# अजमेर के इस 250 साल पुराने मंदिर में भादवा में उमड़ती है रामदेवरा जैसी भीड़

> अजमेर में पुष्कर रोड पर बना 250 साल पुराना पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी मंदिर भादवा महीने में जागरण और भजन संध्या के लिए मशहूर है, जो रामदेवरा नहीं जा पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ा विकल्प बन गया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/ajmer-ke-isa-250-sala-purane-mndira-men-bhadava-men-umarati-hai-ramdevra-jaisi-bhira-28365 · **Language:** Hindi
**Tags:** भादवा, बाबा रामदेव, अजमेर मंदिर, रामदेवरा, पुष्कर रोड, राजस्थान धार्मिक स्थल

राजस्थान में भादवा का महीना शुरू होते ही लोकदेवता बाबा रामदेव जी की भक्ति का माहौल पूरे प्रदेश में दिखने लगता है। हर साल लाखों श्रद्धालु जैसलमेर के रामदेवरा धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन करते हैं, लेकिन जो लोग किसी वजह से इतनी दूर नहीं जा पाते, उनके लिए अजमेर में ही एक ऐसा मंदिर है जहां वैसी ही आस्था और भक्ति देखने को मिलती है।

## 250 साल पुराना है यह मंदिर
अजमेर से पुष्कर जाने वाले रास्ते पर स्थित यह रामदेव मंदिर करीब 250 साल पुराना बताया जाता है। इसे पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है। सालों से यह मंदिर सिर्फ अजमेर शहर के लिए नहीं बल्कि आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए भी धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है।

## भादवा में जागरण और भजन संध्या
मंदिर के पुजारी के मुताबिक भादवा महीने में यहां कई तरह के आयोजन होते हैं। इस दौरान मंदिर में विशाल जागरण और भजन संध्या रखी जाती है, जिसमें राजस्थान के साथ-साथ दूसरी जगहों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। इस मौके पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत, जलते दीयों की रोशनी और जयकारों से पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। बाबा की दूज के दिन कई अलग-अलग जगहों से मंदिर में झंडा चढ़ाने के लिए लोग आते हैं।

## एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के दर्शन
पुजारी बताते हैं कि इस मंदिर परिसर में बाबा रामदेव जी के अलावा भगवान खाटू श्याम जी, राधा-कृष्ण और राम दरबार की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। इसके साथ ही यहां छह फीट ऊंची दक्षिणमुखी हनुमान जी की भव्य प्रतिमा भी है। एक ही जगह पर इतने देवी-देवताओं के दर्शन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और गहरी धार्मिक अनुभूति मिलती है।

## कैसे पहुंचें मंदिर तक
यह मंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर दूर पुष्कर रोड पर स्थित है। यहां तक बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आप अजमेर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे हैं तो इस मंदिर के दर्शन जरूर करें। प्राचीन आस्था, शांत वातावरण और भव्य मंदिर परिसर इसे श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण बनाते हैं।

## इसका आप पर असर
अगर आप बाबा रामदेव के भक्त हैं और जैसलमेर के रामदेवरा धाम नहीं जा पा रहे, तो अजमेर का यह मंदिर आपके लिए भादवा में दर्शन का बड़ा विकल्प बन सकता है।

- **भारत में:** राजस्थान के बाहर रहने वाले बाबा रामदेव के भक्तों के लिए भी यह जानकारी काम की है। जो लोग भादवा में जैसलमेर तक की लंबी और भीड़भाड़ वाली यात्रा नहीं कर पाते, वे अजमेर जैसे नजदीकी शहरों के पुराने रामदेव मंदिरों में दर्शन कर सकते हैं।
- **अजमेर में:** अजमेर और आसपास के गांवों के लोगों के लिए भादवा महीने में स्थानीय स्तर पर ही बड़ा धार्मिक आयोजन उपलब्ध है। पुष्कर रोड पर बने इस मंदिर में जागरण और भजन संध्या के दौरान भीड़ बढ़ेगी, इसलिए यातायात और पार्किंग की व्यवस्था पहले से देखकर निकलना बेहतर रहेगा।
- **पर्यटकों के लिए:** जो लोग अजमेर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे हैं, वे पुष्कर रोड पर सिर्फ 7 किलोमीटर की दूरी तय कर इस मंदिर को अपने यात्रा कार्यक्रम में आसानी से जोड़ सकते हैं।
- **आने-जाने में सुविधा:** मंदिर तक बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक साधनों से पहुंचा जा सकता है, इसलिए निजी वाहन न होने पर भी दर्शन करना मुश्किल नहीं है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर अजमेर में पुष्कर रोड पर, अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

### 2. इस मंदिर को किस नाम से जाना जाता है?
इसे पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है।

### 3. यह मंदिर कितना पुराना है?
यह मंदिर करीब 250 साल पुराना बताया जाता है।

### 4. भादवा महीने में यहां क्या खास आयोजन होता है?
भादवा में यहां विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

### 5. मंदिर परिसर में और किन देवी-देवताओं के दर्शन होते हैं?
यहां भगवान खाटू श्याम जी, राधा-कृष्ण, राम दरबार और छह फीट ऊंची दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमा के भी दर्शन होते हैं।

### 6. मंदिर तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
यहां तक बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।

### 7. बाबा की दूज पर मंदिर में क्या होता है?
बाबा की दूज पर अलग-अलग जगहों से लोग मंदिर में झंडा चढ़ाने आते हैं।

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