एसएचओ मांगीलाल मीणा के अनुसार, आरोपी बुद्धराम मीणा साल 1986 में भारतीय राज्य व्यापार निगम में मुख्य मार्केटिंग मैनेजर के पद पर तैनात था। उस दौर में उसके ऊपर लगभग 92 लाख रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा सीबीआई के पास था और आरोपी पिछले करीब 40 वर्षों से लगातार कानून की पकड़ से दूर भागता फिर रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान और हुलिया समय-समय पर पूरी तरह बदल लिया था। वह संत और महात्माओं की तरह पीले वस्त्र धारण करके रहता था और करौली तथा दौसा जिलों की सीमाओं पर स्थित गांवों में ठिकाने बदलकर छुपता फिर रहा था।\n\nपुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा\nपुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी साधु बनने के बावजूद लग्जरी गाड़ियों में सफर करता था, ताकि किसी को भी उसके पुराने आपराधिक मामलों पर शक न हो सके। इसी दौरान पुलिस महकमे को एक मुखबिर के मार्फत खास सूचना मिली कि आरोपी कड़ी कोठी और उसके आसपास के गांवों में अक्सर देखा जाता है। इस इनपुट के मिलने के बाद एसपी पीयूष दीक्षित के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने उसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। जब मुखबिर ने पुलिस को यह सूचना दी कि आरोपी कड़ी कोठी से मानपुर की तरफ आ रहा है, तो सतर्क टीम ने रास्ते में ही जाल बिछाकर उसे घेर लिया।\n\nमूल रूप से करौली जिले का है रहने वाला\nपुलिस ने साधु के लिबास में घूम रहे संदिग्ध व्यक्ति को मानपुर के नजदीक रोककर पूछताछ की और जब उसकी पहचान पूरी तरह पुख्ता हो गई, तब उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। लगभग चार दशकों से फरार चल रहे इस आरोपी को पकड़ने के बाद सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और उसे सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया। पकड़ा गया आरोपी बुद्धराम मीणा करौली जिले के टोडाभीम उपखंड के अंतर्गत आने वाले बालघाट थाना क्षेत्र के नांगल पहाड़ी गांव का मूल निवासी है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र की सटीकता का परिणाम है, जिसके चलते चार दशकों से छिपे आरोपी का राज खुला।\n\n• स्मार्ट सर्विलांस:पुलिस की पैनी नजर: एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया।\n• हुलिया बदलना:साधु का वेश: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पीले वस्त्र पहनकर अपनी पहचान छिपाई थी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आरोपी बुद्धराम मीणा कितने समय से फरार था?\nआरोपी करीब 40 साल से सीबीआई की गिरफ्त से फरार चल रहा था।\n\n2. गबन के समय आरोपी किस पद पर कार्यरत था?\nगबन के समय आरोपी भारतीय राज्य व्यापार निगम में मुख्य मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत था।\n\n3. आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए क्या ढोंग किया था?\nउसने संत का वेश धारण कर लिया था और पीले वस्त्र पहनकर अलग-अलग गांवों में घूमता था।\n\n4. आरोपी मूल रूप से किस जगह का रहने वाला है?\nवह करौली जिले के टोडाभीम के बालघाट थाना इलाके के नांगल पहाड़ी गांव का रहने वाला है।\n\n5. आरोपी को किस पुलिस थाने ने गिरफ्तार किया?\nदौसा जिले के मानपुर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/92-lakha-ke-gabana-men-40-sala-se-pharara-aropi-sadhu-ke-vesha-men-giraphtara-dausa-pulisa-ne-dabocha-39862",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-28",
  "tags": [
    "दौसा पुलिस",
    "सीबीआई कार्रवाई",
    "गबन मामला",
    "फरार आरोपी गिरफ्तार",
    "राजस्थान अपराध",
    "टोडाभीम"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}