अजमेर के मसूदा में रक्षाबंधन पर नाना के घर आए दो बच्चों के शव तालाब में मिलने से सनसनी अजमेर जिले के मसूदा इलाके में रक्षाबंधन पर अपनी मां के साथ आए दो मासूम भाई-बहन दो दिन से लापता थे, जिनके शव रविवार सुबह गांव के तालाब में मिले। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। राजस्थान के अजमेर जिले के अंतर्गत आने वाले मसूदा थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ दो दिन से लापता चल रहे दो सगे भाई-बहन के शव एक स्थानीय तालाब में मिले। इस हादसे के बाद पूरे देदपुरा गाँव में मातम पसर गया है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की सहायता से दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। रक्षाबंधन के जश्न के बीच गायब हुए थे बच्चे प्राप्त विवरण के अनुसार, जीवाना के रहने वाले शंकरसिंह की पत्नी प्यारी देवी रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के लिए अपनी सात साल की बेटी रीना कुमारी और बेटे नरेंद्र सिंह को साथ लेकर देदपुरा गाँव पहुँची थीं। गत 28 अगस्त को दोपहर करीब 1 बजे दोनों बच्चे घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गए थे। जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें आसपास तलाश किया और कोई पता नहीं चला, तो तुरंत मसूदा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस और ग्रामीणों का दो दिन तक चला सर्च अभियान घटना के बाद से ही पुलिस बल और परिजन पिछले 48 घंटों से लगातार आसपास के जंगलों तथा क्षेत्र में बच्चों की तलाश कर रहे थे। रामगढ़ चौकी प्रभारी ओमप्रकाश के मुताबिक, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार दो दिनों तक सघन खोजबीन अभियान चलाया गया। आखिरकार रविवार, 30 अगस्त की सुबह जब ग्रामीण और परिजन तालाब के आसपास ढूँढ रहे थे, तब पानी पर दोनों बच्चों के शव तैरते हुए नजर आए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए बच्चों के शव मिलने की खबर फैलते ही भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों को तालाब से बाहर निकलवाकर मसूदा उप जिला चिकित्सालय भेजा गया। चिकित्सालय की मोर्चरी में कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शवों को शोक संतप्त परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घटना के कारण पर्व की खुशियाँ मातम में बदल गईं और पुलिस इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। इसका आप पर असर इस हृदय विदारक घटना ने त्योहारी सीजन के दौरान बच्चों की सुरक्षा और जल स्रोतों के आसपास बरती जाने वाली एहतियात को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। • भारत में: देश भर में ग्रामीण इलाकों और त्योहारों के दौरान बच्चों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल मिलता है, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके। • अजमेर में: मसूदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों और अभिभावकों को अपने बच्चों को खुले तालाबों या जलाशयों से दूर रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहाँ पर हुई? यह घटना राजस्थान के अजमेर जिले के मसूदा थाना क्षेत्र के देदपुरा गाँव में हुई। 2. बच्चे कब लापता हुए थे? दोनों बच्चे 28 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे अचानक खेलते-खेलते गायब हो गए थे। 3. बच्चों के शव कहाँ मिले? दोनों बच्चों के शव रविवार सुबह गाँव के ही एक तालाब में तैरते हुए मिले। 4. शवों को बाहर किसने निकाला? मसूदा थाना पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से दोनों बच्चों के शवों को तालाब से बाहर निकाला। 5. पोस्टमार्टम के बाद क्या किया गया? मसूदा उप जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। https://trendkia.com/rajasthan/ajamera-ke-masuda-men-rakshabndhana-para-nana-ke-ghara-ae-do-bachchon-ke-shava-talaba-men-milane-se-sanasani-24838 TrendKia — Har trend, sabse pehle.